संभल के पत्रकार संजय राणा ने एमए में गोल्ड मेडल जीता
संभल के निर्भीक पत्रकार संजय राणा ने एम.ए. में गोल्ड मेडल जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। परास्नातक की परीक्षा में सर्वोच्च अंक हासिल कर उन्होंने प्रथम रैंक प्राप्त की।
संभल के निर्भीक पत्रकार संजय राणा ने एम.ए. में गोल्ड मेडल जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। परास्नातक की परीक्षा में सर्वोच्च अंक हासिल कर उन्होंने प्रथम रैंक प्राप्त की। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय ने उन्हें स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया। रजत मल्होत्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, संजय राणा की इस सफलता से संभल जिले के साथ-साथ पूरे उत्तर प्रदेश का नाम रोशन हुआ है।
संजय राणा संभल जिले के अग्रणी और लोकप्रिय पत्रकार हैं। वह अपनी निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। एम.ए. की परीक्षा में सर्वोच्च अंक हासिल करना उनकी शैक्षणिक उपलब्धि है। प्रथम रैंक मिलने के बाद उन्हें गोल्ड मेडल दिया गया।
संजय राणा ने अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा भी प्राप्त किया है। उनकी शैक्षणिक योग्यता और व्यावहारिक समझ का यह संगम पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके काम में दिखाई देता है। उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में एक नया मुकाम हासिल किया है।
वह पिछले कई वर्षों से लगातार इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया के माध्यम से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज बनते रहे हैं। संभल जिले में उनकी पहचान एक ईमानदार, बेबाक और जनहितैषी पत्रकार के रूप में होती है।
संजय राणा गरीबों और बेसहारा लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से शासन-प्रशासन के सामने उठाते हैं। जनहित से जुड़े सामाजिक मुद्दों पर वह बिना किसी दबाव के निर्भीक होकर रिपोर्टिंग करते हैं। भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ भी वह अपनी कलम और माइक के जरिए आवाज बुलंद करते हैं।
गोल्ड मेडल और पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा की इस दोहरी सफलता की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव तथा पूरे चंदौसी और संभल क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। परिजनों, मित्रों, साथी पत्रकारों और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी।
क्षेत्र के गणमान्य लोगों का कहना है, "संजय राणा ने अपनी मेहनत, ईमानदारी और लगन से यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो कोई भी लक्ष्य नामुमकिन नहीं है। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।"
संजय राणा को बधाई देने वालों में स्थानीय जनप्रतिनिधि, समाज सेवी, वरिष्ठ पत्रकार और क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक शामिल रहे। उनके गोल्ड मेडल हासिल करने और डिप्लोमा प्राप्त करने की उपलब्धि को क्षेत्र में खास तौर पर सराहा जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संजय राणा ने एम.ए. में क्या उपलब्धि हासिल की?
उन्होंने एम.ए. की परीक्षा में सर्वोच्च अंक लेकर प्रथम रैंक हासिल की और गोल्ड मेडल जीता।
संजय राणा को गोल्ड मेडल किसने दिया?
विश्वविद्यालय ने उन्हें गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया।
संजय राणा किस तरह की पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं?
वह निर्भीक, निष्पक्ष, ईमानदार और जनहितैषी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं।
संजय राणा ने पत्रकारिता से जुड़ी कौन-सी अतिरिक्त पढ़ाई की है?
उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा भी प्राप्त किया है।
संजय राणा की सफलता पर क्षेत्र में क्या प्रतिक्रिया रही?
उनके पैतृक गांव, चंदौसी और संभल क्षेत्र में खुशी का माहौल रहा और लोगों ने उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी।
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