मध्य प्रदेश में खरीदी-टेंडर की कथित गड़बड़ी पर 392 अफसरों पर कार्रवाई
मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में खरीदी और टेंडर प्रक्रिया को लेकर सामने आई कथित गड़बड़ियों के मामले में 392 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में खरीदी और टेंडर प्रक्रिया को लेकर सामने आई कथित गड़बड़ियों के मामले में 392 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें 135 मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) भी शामिल हैं। इस कार्रवाई की जानकारी अपर मुख्य सचिव (ACS) संजय दुबे ने दी है।
यह मामला उस समय चर्चा में आया, जब नगरीय निकायों में खरीदारी से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के वीडियो सामने आए। इसके बाद खरीदी और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठने लगे। अब ACS संजय दुबे ने इस मामले में अधिकारियों पर हुई कार्रवाई और निगरानी की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी है।
नगरीय निकायों में खरीदी और टेंडर की प्रक्रिया में होने वाली गड़बड़ियों को पकड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद ली जा रही है। AI के जरिए खरीदी प्रक्रिया से जुड़े मामलों की जांच की जा रही है। साथ ही, इस प्रक्रिया में सामने आने वाली अनियमितताओं की पहचान भी की जा रही है।
ACS संजय दुबे के मुताबिक, अधिकारियों को प्रशिक्षण के दौरान ही खरीदी प्रक्रिया में मौजूद खामियों को लेकर आगाह किया गया था। उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी। इसके बावजूद नगरीय निकायों में खरीदी और टेंडर से जुड़ी गड़बड़ियां सामने आती रहीं।
संजय दुबे के मुताबिक, नगरीय निकायों में अनियमितताओं के मामलों में कुल 392 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें 135 CMO का शामिल होना इस मामले की गंभीरता को प्रशासनिक स्तर तक पहुंचने वाला बताता है। CMO नगरीय निकायों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी होते हैं।
392 अधिकारियों पर कार्रवाई का आंकड़ा सामने आने के बाद यह मुद्दा चर्चा में है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह साफ नहीं किया गया है कि इन अधिकारियों पर किस तरह की कार्रवाई की गई। यह भी स्पष्ट नहीं है कि कितने मामलों में विभागीय जांच चल रही है और कितने अधिकारियों के खिलाफ अंतिम दंडात्मक कार्रवाई हुई है।
नगरीय निकायों में सरकारी धन से होने वाली खरीदी और टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। AI के इस्तेमाल से इन प्रक्रियाओं पर निगरानी रखने और गड़बड़ियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। इस व्यवस्था के जरिए खरीदी से जुड़े मामलों की जांच और अनियमितताओं का पता लगाने पर जोर है।
अब सवाल यह है कि सामने आई अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई कितनी प्रभावी होती है। इसके साथ ही, भविष्य में खरीदी और टेंडर प्रक्रिया में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए क्या ठोस व्यवस्था बनाई जाती है, यह भी अहम रहेगा।
मामला सिर्फ गड़बड़ियों की पहचान तक सीमित नहीं है। सरकारी धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता बनाए रखने और जिम्मेदारी तय करने का सवाल भी इससे जुड़ा है। अधिकारियों को ट्रेनिंग के दौरान खामियों को लेकर चेतावनी दिए जाने के बाद भी कार्रवाई का आंकड़ा सामने आया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मध्य प्रदेश में कितने अधिकारियों पर कार्रवाई की गई?
नगरीय निकायों में खरीदी और टेंडर की कथित गड़बड़ियों के मामले में 392 अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।
कार्रवाई में कितने CMO शामिल हैं?
कार्रवाई किए गए अधिकारियों में 135 मुख्य नगर पालिका अधिकारी यानी CMO शामिल हैं।
खरीदी और टेंडर प्रक्रिया की निगरानी के लिए किसकी मदद ली जा रही है?
गड़बड़ियों और अनियमितताओं की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद ली जा रही है।
क्या अधिकारियों पर हुई कार्रवाई का पूरा विवरण सामने आया है?
नहीं, उपलब्ध जानकारी में यह साफ नहीं है कि अधिकारियों पर किस तरह की कार्रवाई हुई और कितने मामलों में अंतिम दंड दिया गया।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
शामली में परिवार पर जानलेवा हमले का आरोप, दो महिलाएं गंभीर
- 2
54वें विशाल कुश्ती दंगल में पहलवानों ने दिखाया दमखम, काजल बनीं महिला केसरी और …
- 3
श्रावस्ती में बड़ा फेरबदल, कई अफसरों के बदले प्रभार
- 4
हाथरस के ऐहन गांव में ठाकुर जी मेले पर सजा कुश्ती दंगल
- 5
महाभारत काल से जुड़ा माना जाता है शहडोल का शमी वृक्ष
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।