प्रतापगढ़ में राजमा-मूंगफली से बनी माता रानी की प्रतिमा बनी आकर्षण
प्रतापगढ़ के चिलबिला स्थित श्री हनुमान मंदिर में माता रानी का अनूठा दरबार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां राजमा और मूंगफली से माता रानी की प्रतिमा तैयार की गई है।
प्रतापगढ़ के चिलबिला स्थित श्री हनुमान मंदिर में माता रानी का अनूठा दरबार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां राजमा और मूंगफली से माता रानी की प्रतिमा तैयार की गई है। इसके साथ ही वैष्णो देवी गुफा की भव्य सजावट भी की गई है। मंदिर में तैयार किए गए इस अनोखे पंडाल को देखने के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
शाम होते ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है। माता रानी के अलौकिक दरबार को अपने कैमरे में कैद करने और सेल्फी लेने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ लगी रहती है। महिलाएं और बच्चे भी इस मनमोहक दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में संजोते नजर आते हैं।
पंडाल में राजमा और मूंगफली से बनाई गई माता रानी की प्रतिमा अपनी अनूठी कलाकारी के चलते खास आकर्षण बनी हुई है। श्रद्धालु प्रतिमा को ध्यान से देखते हैं और इसकी सजावट की सराहना करते नजर आते हैं। राजमा और मूंगफली जैसी चीजों से तैयार की गई इस प्रतिमा ने माता रानी के दरबार को अलग रूप दिया है।
पंडाल में वैष्णो देवी गुफा का स्वरूप भी बनाया गया है। श्रद्धालु ठंडे पानी से होकर गुफा में पहुंचते हैं और माता रानी के दर्शन करते हैं। गुफा की सजावट और वहां दर्शन की व्यवस्था भी लोगों को खूब लुभा रही है।
मंदिर के प्रवेश द्वार पर लड्डू वाले गणेश जी की प्रतिमा भी लोगों का ध्यान खींच रही है। यहां सिक्का डालने पर प्रसाद प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु इस व्यवस्था का भी लाभ ले रहे हैं और माता रानी के दरबार के साथ लड्डू वाले गणेश जी की प्रतिमा को भी देख रहे हैं।
माता रानी के दर्शन के साथ भक्त श्री हनुमान जी महाराज, राम दरबार और भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त कर रहे हैं। मंदिर परिसर में इन सभी धार्मिक स्थलों और प्रतिमाओं के दर्शन के कारण श्रद्धालुओं को एक ही जगह पर अलग-अलग धार्मिक दर्शन का अवसर मिल रहा है।
इसी क्रम में आईपीएस के लिए चयनित सौम्य शर्मा अपने पिता सुरेंद्र शर्मा के साथ चिलबिला हनुमान मंदिर पहुंचे। सौम्य शर्मा ने अपने पिता के साथ माता रानी के दरबार में दर्शन-पूजन किया।
मंदिर में तैयार किए गए अनूठे पंडाल को देखकर श्रद्धालु इसकी सजावट और कलाकारी की सराहना कर रहे हैं। पंडाल के संयोजक एवं समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य ने बताया कि मंदिर में वर्ष 1997 से भक्तों के सहयोग से माता रानी की प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा चली आ रही है।
रोशनलाल उमरवैश्य ने बताया कि पंडाल के अध्यक्ष श्री हनुमान जी महाराज और संरक्षक भगवान भोलेनाथ हैं। उन्होंने कहा कि भक्तों के सहयोग और सेवा भावना से आयोजन की व्यवस्थाएं संचालित की जाती हैं।
पंडाल में सुरेश अग्रवाल, रामगोपाल, छेदीलाल, संतोष कुमार, देवानंद, आशीष कुमार, विवेक यादव, शनि महाराज, सोनू महाराज, राकेश कुमार, विजय कुमार, श्याम बाबू, आदर्श कुमार, अमन गुप्ता, गोलू, सचिन, आशीष लाइट, सनी गुप्ता, सुरेश माली, मनीष यादव और सिद्धार्थ सहित अनेक श्रद्धालु अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
माता रानी की प्रतिमा किस चीज से बनाई गई है?
माता रानी की प्रतिमा राजमा और मूंगफली से बनाई गई है।
यह अनूठा दरबार कहां बनाया गया है?
यह अनूठा दरबार प्रतापगढ़ के चिलबिला स्थित श्री हनुमान मंदिर में बनाया गया है।
पंडाल में श्रद्धालुओं के लिए और क्या बनाया गया है?
पंडाल में वैष्णो देवी गुफा का स्वरूप भी बनाया गया है, जहां श्रद्धालु ठंडे पानी से होकर दर्शन करते हैं।
मंदिर के प्रवेश द्वार पर क्या खास आकर्षण है?
मंदिर के प्रवेश द्वार पर लड्डू वाले गणेश जी की प्रतिमा है। सिक्का डालने पर प्रसाद मिलने की व्यवस्था भी की गई है।
माता रानी की प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा कब से चली आ रही है?
मंदिर में माता रानी की प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा वर्ष 1997 से चली आ रही है।
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