SIR के खिलाफ पटना में महागठबंधन का राजभवन मार्च, तेजस्वी बैरिकेडिंग पर चढ़े
पटना में गुरुवार को महागठबंधन ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजभवन मार्च निकाला। इस मार्च का नेतृत्व आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने किया।
पटना में गुरुवार को महागठबंधन ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर राजभवन मार्च निकाला। इस मार्च का नेतृत्व आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने किया। महागठबंधन ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई। साथ ही, चुनाव आयोग के खिलाफ लगाए जा रहे कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच की मांग भी प्रदर्शन का अहम हिस्सा रही।
मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाई। तेजस्वी यादव बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। मार्च के दौरान राजभवन जाने को लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव भी दिखा।
बाद में तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी और वाम दलों के नेता राज्यपाल से मिलने के लिए राजभवन पहुंचे। इस बीच पटना पुलिस ने साफ किया कि तेजस्वी यादव को हिरासत में नहीं लिया गया है।
महागठबंधन का आरोप है कि SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियों से लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। गठबंधन ने इसी मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग दोहराई।
वहीं, सत्ता पक्ष महागठबंधन के इन आरोपों को राजनीतिक विरोध की रणनीति बता रहा है। इस तरह SIR और चुनाव आयोग को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पटना में महागठबंधन ने मार्च क्यों निकाला?
महागठबंधन ने SIR और चुनाव आयोग को लेकर राजभवन मार्च निकाला। उसने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।
मार्च का नेतृत्व किसने किया?
मार्च का नेतृत्व आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने किया।
मार्च के दौरान क्या हुआ?
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग लगाई। तेजस्वी यादव बैरिकेडिंग पर चढ़ गए, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई।
क्या तेजस्वी यादव को हिरासत में लिया गया था?
नहीं, पटना पुलिस ने साफ किया कि तेजस्वी यादव को हिरासत में नहीं लिया गया था।
महागठबंधन के आरोपों पर सत्ता पक्ष का क्या कहना है?
सत्ता पक्ष महागठबंधन के आरोपों को राजनीतिक विरोध की रणनीति बता रहा है।
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