ममता बनर्जी ने टीएमसी में बड़ा बदलाव किया, सायोनी घोष और माला
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी में संगठनात्मक बदलाव करते हुए सायोनी घोष और माला रॉय को उनके पदों से हटा दिया। सायोनी को यूथ विंग अध्यक्ष पद से हटाकर अण्रब बनर्जी को जिम्मेदारी दी गई, जबकि माला रॉय की जगह अलीफा अहमद को महिला मोर्चा अध्यक्ष बनाया गया।
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने पार्टी में बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए सांसद सायोनी घोष और माला रॉय को उनके पदों से हटा दिया है। सायोनी घोष को यूथ विंग के अध्यक्ष पद से हटाकर युवा नेता अर्णब बनर्जी को यह जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, माला रॉय की जगह महिला मोर्चा की अध्यक्ष के रूप में नादिया जिले के कालीगंज से विधायक अलीफा अहमद को नियुक्त किया गया है।
पार्टी में यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब टीएमसी अंदरूनी कलह से जूझ रही है। 3 जून को 58 विधायकों ने अलग गुट बना लिया था, जिसके बाद ममता बनर्जी ने पार्टी की सभी कमेटियां भंग कर दी थीं। 5 जून को उन्होंने नई कमेटी बनाने की प्रक्रिया शुरू की और सायोनी और माला को नई जिम्मेदारियां सौंपी। लेकिन 8 जून को 20 सांसदों का एक और बागी गुट सामने आ गया, जिसमें सायोनी घोष और माला रॉय भी शामिल थीं।
इसके बाद 12 जून को ममता बनर्जी ने एक अहम बैठक बुलाई और दोनों महिला सांसदों को उनके पदों से हटाने का फैसला लिया। हालांकि, इस बदलाव की जानकारी सार्वजनिक रूप से रविवार को सामने आई।
टीएमसी के एक वरिष्ठ राज्यसभा सांसद ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि यह फैसला तीन दिन पहले हुई बैठक में ही लिया गया था। पार्टी के अंदरूनी विवाद और बागी गुटों के उभरने के बीच ममता बनर्जी का यह कदम संगठन को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है।
टीएमसी में चल रही इस खींचताने पार्टी के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, ममता बनर्जी ने इन बदलावों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ममता बनर्जी ने टीएमसी में क्या बदलाव किए हैं?
ममता बनर्जी ने सांसद सायोनी घोष को यूथ विंग के अध्यक्ष पद से हटाकर अर्णब बनर्जी को यह जिम्मेदारी दी है। साथ ही, माला रॉय की जगह अलीफा अहमद को महिला मोर्चा की अध्यक्ष बनाया गया है।
यह संगठनात्मक बदलाव कब किया गया?
ममता बनर्जी ने 12 जून को बैठक में यह फैसला लिया था, लेकिन यह जानकारी रविवार को सार्वजनिक रूप से सामने आई।
टीएमसी में अंदरूनी कलह क्यों हुई?
3 जून को 58 विधायकों ने अलग गुट बना लिया था। इसके बाद 8 जून को 20 सांसदों का एक और बागी गुट सामने आया, जिसमें सायोनी घोष और माला रॉय भी शामिल थे।
ममता बनर्जी ने इन बदलावों से क्या संदेश देना चाहा है?
ममता बनर्जी ने इन बदलावों के जरिए यह संदेश दिया है कि पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पार्टी को संगठन को मजबूत करने के लिए सख्त कदम उठाएंगी।
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