जेएसएस महाविद्यापीठ तिरुपति में ऑफ-कैंपस शुरू करने जा रहा है
जेएसएस महाविद्यापीठ तिरुपति में जेएसएस एएचईआर ऑफ-कैंपस शुरू करेगा आंध्र प्रदेश उच्च शिक्षा आयुक्तालय ने जगदगुरु श्री शिवरात्रिश्वर महाविद्यापीठ (जेएसएस महाविद्यापीठ) के साथ तिरुपति में जेएसएस एकेडमी
आंध्र प्रदेश उच्च शिक्षा आयुक्तालय ने जगदगुरु श्री शिवरात्रिश्वर महाविद्यापीठ (जेएसएस महाविद्यापीठ) के साथ तिरुपति में जेएसएस एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च (जेएसएस एएचईआर) का ऑफ-कैंपस शुरू करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता गुरुवार को हुआ, जिसमें उच्च शिक्षा आयुक्त नारायण भारत गुप्ता और जेएसएस महाविद्यापीठ के तकनीकी शिक्षा निदेशक और जेएसएस एएचईआर के प्रो-चांसलर बी. सुरेश ने मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश की मौजूदगी में दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।
इस MoU के तहत तिरुपति कैंपस तुरंत शुरू किया जाएगा, और भविष्य में जेएसएस ग्रुप के अन्य संस्थानों को भी स्थापित करने की योजना बनाई जाएगी। जेएसएस एएचईआर, जिसका मुख्यालय मैसूर में है, एक NAAC A++ मान्यता प्राप्त डीम्ड यूनिवर्सिटी है, जो NIRF 2025 रैंकिंग में #21 पर है।
प्रस्तावित कैंपस में पांच इंटीग्रेटेड स्कूल होंगे: एडवांस्ड इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजीज; लाइफ साइंसेज, बायोटेक्नोलॉजी और बिहेवियरल साइंसेज; हेल्थकेयर और एलाइड साइंसेज; बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप; और लॉ, ह्यूमैनिटीज, पॉलिसी और गवर्नेंस। इन स्कूलों में कुल 74 प्रोग्राम्स ऑफर किए जाएंगे और पूरी क्षमता पर 10,000 से ज्यादा छात्रों को जगह मिलेगी।
कैंपस में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थकेयर, सेमीकंडक्टर एप्लिकेशंस, हेल्थ पॉलिसी और गवर्नेंस, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, ट्रांसलेशनल बायोटेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर एंटरप्रेन्योरशिप और एयरोस्पेस मेडिसिन जैसे क्षेत्रों पर फोकस करेंगे। इसके अलावा, विशाखापट्टनम, चेन्नई और बेंगलुरु में इंडस्ट्री इनोवेशन आउटरीच सेंटर्स भी सपोर्ट देंगे। राज्य सरकार ने इस ऑफ-कैंपस और आंध्र प्रदेश में अन्य जेएसएस संस्थानों की स्थापना के लिए जरूरी मदद देने का वादा किया है।
इस पहल से 20,000 से ज्यादा डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रोजगार और आजीविका के मौके बनने की उम्मीद है। साथ ही, इसका मकसद ब्रेन ड्रेन रोकना है, ताकि राज्य में ही टैलेंट, छात्र और रिसर्चर्स बने रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जेएसएस महाविद्यापीठ तिरुपति में क्या शुरू करने जा रहा है?
जेएसएस महाविद्यापीठ तिरुपति में जेएसएस एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च (जेएसएस एएचईआर) का ऑफ-कैंपस शुरू करने जा रहा है। आंध्र प्रदेश सरकार ने इसके लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
तिरुपति कैंपस में कितने इंटीग्रेटेड स्कूल होंगे?
तिरुपति कैंपस में पांच इंटीग्रेटेड स्कूल होंगे - एडवांस्ड इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजीज, लाइफ साइंसेज और बायोटेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और एलाइड साइंसेज, बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप, और लॉ व ह्यूमैनिटीज।
नए कैंपस में कितने छात्रों को जगह मिल सकेगी?
पूरी क्षमता पर नए कैंपस में 10,000 से ज्यादा छात्रों को जगह मिलेगी। कुल 74 प्रोग्राम्स ऑफर किए जाएंगे।
जेएसएस एएचईआर की रैंकिंग क्या है?
जेएसएस एएचईआर को NAAC A++ मान्यता प्राप्त है और NIRF 2025 रैंकिंग में यह #21 पर है। इसका मुख्यालय मैसूर में है।
इस नई पहल से कितने रोजगार के मौके बनेंगे?
इस पहल से 20,000 से ज्यादा डायरेक्ट और इनडायरेक्ट रोजगार और आजीविका के मौके बनने की उम्मीद है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप
- 2
शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान
- 3
शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप
- 4
गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग
- 5
हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।