शामली में पुलिस ने स्कूल में रोका मास्टर जाहिद, जंतर-मंतर प्रदर्शन छूटा
शामली में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश संगठन मंत्री और पूर्व जिला पंचायत सदस्य मास्टर जाहिद को पुलिस ने उनके स्कूल में ही रोक लिया।
शामली में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश संगठन मंत्री और पूर्व जिला पंचायत सदस्य मास्टर जाहिद को पुलिस ने उनके स्कूल में ही रोक लिया। मास्टर जाहिद दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया गया था।
जानकारी के अनुसार, शनिवार, 10 अक्टूबर को मास्टर जाहिद अपने गांव से दिल्ली के लिए निकले थे। उन्हें दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल होना था। लेकिन रास्ते में पुलिस ने उन्हें सोंटा रसूलपुर स्थित जेए नेशनल एकेडमी में ही रोक दिया।
पुलिस द्वारा स्कूल में रोके जाने के बाद मास्टर जाहिद दिल्ली के लिए आगे नहीं जा सके। इस वजह से वह जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध-प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाए। उन्हें स्कूल में रोके जाने की जानकारी सामने आने के बाद उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया।
मास्टर जाहिद ने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जनता की आवाज सुनी जानी चाहिए। उनके मुताबिक, शांतिपूर्ण विरोध करने के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए और लोगों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए।
मास्टर जाहिद ने कहा, “हम रहें या न रहें, लोकतंत्र सदैव रहना चाहिए।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बना रहना जरूरी है और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जनता की आवाज सुनी जानी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पुलिस ने मास्टर जाहिद को कहां रोका?
पुलिस ने उन्हें सोंटा रसूलपुर स्थित जेए नेशनल एकेडमी में रोका।
मास्टर जाहिद दिल्ली क्यों जा रहे थे?
वह मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।
क्या मास्टर जाहिद जंतर-मंतर के प्रदर्शन में शामिल हो पाए?
नहीं, स्कूल में रोके जाने के बाद वह दिल्ली नहीं जा सके और प्रदर्शन में शामिल नहीं हो पाए।
मास्टर जाहिद ने लोकतंत्र को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि हर नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का अधिकार है।
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