आरपीजी समूह ने मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन, टायर और आईटी निवेश में रुचि दिखाई
मुंबई, गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन, टायर निर्माण और आईटी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को लेकर आरपीजी समूह ने रुचि दिखाई है।
मुंबई, गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन, टायर निर्माण और आईटी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को लेकर आरपीजी समूह ने रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुंबई के होटल द सेंट रेजिस में आयोजित 'मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं पर संवाद' कार्यक्रम के तहत आरपीजी समूह के अध्यक्ष हर्ष गोयनका से मुलाकात की। इस दौरान राज्य में अलग-अलग क्षेत्रों में संभावित निवेश को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में विद्युत पारेषण, टायर निर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। आरपीजी समूह की ओर से मध्यप्रदेश में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने और संभावित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई।
जबलपुर में ट्रांसमिशन क्षेत्र में निवेश की संभावना पर भी बातचीत हुई। बैठक के दौरान हर्ष गोयनका ने जबलपुर में निवेश कर विद्युत पारेषण क्षेत्र में काम करने की इच्छा व्यक्त की। इस प्रस्ताव के तहत मध्यप्रदेश की औद्योगिक अवसंरचना, राज्य की भौगोलिक स्थिति, कुशल कार्यबल और सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों का लाभ लेने की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
चर्चा में यह भी देखा गया कि इन सुविधाओं के आधार पर राज्य में नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की कितनी संभावनाएं हैं। जबलपुर में विद्युत पारेषण क्षेत्र से जुड़े निवेश के लिए आगे की प्रक्रिया और संभावित अवसरों पर भी विचार किया गया।
टायर निर्माण के क्षेत्र में निवेश के लिए रतलाम, सागर और जबलपुर संभावित स्थानों के रूप में सामने आए। आरपीजी समूह ने मध्यप्रदेश की केंद्रीय भौगोलिक स्थिति और कच्चे माल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए राज्य में टायर निर्माण इकाई स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की।
इन तीनों स्थानों पर उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और निवेश के लिए जरूरी अन्य आवश्यकताओं का आकलन किया जाएगा। इसके बाद टायर प्लांट के लिए आगे की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है। बैठक में रतलाम, सागर और जबलपुर में संभावित निवेश स्थलों से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हुई।
आईटी क्षेत्र में निवेश को लेकर भी बैठक में सकारात्मक चर्चा हुई। आरपीजी समूह की टीम ने संभावित निवेश स्थलों का दौरा करने की इच्छा व्यक्त की। इस दौरे के दौरान जरूरी सुविधाओं और व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन किया जाएगा।
इसी क्रम में उज्जैन के आईटी बिल्ट-अप पार्क में उपलब्ध प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के इस्तेमाल की संभावना पर भी बातचीत हुई। इन सुविधाओं के जरिए समूह को तैयार बुनियादी ढांचे के माध्यम से आईटी क्षेत्र में अपनी गतिविधियां शुरू करने का अवसर मिल सकता है। उज्जैन में आईटी निवेश के लिए उपलब्ध सुविधाओं और कारोबारी संभावनाओं को समझने के बाद आगे की दिशा तय की जा सकती है।
बैठक में संभावित परियोजनाओं के लिए उपयुक्त भूमि की उपलब्धता पर भी विचार किया गया। इसके साथ ही जरूरी अनुमतियों, निवेश को बढ़ावा देने वाले प्रोत्साहनों और एकल-खिड़की व्यवस्था के जरिए सहयोग उपलब्ध कराने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
प्राथमिकता वाले निवेश प्रस्तावों और संभावित स्थानों की पहचान कर आगे की प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया गया। निवेश से जुड़े प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार और आरपीजी समूह के बीच जरूरी समन्वय पर भी विचार किया गया।
आरपीजी समूह अवसंरचना, मोबिलिटी, टायर, सूचना प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा समाधान और उभरती प्रौद्योगिकियों सहित कई क्षेत्रों में काम करने वाला प्रमुख भारतीय औद्योगिक समूह है। समूह के प्रमुख व्यवसायों में केईसी इंटरनेशनल, सिएट और जेनसार टेक्नोलॉजीज शामिल हैं।
आरपीजी समूह की वैश्विक मौजूदगी छह महाद्वीपों के 135 से अधिक देशों में है। समूह अलग-अलग क्षेत्रों में अपने अनुभव और कारोबारी गतिविधियों के आधार पर मध्यप्रदेश में भी निवेश की नई संभावनाओं पर विचार कर रहा है।
आरपीजी समूह का मध्यप्रदेश से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। वर्ष 1951 से आरपीजी ट्रांसमिशन लिमिटेड के माध्यम से समूह की राज्य में उपस्थिति रही है। समूह की प्रमुख कंपनी केईसी इंटरनेशनल ने नीमच अंतरराज्यीय पारेषण प्रणाली सहित मध्यप्रदेश की विद्युत पारेषण अवसंरचना के विकास में योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और हर्ष गोयनका के बीच हुई इस चर्चा से मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन, टायर निर्माण और आईटी जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है। बैठक में संभावित स्थानों, उपलब्ध सुविधाओं और निवेश प्रस्तावों को आगे ले जाने की प्रक्रिया पर हुई बातचीत को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आरपीजी समूह ने मध्यप्रदेश में किन क्षेत्रों में निवेश में रुचि दिखाई?
आरपीजी समूह ने ट्रांसमिशन, टायर निर्माण और आईटी क्षेत्र में निवेश में रुचि दिखाई है।
जबलपुर में किस तरह के निवेश पर चर्चा हुई?
जबलपुर में विद्युत पारेषण यानी ट्रांसमिशन क्षेत्र में निवेश की संभावना पर चर्चा हुई।
मध्यप्रदेश में टायर प्लांट के लिए कौन-कौन सी जगहें संभावित हैं?
रतलाम, सागर और जबलपुर को टायर निर्माण इकाई के लिए संभावित स्थानों के रूप में देखा गया।
आईटी निवेश के लिए उज्जैन में कौन सी सुविधा उपलब्ध है?
उज्जैन के आईटी बिल्ट-अप पार्क में प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनके जरिए आरपीजी समूह तैयार बुनियादी ढांचे से आईटी गतिविधियां शुरू कर सकता है।
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