राशन कार्ड वालों के लिए बड़ी खबर: आयुष्मान कार्ड से मिलेगा 5 लाख तक का मुफ्त इलाज, ऐसे चेक करें अस्पताल
बिहार में राशन कार्ड धारकों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत योजना के तहत हर साल प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ मिलेगा। इसके लिए पात्र परिवारों को आयुष्मान कार्ड बनवाना होगा।
राशन कार्ड: अगर आपके पास राशन कार्ड है, तो यह खबर आपके परिवार के लिए काफी काम की हो सकती है। बिहार में राशन कार्ड धारकों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत योजना के तहत हर साल प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए पात्र परिवारों को आयुष्मान कार्ड बनवाना होगा।
देशभर में भी आयुष्मान भारत PM-JAY के तहत पात्र परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। केंद्र सरकार के अनुसार अगस्त 2026 तक देशभर में 45.5 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके थे और 38,466 से ज्यादा सरकारी व निजी अस्पताल योजना से जुड़े थे।
राशन कार्ड से कैसे मिलेगा आयुष्मान कार्ड का फायदा?
बिहार में राशन कार्ड को परिवार की पहचान के लिए इस्तेमाल करते हुए लाभार्थी सूची में नाम चेक किया जा सकता है। इसके लिए PM-JAY के आधिकारिक Beneficiary Portal या Ayushman App का इस्तेमाल किया जा सकता है।
प्रक्रिया इस तरह है:
- beneficiary.nha.gov.in पर जाएं या Ayushman App खोलें।
- Beneficiary विकल्प चुनकर मोबाइल नंबर से OTP के जरिए लॉगिन करें।
- अपना राज्य, जिला और संबंधित योजना चुनें।
- Family ID के विकल्प में राशन कार्ड नंबर या उपलब्ध पहचान विवरण से परिवार को खोजें।
- स्क्रीन पर परिवार के पात्र सदस्यों की जानकारी दिखाई देगी।
- पात्र सदस्य के सामने e-KYC का विकल्प मिलने पर Aadhaar OTP, फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन से सत्यापन करें।
- e-KYC पूरा होने के बाद आयुष्मान कार्ड जनरेट और डाउनलोड किया जा सकता है।
ऑनलाइन नहीं बनवा पा रहे तो राशन की दुकान या CSC जाएं
अगर ऑनलाइन प्रक्रिया मुश्किल लग रही है, तो ऑफलाइन विकल्प भी मौजूद हैं। बिहार में लाभार्थी नजदीकी CSC, PDS डीलर या सरकारी अस्पताल के आयुष्मान मित्र से संपर्क कर सकते हैं। कार्ड बनवाते समय आधार कार्ड और राशन कार्ड साथ रखना उपयोगी रहेगा।
यह बात खास तौर पर उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है जिनके पास इंटरनेट या ऑनलाइन e-KYC की सुविधा आसानी से उपलब्ध नहीं है।
5 लाख रुपये का मतलब क्या है?
आयुष्मान कार्ड के तहत पात्र परिवार को हर साल 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। यह मुख्य रूप से योजना के तहत आने वाले सेकेंडरी और टर्शियरी अस्पताल में भर्ती वाले इलाज के लिए है। बिहार सरकार की जानकारी के अनुसार PM-JAY के तहत कैशलेस और पेपरलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि कार्ड दिखाते ही किसी भी तरह का इलाज हर अस्पताल में मुफ्त हो जाएगा।
सबसे जरूरी बात: हर अस्पताल में नहीं मिलेगा मुफ्त इलाज
राशन कार्ड या आयुष्मान कार्ड होने का मतलब यह नहीं है कि आप किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में जाकर मुफ्त इलाज करा सकते हैं।
इलाज के लिए अस्पताल का Ayushman Bharat PM-JAY के तहत empanelled यानी सूचीबद्ध होना जरूरी है। इस नेटवर्क में सरकारी अस्पतालों के साथ कई निजी अस्पताल भी शामिल हैं।
इसलिए अस्पताल जाने से पहले उसकी सूची में स्थिति जरूर जांच लें।
घर बैठे ऐसे चेक करें कौन-सा अस्पताल आयुष्मान से जुड़ा है
इसके लिए National Health Authority के अस्पताल खोज पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- आधिकारिक hospital search portal खोलें।
- वहां PIN code, जिला या अस्पताल के नाम से खोज सकते हैं।
- Search करने पर पता चल जाएगा कि संबंधित अस्पताल आयुष्मान योजना में पंजीकृत है या नहीं।
इससे इलाज के समय अस्पताल में कार्ड स्वीकार होने को लेकर अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है।
बिहार से बाहर भी काम आ सकता है कार्ड
आयुष्मान भारत की एक अहम सुविधा portability है। केंद्र सरकार के अनुसार योजना में अंतर-राज्यीय portability के जरिए पात्र लाभार्थी दूसरे राज्यों में भी empanelled अस्पतालों में इलाज ले सकते हैं।
यानी अगर कोई पात्र व्यक्ति दूसरे राज्य में मौजूद है और वहां इलाज की जरूरत पड़ती है, तो उसे केवल अपने गृह जिले तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है। हालांकि संबंधित अस्पताल का योजना के तहत empanelled होना जरूरी है।
70 साल से ज्यादा उम्र वालों के लिए भी बड़ा फायदा
आयुष्मान योजना का दायरा 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों तक भी बढ़ाया गया है। केंद्र सरकार के अनुसार Ayushman Vay Vandana के तहत 70+ उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक-आर्थिक स्थिति से अलग स्वास्थ्य कवर दिया जा रहा है।
इसलिए घर में अगर कोई वरिष्ठ नागरिक 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र का है, तो उसका अलग से पात्रता सत्यापन जरूर कराना चाहिए।
राशन कार्ड है तो पहले ये 4 काम करें
अगर आपके परिवार के पास राशन कार्ड है, तो ये चार चीजें जरूर जांच लें:
- लाभार्थी सूची में परिवार का नाम है या नहीं।
- परिवार के पात्र सदस्यों का e-KYC पूरा है या नहीं।
- सभी पात्र सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बने हैं या नहीं।
- इलाज से पहले नजदीकी empanelled अस्पताल की जानकारी चेक की गई है या नहीं।
योजना का लाभ लेने में सबसे बड़ी गलती यही हो सकती है कि लोग सीधे किसी अस्पताल पहुंच जाएं और बाद में पता चले कि वह अस्पताल योजना में सूचीबद्ध ही नहीं है।
सिर्फ कार्ड होना ही काफी नहीं
एक और जरूरी बात यह है कि 5 लाख रुपये का कवर हर मेडिकल खर्च के लिए खुला हुआ पैसा नहीं है। योजना में निर्धारित उपचार और पैकेज के अनुसार ही लाभ मिलता है। सामान्य OPD, हर तरह की जांच या ऐसी सेवाएं जो योजना के दायरे में नहीं आतीं, उन्हें मुफ्त मान लेना सही नहीं होगा।
इसलिए किसी बड़े इलाज से पहले अस्पताल के Ayushman help desk या Ayushman Mitra से संबंधित package और eligibility की पुष्टि करना बेहतर है।
राशन कार्ड से जुड़ी खबर क्यों है महत्वपूर्ण?
राशन कार्ड देश के लाखों परिवारों के लिए पहले से ही जरूरी दस्तावेज है। बिहार में इसे आयुष्मान/मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थी सत्यापन से जोड़ने की प्रक्रिया ने ऐसे परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंच आसान करने की कोशिश की है, जिनके लिए महंगा अस्पताल इलाज बड़ी आर्थिक समस्या बन सकता है।
इसलिए अगर आपके पास राशन कार्ड है, तो सिर्फ राशन मिलने तक इसे सीमित न समझें। अपनी पात्रता की जांच करना और परिवार के सदस्यों के आयुष्मान कार्ड की स्थिति देखना फायदेमंद हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राशन कार्ड धारकों को आयुष्मान योजना में कितना मुफ्त इलाज मिल सकता है?
पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य कवर मिल सकता है।
आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं?
beneficiary.nha.gov.in पर जाएं या Ayushman App खोलें, मोबाइल OTP से लॉगिन करें, राशन कार्ड नंबर से परिवार खोजें और e-KYC पूरा करें। इसके बाद कार्ड जनरेट और डाउनलोड किया जा सकता है।
ऑनलाइन आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा हो तो क्या करें?
नजदीकी CSC, PDS डीलर या सरकारी अस्पताल के आयुष्मान मित्र से संपर्क करें। साथ में आधार कार्ड और राशन कार्ड रखें।
क्या आयुष्मान कार्ड से हर अस्पताल में मुफ्त इलाज मिलता है?
नहीं, मुफ्त इलाज के लिए अस्पताल का Ayushman Bharat PM-JAY के तहत सूचीबद्ध होना जरूरी है। अस्पताल जाने से पहले उसकी स्थिति जांच लें।
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