चंदौसी के आदमपुर में सात दिवसीय भागवत कथा का भंडारे संग समापन
संभल के चंदौसी क्षेत्र के ग्राम आदमपुर में पिछले 7 दिनों से चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का आज विधि-विधान के साथ भव्य समापन हो गया। कथा के समापन के बाद गांव में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
संभल के चंदौसी क्षेत्र के ग्राम आदमपुर में पिछले 7 दिनों से चल रही संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का आज विधि-विधान के साथ भव्य समापन हो गया। कथा के समापन के बाद गांव में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
आदमपुर गांव में पाल समाज के लोगों ने श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन कराया था। 7 दिनों तक कथा वाचक ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भागवत महात्म्य और जीवन के सत्यों पर प्रवचन दिए। कथा के दौरान रोजाना सैकड़ों महिला-पुरुष भक्त कथा सुनने के लिए पहुंचते रहे।
पूरे आयोजन के दौरान आदमपुर गांव में भक्तिमय माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने कथा में शामिल होकर प्रवचन सुने। आयोजकों और ग्रामीणों की ओर से कथा को सफल बनाने के लिए सहयोग किया गया।
कथा के अंतिम दिन हवन-पूजन और व्यास पूजा कराई गई। इसके साथ ही श्रीमद् भागवत कथा का समापन किया गया। इसके बाद समस्त ग्रामवासियों और पाल समाज के सहयोग से विशाल भंडारा शुरू हुआ।
भंडारे में पूड़ी-सब्जी और हलवा का प्रसाद वितरित किया गया। गांव के सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान सामाजिक एकता की मिसाल भी देखने को मिली।
आयोजकों ने बताया कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से गांव में सुख-शांति और आपसी भाईचारा बना रहता है। उन्होंने कहा कि कथा के दौरान सभी ग्रामीणों ने तन-मन-धन से सहयोग किया।
समापन कार्यक्रम में पाल समाज के वरिष्ठजन, ग्राम प्रधान, क्षेत्र के गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आदमपुर में आयोजित इस 7 दिवसीय कथा के बाद हुए भंडारे में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन का समापन किया।
रजत मल्होत्रा, संभल / चंदौसी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आदमपुर में भागवत कथा का समापन कब हुआ?
आदमपुर गांव में सात दिनों से चल रही श्रीमद् भागवत कथा का आज विधि-विधान के साथ समापन हुआ।
श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किसने कराया था?
आदमपुर गांव में पाल समाज के लोगों ने श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन कराया था।
कथा के समापन के बाद क्या आयोजन हुआ?
कथा के समापन के बाद गांव में विशाल भंडारा हुआ, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
भंडारे में क्या प्रसाद बांटा गया?
भंडारे में पूड़ी-सब्जी और हलवा का प्रसाद बांटा गया।
कथा के अंतिम दिन कौन-कौन से धार्मिक कार्यक्रम हुए?
अंतिम दिन हवन-पूजन और व्यास पूजा कराई गई।
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