भारी बारिश से नुकसान का सर्वे शुरू, 87 हेक्टेयर धान प्रभावित
अतिवृष्टि के कारण जनपद में फसल और संपत्ति को हुए नुकसान का सर्वे शुरू करा दिया गया है।
अतिवृष्टि के कारण जनपद में फसल और संपत्ति को हुए नुकसान का सर्वे शुरू करा दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, अत्यधिक वर्षा से हुई फसल क्षति की जानकारी जुटाई जा रही है और अब तक जनपद में 87 हे0 धान की फसल क्षति की सूचना प्राप्त हुई है।
संपत्ति के नुकसान को लेकर भी रिपोर्ट सामने आई है। अब तक 22 कच्चा मकान, 02 आवासीय पक्का मकान और 11 पशुशेड के क्षति की सूचना प्राप्त हुई है। भारी बारिश के बाद सड़कों पर बड़ी संख्या में पेड़ गिर गए थे, जिन्हें वन विभाग की टीम द्वारा हटाया गया है।
प्रशासन ने बताया कि वर्तमान में बाढ़ से आबादी प्रभावित नही हैं। इसके बावजूद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निरंतर निगरानी की जा रही है। सभी आवश्यक राहत सामग्रियां, बचाव दल, बाढ़ चौकियां और शरणालय स्थल क्रियाशील हैं।
किसी भी आपातकालीन स्थिति या सहायता के लिए जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 24×7 संचालित है। किसी भी आपात स्थिति में 1077, 7905573303 एवं 7991990387, 9721939303, 05250297302 पर सूचित करें अथवा क्षेत्रीय लेखपाल, तहसीलदार, उपजिलाधिकारी को सूचित करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारी बारिश से फसल को कितना नुकसान हुआ है?
प्रशासन के अनुसार, अब तक जनपद में 87 हेक्टेयर धान की फसल को नुकसान होने की सूचना मिली है।
संपत्ति को क्या-क्या नुकसान हुआ है?
अब तक 22 कच्चे मकान, 2 आवासीय पक्के मकान और 11 पशुशेड को नुकसान होने की सूचना मिली है।
क्या अभी बाढ़ से आबादी प्रभावित है?
प्रशासन ने बताया है कि फिलहाल बाढ़ से आबादी प्रभावित नहीं है, लेकिन प्रभावित इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है।
आपात स्थिति में कहां संपर्क करें?
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 24 घंटे चालू है। मदद के लिए 1077, 7905573303, 7991990387, 9721939303 या 05250297302 पर संपर्क किया जा सकता है।
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