रायबरेली जेल में गांधी-शास्त्री जयंती पर हुए कई कार्यक्रम
रायबरेली जिला कारागार में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर आज श्रद्धा और गरिमापूर्ण वातावरण में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए।
रायबरेली जिला कारागार में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर आज श्रद्धा और गरिमापूर्ण वातावरण में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में अधिकारियों, कारागार कर्मियों और बंदियों ने दोनों महापुरुषों को याद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत कारागार के मुख्य द्वार पर ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद महात्मा गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्रों पर माल्यार्पण किया गया और पुष्प अर्पित किए गए। इस मौके पर मौजूद अधिकारियों और कारागार कर्मियों ने दोनों महापुरुषों के जीवन, उनके आदर्शों और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक प्रभात सिंह ने महात्मा गांधी जी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और मानवता के संदेश पर प्रकाश डाला। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के आदर्शों के बारे में भी बताया। बंदियों को दोनों महापुरुषों के जीवन-मूल्यों से प्रेरणा लेने के लिए कहा गया।
बंदियों को सकारात्मक सोच रखने और अनुशासित जीवन अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान कारागार परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसके साथ ही स्वच्छता और नशामुक्ति को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। बंदियों ने सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर कारागार में निरुद्ध बंदियों के बीच महात्मा गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी से संबंधित प्रश्नोत्तरी कराई गई। सही उत्तर देने वाले बंदियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान दोनों महापुरुषों के विचारों और उनके जीवन से जुड़े मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया गया।
कारागार प्रशासन ने कहा कि महापुरुषों की जयंती केवल उन्हें याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का भी मौका है। प्रशासन ने कहा कि सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, अनुशासन और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्ध रहना जरूरी है।
कार्यक्रम के अंत में मौजूद सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और बंदियों को सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, अनुशासन तथा राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संकल्प दिलाया गया। कार्यक्रम के दौरान कारागार के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रायबरेली जिला कारागार में गांधी-शास्त्री जयंती पर कार्यक्रम की शुरुआत कैसे हुई?
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य द्वार पर ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ हुई।
कार्यक्रम में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के किन आदर्शों पर जोर दिया गया?
महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और मानवता के संदेश तथा लाल बहादुर शास्त्री की सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के आदर्शों पर जोर दिया गया।
रायबरेली जेल में बंदियों के लिए कौन-कौन से कार्यक्रम हुए?
बंदियों ने सांस्कृतिक और जागरूकता कार्यक्रम प्रस्तुत किए। उनके बीच गांधी जी और शास्त्री जी से जुड़ी प्रश्नोत्तरी भी कराई गई और सही जवाब देने वालों को पुरस्कार दिया गया।
जेल परिसर में किस तरह का अभियान चलाया गया?
जेल परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया और स्वच्छता व नशामुक्ति को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में किस बात का संकल्प दिलाया गया?
अधिकारियों, कर्मचारियों और बंदियों को सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, अनुशासन और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संकल्प दिलाया गया।
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