गाजियाबाद में पुलिस को वर्चुअल रियलिटी से ट्रेनिंग, तीन दिन का प्रोग्राम शुरू
गाजियाबाद में पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के केंद्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान में आज वर्चुअल रियलिटी सिमुलेशन एक्सरसाइज पर तीन दिन का खास ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू हुआ।
गाजियाबाद में पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के केंद्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान में आज वर्चुअल रियलिटी सिमुलेशन एक्सरसाइज पर तीन दिन का खास ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू हुआ। इस प्रोग्राम का मकसद पुलिस अफसरों और कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक से लैस करना है ताकि वे मुश्किल हालात में बेहतर फैसले ले सकें।
कार्यक्रम के मुख्य मेहमान केशव कुमार चौधरी आईपीएस, अपर पुलिस कमिश्नर मुख्यालय एवं अपराध और क्यूवॉल्व टेक्नोलॉजी के सीईओ अनुराग तिवारी रहे। सीडीटीआई के उप प्राचार्य पी. के. जोशी ने प्रोग्राम का उद्घाटन किया और चौधरी को सम्मान में प्लांटर भेंट किया गया।
जोशी ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस ट्रेनिंग में वर्चुअल रियलिटी और मिक्स्ड रियलिटी जैसी नई तकनीकों का इस्तेमाल बहुत जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि सिमुलेशन बेस्ड ट्रेनिंग से अफसरों को सुरक्षित माहौल में जटिल हालात का अनुभव मिलता है और वे अच्छे फैसले लेना सीखते हैं।
मुख्य अतिथि केशव कुमार चौधरी ने कहा कि पुलिसिंग में तकनीक का इस्तेमाल अब वक्त की जरूरत बन चुका है। उन्होंने कहा कि वर्चुअल रियलिटी ट्रेनिंग से पुलिस अफसरों को असली जैसे हालात में प्रैक्टिस करने का मौका मिलता है जिससे वे तेजी से और सही फैसले ले पाते हैं और अपनी काम करने की क्षमता को मजबूत कर पाते हैं।
तीन दिन के इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने वाले लोगों को अलग-अलग असली जैसे ऑपरेशनल सिचुएशन, सामरिक फैसले लेना और सिमुलेशन बेस्ड एक्सरसाइज का प्रैक्टिकल अनुभव दिया जाएगा। ट्रेनिंग के दौरान एक दिन के लिए दिल्ली पुलिस अकादमी द्वारका का भी विजिट होगा जहां प्रतिभागियों को वर्चुअल रियलिटी तकनीक के असली इस्तेमाल का सीधा अनुभव मिलेगा। इस मौके पर उप पुलिस अधीक्षक उमेश शर्मा, ओ. पी. शर्मा और नूतन सिंह समेत संस्थान के कई अफसर और प्रतिभागी मौजूद रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गाजियाबाद में वर्चुअल रियलिटी ट्रेनिंग कहां शुरू हुई?
गाजियाबाद में पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो के केंद्रीय गुप्तचर प्रशिक्षण संस्थान (CDTI) में वर्चुअल रियलिटी सिमुलेशन एक्सरसाइज पर तीन दिन का ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू हुआ।
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम का मुख्य मकसद क्या है?
पुलिस अफसरों और कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक से लैस करना ताकि वे मुश्किल हालात में बेहतर और तेजी से सही फैसले ले सकें।
सिमुलेशन बेस्ड ट्रेनिंग से पुलिस अफसरों को क्या फायदा मिलता है?
इस ट्रेनिंग से अफसरों को सुरक्षित माहौल में जटिल हालात का अनुभव मिलता है और वे असली जैसी परिस्थितियों में प्रैक्टिस करके अपनी काम करने की क्षमता को मजबूत कर पाते हैं।
ट्रेनिंग प्रोग्राम में क्या-क्या शामिल है?
तीन दिन के प्रोग्राम में प्रतिभागियों को अलग-अलग असली जैसी ऑपरेशनल सिचुएशन, सामरिक फैसले लेना और सिमुलेशन बेस्ड एक्सरसाइज का प्रैक्टिकल अनुभव दिया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली पुलिस अकादमी द्वारका का विजिट भी होगा।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
बहराइच में महिला की अश्लील तस्वीरों से ब्लैकमेल कर पांच लाख रुपये वसूलने वाला …
- 2
भाजपा ने निष्कासित नेता की सपा एंट्री पर अखिलेश यादव को घेरा
- 3
गणेश प्रतिमा विसर्जन से पहले बहराइच में डीएम-एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
- 4
बहराइच: भावुक सुसाइड नोट लिखकर की युवक ने की आत्महत्या
- 5
थाना रुपईडीहा क्षेत्र में शातिर अपराधियों से हुई रूपईडीहा पुलिस की मुठभेड़।
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।