मुस्लिम वकील नाजिया इलाही खान ने उज्जैन में किया पितरों का तर्पण
सुप्रीम कोर्ट की मुस्लिम वकील और अंतर्राष्ट्रीय सनातनी प्रवक्ता नाजिया इलाही खान ने सर्वपितृ अमावस्या के पावन अवसर पर उज्जैन में शिप्रा नदी के राम घाट पर अपने दिवंगत पूर्वजों के लिए तर्पण और श्राद्ध
सुप्रीम कोर्ट की मुस्लिम वकील और अंतर्राष्ट्रीय सनातनी प्रवक्ता नाजिया इलाही खान ने सर्वपितृ अमावस्या के पावन अवसर पर उज्जैन में शिप्रा नदी के राम घाट पर अपने दिवंगत पूर्वजों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म किया। उन्होंने यह धार्मिक अनुष्ठान पूरे विधि-विधान से किया।
मूल रूप से कलकत्ता (कोलकाता) की रहने वाली नाजिया इलाही खान ने बताया कि मुस्लिम समाज से आते हुए वह पहली बार मध्य प्रदेश की पावन धरती पर अपने परिवार के स्वर्गवासी बुजुर्गों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए यह अनुष्ठान कर रही हैं।
नाजिया ने कहा कि उनके मजहब में श्राद्ध कर्म को सही नहीं माना जाता, बल्कि इसे “हराम या कुफ्र” माना जाता है। इसके बावजूद वह अपने दिवंगत पूर्वजों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म कर रही हैं। उनका कहना है कि इस पहल के जरिए वह पूरे समाज को इंसानियत और मानवता की एक नई किरण दिखाना चाहती हैं।
नाजिया पिछले 3 वर्षों से अपने पितरों का तर्पण करने की इच्छा रख रही थीं। इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उन्होंने बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन को चुना। उज्जैन मध्य प्रदेश में है और नाजिया का मानना है कि गया जी के बाद यह देश की सबसे पवित्र भूमियों में से एक है।
इस यात्रा के दौरान नाजिया इलाही खान ने हिंदू धर्म अपनाने के संकेत भी दिए। इसके साथ ही उन्होंने नवरात्रि के पावन समय पर बेटियों की सुरक्षा को लेकर सामाजिक विमर्श के मुद्दों को भी उठाया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नाजिया इलाही खान ने उज्जैन में क्या किया?
उन्होंने शिप्रा नदी के राम घाट पर अपने दिवंगत पूर्वजों के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म किया।
नाजिया ने यह अनुष्ठान कब और कहां किया?
उन्होंने सर्वपितृ अमावस्या के मौके पर उज्जैन के राम घाट पर यह अनुष्ठान किया।
नाजिया इलाही खान ने तर्पण करने की वजह क्या बताई?
उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार के स्वर्गवासी बुजुर्गों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता जताना चाहती हैं।
नाजिया पिछले कितने समय से पितरों का तर्पण करना चाहती थीं?
वह पिछले 3 वर्षों से अपने पितरों का तर्पण करने की इच्छा रखती थीं।
नाजिया ने यात्रा के दौरान और क्या संकेत दिए?
उन्होंने हिंदू धर्म अपनाने के संकेत दिए और बेटियों की सुरक्षा पर सामाजिक विमर्श भी उठाया।
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