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Uttar Pradesh General श्रावस्ती

श्रावस्ती में घायल नीलगाय की मौत, पशु विभाग पर लापरवाही का आरोप

श्रावस्ती जिले के जमुनहा इलाके के तुलसीपुर गांव में एक घायल नीलगाय की पानी भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई।

श्रावस्ती में घायल नीलगाय की मौत, पशु विभाग पर लापरवाही का आरोप
Image credit: News Darpan Team

श्रावस्ती जिले के जमुनहा इलाके के तुलसीपुर गांव में एक घायल नीलगाय की पानी भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। तीन दिनों से दर्द में तड़प रहे इस वनरोज की मौत के बाद ग्रामीणों ने पशु चिकित्सा विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सूचना देने के बावजूद विभाग की टीम इलाज के लिए दोबारा नहीं पहुंची, जिसकी वजह से जानवर की जान नहीं बच सकी।

घायल नीलगाय को लेकर गांव के प्रधान और स्थानीय ग्रामीण पिछले तीन दिनों से लगातार देखभाल कर रहे थे। उन्होंने कई बार पशु चिकित्सा विभाग को खबर दी थी, लेकिन पहली बार के बाद कोई टीम वापस नहीं आई। इस बीच घायल जानवर दर्द से तड़पता रहा और आखिरकार पानी से भरे एक गड्ढे में गिरकर डूब गया।

नीलगाय की मौत की खबर मिलने के बाद वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने जानवर के शव का मुआयना किया और जरूरी कार्यवाही शुरू कर दी है। हालांकि ग्रामीणों का गुस्सा अब भी बरकरार है, क्योंकि उनका मानना है कि अगर समय पर इलाज मिल जाता तो नीलगाय की जान बचाई जा सकती थी।

यह मामला एक बार फिर सवाल खड़े करता है कि वन्यजीवों की देखभाल और इलाज के लिए बनाई गई व्यवस्था कितनी कारगर है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस तरह की लापरवाही की जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रावस्ती में नीलगाय की मौत कैसे हुई?

तुलसीपुर गांव में एक घायल नीलगाय तीन दिनों से दर्द में तड़प रहा था। पशु विभाग से समय पर इलाज न मिलने के कारण वह पानी भरे गड्ढे में गिरकर डूब गया और उसकी मौत हो गई।

ग्रामीणों ने पशु विभाग पर क्या आरोप लगाया है?

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार पशु चिकित्सा विभाग को सूचित किया, लेकिन पहली बार के बाद कोई टीम दोबारा नहीं आई। इसी लापरवाही की वजह से नीलगाय की जान नहीं बच सकी।

गांव के लोग नीलगाय की देखभाल कितने दिनों तक करते रहे?

गांव के प्रधान और स्थानीय ग्रामीण पिछले तीन दिनों से लगातार घायल नीलगाय की देखभाल करते रहे।

ग्रामीणों की क्या मांग है?

ग्रामीणों ने मांग की है कि इस लापरवाही की जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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