प्रतापगढ़ में रामलीला की झांकी में हुआ ताड़का वध, गूंजे जय श्री राम
प्रतापगढ़ में श्री रामलीला समिति की ओर से आज तीसरे दिन मुनि आगमन और ताड़का वध की झांकी निकाली गई। झांकी का आयोजन शाम 4:00 बजे गोपाल मंदिर से शुरू हुआ। रथ पर मुनि विश्वामित्र सहित साधु संत सवार थे।
प्रतापगढ़ में श्री रामलीला समिति की ओर से आज तीसरे दिन मुनि आगमन और ताड़का वध की झांकी निकाली गई। झांकी का आयोजन शाम 4:00 बजे गोपाल मंदिर से शुरू हुआ। रथ पर मुनि विश्वामित्र सहित साधु संत सवार थे। इस दौरान यज्ञ करते हुए लीला प्रस्तुत की गई।
लीला में दिखाया गया कि राक्षसों से यज्ञ की रक्षा के लिए प्रभु श्री राम और लक्ष्मण जी ने ताड़का और अन्य राक्षसों का वध किया। ताड़का का वध होते ही राम भक्तों ने ‘जय श्री राम’ के जयकारे लगाए। इससे झांकी में शामिल लोगों के बीच उत्साह का माहौल रहा।
आज की लीला की झांकी गोपाल मंदिर से रवाना होकर भरत चौक पहुंची। इसके बाद झांकी सदर बाजार से वापस भगवा चुंगी होते हुए स्टेशन पहुंची। यहां से झांकी पंजाबी मार्केट होते हुए फिर गोपाल मंदिर पहुंची, जहां इसका समापन हुआ।
झांकी के साथ श्री रामलीला समिति के कई पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। इनमें संरक्षक रोशनलाल उमरवैश्य, श्याम शंकर सिंह, अध्यक्ष संजय खंडेलवाल, संयोजक दिनेश प्रताप सिंह दिन्नू, मंत्री विपिन गुप्ता, कोषाध्यक्ष मनीष गुप्ता, बंटी नेता, शिवम खंडेलवाल, राहुल सोनी, विष्णु सोनी और विवेक यादव आदि शामिल रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रतापगढ़ में रामलीला की कौन सी झांकी निकाली गई?
श्री रामलीला समिति की ओर से मुनि आगमन और ताड़का वध की झांकी निकाली गई।
झांकी की शुरुआत कहां से हुई?
झांकी शाम 4 बजे गोपाल मंदिर से शुरू हुई।
लीला में ताड़का का वध किसने किया?
यज्ञ की रक्षा के लिए प्रभु श्री राम और लक्ष्मण जी ने ताड़का और अन्य राक्षसों का वध किया।
ताड़का वध के बाद भक्तों ने क्या किया?
ताड़का का वध होते ही राम भक्तों ने ‘जय श्री राम’ के जयकारे लगाए।
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