भारत में 15 जून को गोवा में ग्लोबल विंड डे कॉन्फ्रेंस
भारत 15 जून को गोवा में ग्लोबल विंड डे 2026 कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगा, जिसमें पवन ऊर्जा विकास पर चर्चा होगी।
भारत 15 जून को गोवा में ग्लोबल विंड डे 2026 कॉन्फ्रेंस की मेजबानी करेगा। इस कॉन्फ्रेंस का थीम है 'विंड एनर्जी: फ्रॉम एम्बिशन टू एक्सेलेरेशन।' इसमें प्रमुख संस्थाएं और विशेषज्ञ भारत की पवन ऊर्जा प्राथमिकताओं जैसे क्षमता विस्तार, ग्रिड तैयारी, मैन्युफैक्चरिंग और ऑफशोर विंड विकास पर चर्चा करेंगे।
भारत पवन ऊर्जा में चौथे स्थान पर है और इसकी क्षमता 2014 में 21.04 GW से बढ़कर 2026 में 56.09 GW हो गई है। 28 GW अतिरिक्त परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। कॉन्फ्रेंस में भारत के विंड टर्बाइन एक्सपोर्ट को बढ़ाने पर एक रिपोर्ट भी जारी होगी।
भारत का पवन ऊर्जा क्षमता अनुमान 1,163.9 GW है, जो राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में केंद्रित है। सरकार ने ₹6,853 करोड़ की सहायता राशि ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट्स और ₹500 करोड़ जनरेशन बेस्ड इंसेंटिव स्कीम के तहत प्रदान की है।
यूके, डेनमार्क और बेल्जियम जैसे देशों के साथ साझेदारी भारत की पवन ऊर्जा क्षमताओं को बढ़ा रही है। ये सहयोग ऑफशोर विंड, तकनीकी हस्तांतरण और ग्रिड इंटीग्रेशन पर केंद्रित हैं।
यह कॉन्फ्रेंस भारत की पवन ऊर्जा विकास को तेज करने, जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने और आर्थिक वृद्धि में मदद करने की उम्मीद है।
मुख्य बातें
- भारत 15 जून को गोवा में ग्लोबल विंडे 2026 कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगा।
- भारत पवन ऊर्जा क्षमता में दुनिया में चौथे स्थान पर है।
- पवन ऊर्जा क्षमता 2014 में 21.04 GW से बढ़कर 2026 में 56.09 GW हो गई।
- गुजरात और तमिलनाडु में ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट्स के लिए ₹6,853 करोड़ मंजूर।
- यूके, डेनमार्क और बेल्जियम के साथ साझेदारी से पवन ऊर्जा क्षमताएं बढ़ रही हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ग्लोबल विंडे 2026 कॉन्फ्रेंस का थीम क्या है?
थीम है 'विंड एनर्जी: फ्रॉम एम्बिशन टू एक्सेलेरेशन।'
भारत 2030 तक कितनी पवन ऊर्जा क्षमता हासिल करना चाहता है?
भारत 2030 तक 100 GW पवन ऊर्जा क्षमता हासिल करना चाहता है।
स्रोत: Press Information Bureau (Govt. of India) प्रेस विज्ञप्ति, 14 JUN 2026. https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2272630
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्लोबल विंड डे 2026 कॉन्फ्रेंस कहाँ और कब होगी?
यह कॉन्फ्रेंस भारत में 15 जून को गोवा में आयोजित की जाएगी। इसका थीम है 'विंड एनर्जी: फ्रॉम एम्बिशन टू एक्सेलेरेशन।'
पवन ऊर्जा में भारत की दुनिया में क्या रैंकिंग है?
भारत पवन ऊर्जा क्षमता में दुनिया में चौथे स्थान पर है। 2014 में भारत की क्षमता 21.04 GW थी, जो 2026 में बढ़कर 56.09 GW हो गई है।
भारत ने ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट्स के लिए कितने पैसे मंजूर किए हैं?
भारत की सरकार ने ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट्स के लिए ₹6,853 करोड़ की सहायता राशि प्रदान की है। साथ ही ₹500 करोड़ जनरेशन बेस्ड इंसेंटिव स्कीम के तहत भी दिए गए हैं।
किन देशों के साथ भारत की पवन ऊर्जा में साझेदारी है?
यूके, डेनमार्क और बेल्जियम जैसे देशों के साथ भारत की साझेदारी है। ये सहयोग ऑफशोर विंड, तकनीकी हस्तांतरण और ग्रिड इंटीग्रेशन पर केंद्रित हैं।
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