घुमारवीं में सीर उत्सव शुरू, 700 प्रतिभागियों ने लगाई मैराथन दौड़
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर बिलासपुर जिला के घुमारवीं में जिला स्तरीय दो दिवसीय सीर उत्सव का शुभारंभ हुआ। उत्सव की शुरुआत ‘रन फॉर जेंडर इक्वालिटी’ थीम पर आयोजित मैराथन के साथ की गई।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर बिलासपुर जिला के घुमारवीं में जिला स्तरीय दो दिवसीय सीर उत्सव का शुभारंभ हुआ। उत्सव की शुरुआत ‘रन फॉर जेंडर इक्वालिटी’ थीम पर आयोजित मैराथन के साथ की गई। इस मौके पर हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।
शुक्रवार को आयोजित इस मैराथन में घुमारवीं शहर के साथ-साथ आसपास की पंचायतों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सीरखड्ड पुल से बाड़ी मझेड़वां तक आयोजित मैराथन में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित करीब 1200 से अधिक लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। इनमें से लगभग 700 प्रतिभागियों ने अलग-अलग आयु वर्गों में दौड़ लगाई।
मैराथन के जरिए लैंगिक समानता का संदेश दिया गया। इसके साथ ही स्वस्थ जीवनशैली, फिटनेस, स्वच्छ पर्यावरण और जल संरक्षण को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ दौड़ में हिस्सा लिया। दौड़ के दौरान प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखने को मिला।
आयोजित मैराथन में अलग-अलग आयु वर्गों के लिए अलग दूरी तय की गई थी। अंडर-14 और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के प्रतिभागियों के लिए तीन किलोमीटर की दौड़ रखी गई थी। वहीं, अन्य आयु वर्गों के प्रतिभागियों को छह किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी थी।
हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने भी मैराथन में प्रतिभागी के रूप में हिस्सा लिया। उन्होंने 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में दौड़ लगाई और इसे पूरा किया। मंत्री के दौड़ में शामिल होने से दूसरे प्रतिभागियों का भी उत्साह बढ़ा। उन्होंने कहा कि फिटनेस को जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि जरूरी है।
राजेश धर्माणी ने कहा, “प्रतिदिन कुछ समय रनिंग, पैदल चलने, योग अथवा हल्की कसरत के लिए निकालकर स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है।” उन्होंने लोगों को नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियों के लिए समय निकालने का संदेश दिया। उनके मुताबिक रोजमर्रा की जीवनशैली में रनिंग, पैदल चलना, योग और हल्की कसरत को शामिल किया जा सकता है।
मैराथन के समापन अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री ने विभिन्न आयु वर्गों के विजेताओं को मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीर उत्सव केवल आस्था और परंपरा से जुड़ा आयोजन नहीं है। इसके माध्यम से समाज में लैंगिक समानता, स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण संदेश भी पहुंचाए जा रहे हैं।
मंत्री राजेश धर्माणी ने लोगों से सीरखड्ड को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने की अपील की। उन्होंने जलस्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान भी किया। उन्होंने कहा कि सीर उत्सव के जरिए परंपरा और आस्था के साथ-साथ समाज से जुड़े इन जरूरी संदेशों को भी लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
मैराथन के अंडर-14 छात्रा वर्ग में तमन्ना प्रथम, नव्या द्वितीय और ममता तृतीय रहीं। अंडर-19 छात्रा वर्ग में हरिदिमा ठाकुर ने पहला स्थान हासिल किया। सुदीक्षा सिंह दूसरे और नेहा तीसरे स्थान पर रहीं। अंडर-19 छात्र वर्ग में अनमोल कुमार प्रथम, रेहान द्वितीय और राहुल तृतीय रहे।
20 वर्ष से अधिक आयु महिला वर्ग में अंशुल प्रथम, पायल रानी द्वितीय और वंशिका तृतीय रहीं। इसी आयु वर्ग के पुरुष वर्ग में अंकित प्रथम, अंकित द्वितीय और मनोज तृतीय रहे। इस वर्ग के परिणाम में प्रथम और द्वितीय स्थान पर अंकित का नाम दर्ज किया गया।
40 वर्ष से अधिक आयु पुरुष वर्ग में मदन सिंह प्रथम, नरेश द्वितीय और सुनील कुमार तृतीय रहे। 40 वर्ष से अधिक आयु महिला वर्ग में स्नेहलता ने पहला स्थान हासिल किया। रक्षा दूसरे और सरोज तीसरे स्थान पर रहीं। 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में गोपाल प्रथम, जगदीश चंद्र द्वितीय तथा राजकुमार और रमेश चंद्र संयुक्त रूप से तृतीय रहे। 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में पुष्पा विजेता रहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सीर उत्सव की शुरुआत किस कार्यक्रम से हुई?
घुमारवीं में सीर उत्सव की शुरुआत ‘रन फॉर जेंडर इक्वालिटी’ थीम पर आयोजित मैराथन से हुई।
मैराथन में कितने लोगों ने हिस्सा लिया?
मैराथन में 1200 से ज्यादा लोग पहुंचे, जबकि करीब 700 प्रतिभागियों ने अलग-अलग आयु वर्गों में दौड़ लगाई।
मैराथन में अलग-अलग आयु वर्गों के लिए कितनी दूरी रखी गई थी?
अंडर-14 और 60 साल से ज्यादा उम्र के प्रतिभागियों के लिए 3 किलोमीटर, जबकि अन्य आयु वर्गों के लिए 6 किलोमीटर की दौड़ रखी गई थी।
मैराथन के जरिए कौन से संदेश दिए गए?
मैराथन के जरिए लैंगिक समानता, स्वस्थ जीवनशैली, फिटनेस, स्वच्छ पर्यावरण और जल संरक्षण का संदेश दिया गया।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने मैराथन में क्या किया?
राजेश धर्माणी ने 50 साल से ज्यादा आयु वर्ग में मैराथन में दौड़ लगाई और इसे पूरा किया।
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