हाथरस के भारत पेट्रोलियम प्लांट में एनडीआरएफ ने कराई मॉक ड्रिल
हाथरस के सलेमपुर स्थित भारत पेट्रोलियम बॉटलिंग प्लांट में सोमवार को एनडीआरएफ की ओर से आपदा बचाव प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल कराई गई।
हाथरस के सलेमपुर स्थित भारत पेट्रोलियम बॉटलिंग प्लांट में सोमवार को एनडीआरएफ की ओर से आपदा बचाव प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल कराई गई। इस अभ्यास में पेट्रोलियम टैंकर में आग लगने की स्थिति से निपटने और औद्योगिक दुर्घटना के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने का अभ्यास किया गया।
यह कार्यक्रम आठवीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), गाजियाबाद की ओर से आयोजित किया गया। इसका आयोजन कमांडेंट श्री सुदेश कुमार के मार्गदर्शन और जिला प्रशासन हाथरस के समन्वय से किया गया। मॉक ड्रिल के जरिए औद्योगिक दुर्घटना की स्थिति में संबंधित टीमों की तैयारियों और आपसी समन्वय का अभ्यास किया गया।
अभ्यास के दौरान एक वाहन की टक्कर से पेट्रोलियम टैंकर में आग लगने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई। इस स्थिति के बाद भारत पेट्रोलियम बॉटलिंग प्लांट के प्रबंधक, सुरक्षा अधिकारी और कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की। जब आग पर नियंत्रण नहीं हो सका, तो जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी गई।
सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी के निर्देशानुसार संबंधित विभागों ने आपसी समन्वय स्थापित किया। इसके बाद अग्निशमन और बचाव कार्य शुरू किए गए। संयुक्त प्रयासों के माध्यम से आग पर सफलतापूर्वक काबू पाने का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल में आपातकालीन स्थिति के दौरान सूचना देने, विभागों को सक्रिय करने और बचाव कार्य आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को समझा और परखा गया।
कार्यक्रम में भारत पेट्रोलियम बॉटलिंग प्लांट के प्रबंधक, सुरक्षा अधिकारी और अन्य संबंधित कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। एनडीआरएफ की टीम भी इस अभ्यास में शामिल रही। इसके अलावा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, हाथरस की ओर से जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी श्री लेखराज सिंह मौजूद रहे।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित कार्रवाई की तैयारियों का आकलन करना था। इसके साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और प्रभावी राहत एवं बचाव व्यवस्था की तैयारी को भी परखा गया। अभ्यास के माध्यम से यह देखा गया कि आपातकालीन स्थिति में संबंधित विभाग कितनी तेजी से सक्रिय होकर आग पर नियंत्रण, बचाव कार्य और सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान आपातकालीन परिस्थितियों में सतर्कता बरतने और समय पर सूचना देने के महत्व पर जोर दिया गया। सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने और जन-धन की सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई की जरूरत भी बताई गई। इस तरह के अभ्यास से औद्योगिक प्रतिष्ठानों में संभावित दुर्घटनाओं से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने में मदद मिलती है। इससे आपदा के समय होने वाले नुकसान को कम करने की दिशा में भी तैयारी की जा सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस में मॉक ड्रिल कहां कराई गई?
मॉक ड्रिल हाथरस के सलेमपुर स्थित भारत पेट्रोलियम बॉटलिंग प्लांट में कराई गई।
मॉक ड्रिल में किस स्थिति से निपटने का अभ्यास किया गया?
वाहन की टक्कर से पेट्रोलियम टैंकर में आग लगने की काल्पनिक स्थिति से निपटने का अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल का आयोजन किसने किया?
कार्यक्रम आठवीं वाहिनी एनडीआरएफ, गाजियाबाद ने जिला प्रशासन हाथरस के समन्वय से आयोजित किया।
मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका मुख्य उद्देश्य औद्योगिक दुर्घटना के समय त्वरित कार्रवाई, विभागों के बीच समन्वय और राहत-बचाव की तैयारियों को परखना था।
मॉक ड्रिल में किन लोगों ने हिस्सा लिया?
भारत पेट्रोलियम प्लांट के प्रबंधक, सुरक्षा अधिकारी और कर्मचारी, एनडीआरएफ की टीम तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी इसमें शामिल हुए।
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