भारतीय रेलवे ने अंबाला में ₹201 करोड़ का कवच प्रोजेक्ट मंजूर किया
भारतीय रेलवे ने अंबाला डिवीजन के लिए ₹201 करोड़ का कवच प्रोजेक्ट मंजूर किया।
भारतीय रेलवे ने अंबाला डिवीजन के 811 रूट किलोमीटर पर कवच सुरक्षा सिस्टम लगाने के लिए ₹201 करोड़ की योजना मंजूर की है। यह प्रोजेक्ट हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के अहम रूट्स जैसे अंबाला कैंट-लुधियाना और कालका-चंडीगढ़ सेक्शन पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है।
कवच एक स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम है, जो ट्रेन की गति नियंत्रित करने, ब्रेक लगाने और टकराव रोकने में मदद करता है। यह सिग्नल पासिंग एट डेंजर (SPAD) जैसी समस्याओं को भी रोकता है।
यह प्रोजेक्ट सिरहिंद-दौलतपुर चौक, राजपुरा-बठिंडा-श्रीगंगानगर और लुधियाना-धुरी-जाखल जैसे महत्वपूर्ण रेल मार्गों को कवर करेगा। ये रूट्स यात्री और माल ढुलाई के लिए बेहद अहम हैं और उत्तरी भारत के प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ते हैं।
यह पहल भारतीय रेलवे के कवच सिस्टम को हाई-डेंसिटी और रणनीतिक रूट्स पर विस्तार देने के बड़े प्रयास का हिस्सा है। यह सिस्टम LTE आधारित कम्युनिकेशन का उपयोग करता है, जिससे संचालन अधिक सुरक्षित और कुशल बनता है।
कवच के जरिए रेलवे का उद्देश्य सुरक्षा में सुधार, जोखिम कम करना और भारी ट्रैफिक वाले रूट्स पर नेटवर्की विश्वसनीयता बढ़ाना है।
मुख्य बातें
- अंबाला डिवीजन में कवच सुरक्षा सिस्टम के लिए ₹201 करोड़ मंजूर।
- यह प्रोजेक्ट 811 रूट किलोमीटर को कवर करेगा।
- अहम रूट्स में अंबाला कैंट-लुधियाना और कालका-चंडीगढ़ शामिल।
- कवच टकराव रोकने और ट्रेन की गति नियंत्रित करने में मदद करता है।
- यह रेलवे की सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने की पहल का हिस्सा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कवच सिस्टम क्या है?
कवच एक स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है, जो टकराव रोकने और सुरक्षा बढ़ाने में मदद करता है।
कवच प्रोजेक्ट किन रूट्स को कवर करेगा?
यह प्रोजेक्ट अंबाला कैंट-लुधियाना, कालका-चंडीगढ़ और राजपुरा-बठिंडा-श्रीगंगानगर जैसे रूट्स को कवर करेगा।
स्रोत: Press Information Bureau (Govt. of India) प्रेस विज्ञप्ति, 15 JUN 2026. https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2272924
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कवच सिस्टम क्या है और ये कैसे काम करता है?
कवच भारत में बना एक ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है। ये ट्रेन की गति को कंट्रोल करता है, ब्रेक लगाता है और ट्रेनों के बीच टकराव को रोकता है। साथ ही ये SPAD (सिग्नल पासिंग एट डेंजर) जैसी समस्याओं को भी रोकता है।
अंबाला में कवच प्रोजेक्ट पर कितना खर्च आएगा?
भारतीय रेलवे ने अंबाला डिवीजन में कवच सिस्टम लगाने के लिए ₹201 करोड़ की राशि मंजूर की है। ये प्रोजेक्ट 811 रूट किलोमीटर को कवर करेगा।
ये सिस्टम किन रेल रूट्स पर लगाया जाएगा?
ये प्रोजेक्ट अंबाला कैंट-लुधियाना, कालका-चंडीगढ़, सिरहिंद-दौलतपुर चौक, राजपुरा-बठिंडा-श्रीगंगानगर और लुधियाना-धुरी-जाखल जैसे अहम रूट्स पर लगाया जाएगा। ये सभी रूट्स उत्तरी भारत के प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ते हैं।
कवच सिस्टम किस तकनीक का इस्तेमाल करता है?
कवच LTE आधारित कम्युनिकेशन का उपयोग करता है, जिससे ट्रेन की हरकत ज्यादा सुरक्षित और कुशल बनती है।
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