हाथरस में रामनवमी पर देवी मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
हाथरस में सोमवार को रामनवमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पर्व के मौके पर सुबह से ही शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी।
हाथरस में सोमवार को रामनवमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पर्व के मौके पर सुबह से ही शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। मंदिरों में भक्तों की आवाजाही लगातार बनी रही और देवी मां के जयकारों से पूरे परिसर गूंजते रहे।
रामनवमी पर लोगों ने घरों और मंदिरों में हवन और पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने देवी मां के दर्शन किए और जलाभिषेक किया। इसके बाद लौंग, गुग्गल, कपूर, सिंदूर और पुष्प सहित पूजा सामग्री से विधि-विधान के साथ देवी मां की पूजा की गई।
घर-घर और मंदिरों में पूड़ी, चना और हलवे का भोग लगाया गया। भोग लगाने के बाद कन्या-लांगुरों को भोजन कराया गया और उनका पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने कन्या-लांगुरों को भोजन कराने के बाद प्रसाद वितरित किया। मंदिरों में आने वाले भक्तों ने भी प्रसाद ग्रहण किया।
शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में मां के मनोहारी श्रृंगार के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर में लगातार देवी मां के जयकारे सुनाई देते रहे। इससे मंदिरों का माहौल भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालु पूजा-अर्चना में जुटे रहे।
नवरात्र के दौरान व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने कन्या पूजन और प्रसाद ग्रहण करने के बाद अपने व्रत खोले। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की आवाजाही बनी रही। श्रद्धालुओं ने देवी मां से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की और आशीर्वाद लिया।
रामनवमी को लेकर शहर में घरों से लेकर मंदिरों तक धार्मिक उत्साह दिखाई दिया। श्रद्धालु पूजा की सामग्री लेकर देवी मंदिरों में पहुंचे और दर्शन-पूजन किया। मंदिरों में उमड़ी भीड़ के बीच लोगों ने भोग, कन्या पूजन और प्रसाद वितरण की परंपरा पूरी की।
वहीं, प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए। मंदिरों पर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिसकर्मियों ने श्रद्धालुओं की भीड़ और आवागमन पर नजर रखी तथा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस में रामनवमी का पर्व कैसे मनाया गया?
हाथरस में रामनवमी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। सुबह से देवी मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।
रामनवमी पर देवी मंदिरों में कौन-कौन सी पूजा की गई?
श्रद्धालुओं ने हवन, पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया। लौंग, गुग्गल, कपूर, सिंदूर और फूलों से देवी मां की पूजा की गई।
रामनवमी पर भोग में क्या चढ़ाया गया?
घर-घर और मंदिरों में पूड़ी, चना और हलवे का भोग लगाया गया। इसके बाद कन्या-लांगुरों को भोजन कराया गया और प्रसाद बांटा गया।
नवरात्र में व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने व्रत कब खोले?
व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने कन्या पूजन और प्रसाद ग्रहण करने के बाद अपने व्रत खोले।
मंदिरों में भीड़ को देखते हुए क्या इंतजाम किए गए?
प्रमुख देवी मंदिरों में पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिसकर्मियों ने भीड़ और आवागमन पर नजर रखकर व्यवस्था बनाए रखने में मदद की।
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