हाथरस के स्कूलों में पॉक्सो एक्ट, बुजुर्गों के अधिकारों पर जागरूकता
हाथरस में गांधी जयंती के अवसर पर पॉक्सो एक्ट-2012 और वृद्धजन अधिकारों को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
हाथरस में गांधी जयंती के अवसर पर पॉक्सो एक्ट-2012 और वृद्धजन अधिकारों को लेकर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशन और जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष विनय कुमार-तृतीय के आदेशानुसार 25 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक जिले के अलग-अलग विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट-2012 के प्रावधानों और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जा रही है।
इसी क्रम में अक्रूर इंटर कॉलेज, हाथरस में छात्र-छात्राओं के लिए विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) हर्ष अग्रवाल और अपर जनपद न्यायाधीश कोर्ट संख्या-2 महेन्द्र रावत ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून की बुनियादी जानकारी देना और उन्हें अपने अधिकारों व सुरक्षा के प्रति जागरूक करना रहा।
शिविर में विशेष न्यायाधीश हर्ष अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रावधानों और उनसे जुड़े कानूनी परिणामों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि किशोर-किशोरियों के लिए यह समझना बहुत जरूरी है कि 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति की सहमति का कानून में वही महत्व नहीं है, जो बालिग व्यक्ति की सहमति का होता है।
हर्ष अग्रवाल ने विद्यार्थियों को बताया कि जानकारी के अभाव में कई किशोर ऐसे मामलों में फंस जाते हैं, जिनके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे कानून की जानकारी रखें और किसी भी परिस्थिति में सोच-समझकर ही कदम उठाएं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कानूनी जानकारी की कमी कई बार मुश्किल हालात पैदा कर सकती है, इसलिए विद्यार्थियों को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को समझना चाहिए।
अपर जनपद न्यायाधीश महेन्द्र रावत ने भी छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोर-किशोरियों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अगर कोई व्यक्ति उन्हें परेशान करता है, तो इसकी जानकारी तुरंत अपने माता-पिता या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को दें।
महेन्द्र रावत ने यह भी बताया कि अगर वहां से मदद नहीं मिलती है, तो पुलिस में लिखित शिकायत की जा सकती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि इस नंबर पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी परेशानी को छिपाने के बजाय समय पर सही व्यक्ति या संस्था तक बात पहुंचाना जरूरी है।
सहायक लीगल एड डिफेंस काउंसिल विजय कुमार सेंगर ने पॉक्सो अधिनियम के अलग-अलग प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि यह कानून बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा है और इसके तहत कई महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान किए गए हैं। शिविर में पराविधिक स्वयंसेवकों साहब सिंह, चित्र सिंह और रामकुमार शर्मा ने भी छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट से संबंधित जरूरी कानूनी जानकारी दी।
कार्यक्रम में विधि छात्रा कृति ने भी विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें बताईं। शिविर के दौरान छात्र-छात्राओं को कानून की जानकारी आसान तरीके से समझाने की कोशिश की गई, ताकि वे किसी भी मुश्किल स्थिति में सही फैसला ले सकें और जरूरत पड़ने पर मदद मांग सकें।
अक्रूर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रामतेज ने छात्र-छात्राओं से अपील की कि शिविर में मिली जानकारी को वे अपने परिवार और आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि इस तरह की जानकारी सिर्फ विद्यार्थियों के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के लिए भी उपयोगी है। प्रधानाचार्य रामतेज ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए सभी अतिथियों और विधिक सेवा प्राधिकरण का आभार व्यक्त किया।
इसके अलावा, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष विनय कुमार-तृतीय के आदेश और सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनु चौधरी के मार्गदर्शन में 1 अक्टूबर को नगला भुस स्थित वृद्धाश्रम में भी विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर रखा गया था। इसमें वृद्धजनों को उनके सम्मान, अधिकारों और सामाजिक महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
वृद्धाश्रम में आयोजित कार्यक्रम में डॉक्टर ओम प्रकाश सारस्वत और राकेश कुमार ने वृद्धजनों को संबोधित किया। उन्होंने वृद्धजनों को सम्मान, अधिकारों और समाज में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि बुढ़ापा जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि अनुभव और ज्ञान का सुंदर शिखर है।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि वृद्धजनों के जीवन के अनुभव समाज और नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शन का काम करते हैं। उन्होंने वृद्धजनों को आश्वस्त किया कि वे अकेले नहीं हैं और समाज उनके साथ है। कार्यक्रम में वृद्धजनों के सम्मान और उनके अधिकारों को लेकर जागरूकता पर खास जोर दिया गया।
पीएलवी राकेश कुमार ने भी अपने विचार रखे और सभी वृद्धजनों को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संचालन और सहयोग कोमल सिंह ने किया। इस अवसर पर वृद्धाश्रम में रहने वाले वृद्धजनों ने अपने जीवन के अनुभव भी साझा किए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस के स्कूलों में यह जागरूकता कार्यक्रम कब से कब तक चल रहा है?
यह कार्यक्रम 25 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक जिले के अलग-अलग विद्यालयों में चल रहा है।
इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को किस बारे में जानकारी दी जा रही है?
विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट-2012, बच्चों की सुरक्षा, कानूनी अधिकार और वृद्धजन अधिकारों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
अक्रूर इंटर कॉलेज के शिविर में कौन-कौन शामिल हुए?
शिविर में विशेष न्यायाधीश हर्ष अग्रवाल, अपर जनपद न्यायाधीश महेन्द्र रावत, सहायक लीगल एड डिफेंस काउंसिल विजय कुमार सेंगर और अन्य लोग शामिल हुए।
बच्चों को परेशानी होने पर क्या करने को कहा गया?
उन्हें कहा गया कि अगर कोई परेशान करे तो तुरंत माता-पिता या भरोसेमंद व्यक्ति को बताएं। मदद न मिले तो पुलिस में लिखित शिकायत करें या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क करें।
पॉक्सो एक्ट को लेकर विद्यार्थियों को क्या अहम बात बताई गई?
बताया गया कि 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति की सहमति को कानून में बालिग व्यक्ति की सहमति जैसा महत्व नहीं माना जाता, इसलिए कानून की जानकारी रखना जरूरी है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप
- 2
शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान
- 3
शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप
- 4
गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग
- 5
हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।