फिरोजाबाद में नशा मुक्त युवा अभियान के तहत सामूहिक प्रतिज्ञा कार्यक्रम
फिरोजाबाद में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय ने "नशा मुक्त युवा, विकसित भारत" अभियान के तहत सामूहिक प्रतिज्ञा कार्यक्रम का आयोजन किया।
फिरोजाबाद में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय ने "नशा मुक्त युवा, विकसित भारत" अभियान के तहत सामूहिक प्रतिज्ञा कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े युवाओं और भावी डॉक्टरों को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करना और समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश देना था। कार्यक्रम प्रधानाचार्य डॉ. योगेश कुमार गोयल के नेतृत्व में आयोजित हुआ।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग की सह-आचार्य डॉ. निशा चौधरी ने एमबीबीएस छात्रों, संकाय सदस्यों और रेजिडेंट्स को नशा से दूर रहने और समाज को नशा मुक्त बनाने में योगदान देने की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं और डॉक्टरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि अगर युवा नशे से दूर रहें, तो विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है।
इस मौके पर उपस्थित सभी चिकित्सकों और मेडिकल छात्रों ने नशा मुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। उप प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश शर्मा, मानसिक रोग विभाग की सहायक आचार्य डॉ. अरुशिखा, माइक्रोबायोलॉजी विभाग की जूनियर रेजिडेंट डॉ. कनुप्रिया समेत महाविद्यालय के सभी संकाय सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
यह अभियान न केवल चिकित्सा क्षेत्र के युवाओं को जागरूक करने का प्रयास है, बल्कि समाज में नशा मुक्ति के प्रति एक मजबूत संदेश देने की पहल भी है। ऐसे कार्यक्रम देश को स्वस्थ और विकसित बनाने में अहम योगदान दे सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फिरोजाबाद में यह नशा मुक्त अभियान कब और कहां हुआ?
यह कार्यक्रम फिरोजाबाद के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित किया गया। इसे 'नशा मुक्त युवा, विकसित भारत' अभियान के तहत सामूहिक प्रतिज्ञा कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस पहल का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े युवाओं और भावी डॉक्टरों को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करना और समाज में सकारात्मक बदलाव का संदेश देना था।
कार्यक्रम में किसने प्रतिज्ञा दिलाई?
माइक्रोबायोलॉजी विभाग की सह-आचार्य डॉ. निशा चौधरी ने एमबीबीएस छात्रों, संकाय सदस्यों और रेजिडेंट्स को नशा से दूर रहने की शपथ दिलाई।
डॉक्टरों और युवाओं की भूमिका इतनी जरूरी क्यों है?
डॉ. निशा चौधरी के अनुसार एक स्वस्थ समाज के निर्माण में युवाओं और डॉक्टरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर युवा नशे से दूर रहें तो विकसित भारत का सपना साकार किया जा सकता है।
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