जम्मू-कश्मीर में वोकेशनल ट्रेनर्स का प्रदर्शन लंबित मांगों को लेकर 12वें दिन भी जारी
जम्मू-कश्मीर वोकेशनल ट्रेनर्स वेलफेयर एसोसिएशन (JKVTWA) का शांतिपूर्ण प्रदर्शन श्रीनगर के फ्लोरीकल्चर पार्क में लगातार 12वें दिन भी जारी है।
जम्मू-कश्मीर वोकेशनल ट्रेनर्स वेलफेयर एसोसिएशन (JKVTWA) का शांतिपूर्ण प्रदर्शन श्रीनगर के फ्लोरीकल्चर पार्क में लगातार 12वें दिन भी जारी है। जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में काम कर रहे वोकेशनल ट्रेनर्स अपनी लंबे समय से लंबित सेवा और रोजगार से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
एसोसिएशन ने सरकार से इन मांगों पर कार्रवाई करने की अपील की है। उसका कहना है कि वोकेशनल ट्रेनर्स करीब एक दशक से जम्मू-कश्मीर के सरकारी स्कूलों में सेवा दे रहे हैं। इस दौरान उनकी सेवा, रोजगार और कल्याण से जुड़ी कई चिंताएं अब भी लंबित हैं।
ट्रेनर्स की प्रमुख मांगों में वोकेशनल एजुकेशन और वोकेशनल ट्रेनर्स को लेकर Directors of School Education और Chief Education Officers की ओर से दी गई सिफारिशों को लागू करना शामिल है। एसोसिएशन का कहना है कि इन सिफारिशों पर सरकार को फैसला लेना चाहिए।
ट्रेनर्स Vocational Training Provider (VTP) सिस्टम को खत्म करने और School Education Department/Samagra Shiksha के तहत सीधे संचालित और संस्थागत रूप से जवाबदेह व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, इससे वोकेशनल एजुकेशन से जुड़ी व्यवस्था में जवाबदेही और सेवा की स्पष्टता आ सकती है।
एसोसिएशन ने लंबे समय से दी जा रही सेवा और निभाई जा रही जिम्मेदारियों को देखते हुए वेतन बढ़ाने और हर साल इंक्रीमेंट देने की मांग भी रखी है। इसके अलावा, वोकेशनल ट्रेनर्स के लिए ऐसी व्यापक जॉब पॉलिसी बनाने की मांग की गई है, जिसमें नौकरी की स्थिरता, करियर में आगे बढ़ने के मौके और पेशेवर पहचान सुनिश्चित हो।
एसोसिएशन ने कहा है कि यह जॉब पॉलिसी Assam, Mizoram और Haryana जैसे राज्यों में अपनाए गए मॉडल की तर्ज पर होनी चाहिए। ट्रेनर्स के लिए पारदर्शी ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने की मांग भी प्रदर्शन का हिस्सा है।
इसके साथ ही, सेवा के दौरान जान गंवाने वाले वोकेशनल ट्रेनर्स के परिवारों के लिए मानवीय आधार पर मुआवजा और death-in-service benefits देने की मांग की गई है। ये लाभ उन परिवारों को दिए जाने की मांग है, जो इसके लिए पात्र हों।
एसोसिएशन ने Late Bashir Ahmed Gojri के मामले को भी सामने रखा है। Bashir Ahmed Gojri वोकेशनल ट्रेनर और तीन बच्चों के पिता थे। एसोसिएशन के मुताबिक, उन्हें करीब छह महीने से लंबित वेतन मिलने का इंतजार था। उनकी मौत के बाद ट्रेनर्स में आर्थिक असुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा को लेकर चिंता और तेज हुई है।
JKVTWA ने मीडिया से प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने, वहां मौजूद ट्रेनर्स से बात करने और उनकी चिंताओं को जनता तथा संबंधित अधिकारियों के सामने रखने की अपील की है।
एसोसिएशन का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में छात्रों को वोकेशनल एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट देने में वोकेशनल ट्रेनर्स ने अहम भूमिका निभाई है। अब वह सरकार से लंबे समय से लंबित रोजगार और कल्याण से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए दखल देने की मांग कर रही है।
उपलब्ध सामग्री में Republic India, Indian Express और J&K National Conference के साथ Omar Abdullah, Deputy CM, Surinder choudhary, Satish Sharma और Sakina Itoo के नाम भी दर्ज हैं। हालांकि, सामग्री में प्रदर्शन या मांगों के संदर्भ में इन नामों की कोई अलग भूमिका या बयान नहीं बताया गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वोकेशनल ट्रेनर्स का प्रदर्शन कहां और कितने दिन से जारी है?
जम्मू-कश्मीर वोकेशनल ट्रेनर्स वेलफेयर एसोसिएशन का शांतिपूर्ण प्रदर्शन श्रीनगर के फ्लोरीकल्चर पार्क में लगातार 12वें दिन भी जारी है।
वोकेशनल ट्रेनर्स की मुख्य मांग क्या है?
ट्रेनर्स लंबित सेवा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को सुलझाने, वेतन बढ़ाने, हर साल इंक्रीमेंट देने और नौकरी की स्थिरता वाली जॉब पॉलिसी बनाने की मांग कर रहे हैं।
ट्रेनर्स VTP सिस्टम को लेकर क्या चाहते हैं?
ट्रेनर्स Vocational Training Provider (VTP) सिस्टम खत्म कर School Education Department/Samagra Shiksha के तहत सीधे संचालित व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहे हैं।
Late Bashir Ahmed Gojri का मामला प्रदर्शन से कैसे जुड़ा है?
एसोसिएशन के मुताबिक, वोकेशनल ट्रेनर Bashir Ahmed Gojri की मौत से पहले करीब छह महीने का वेतन लंबित था। इस मामले ने ट्रेनर्स में आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप
- 2
शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान
- 3
शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप
- 4
गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग
- 5
हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।