हाथरस मेले में बिछड़े 80 बच्चों को पुलिस ने परिजनों से मिलाया
हाथरस के 115वें श्री दाऊजी महाराज मेले में अपनों से बिछड़े 80 बच्चों को हाथरस पुलिस ने सकुशल उनके परिजनों से मिलाया।
हाथरस के 115वें श्री दाऊजी महाराज मेले में अपनों से बिछड़े 80 बच्चों को हाथरस पुलिस ने सकुशल उनके परिजनों से मिलाया। पुलिस की इस कोशिश से बच्चों को सुरक्षा मिली और परेशान परिवारों के चेहरों पर फिर से मुस्कान लौट आई।
हाथरस पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर 2026 से 6 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान मेले में बिछड़े कुल 80 बच्चों को तलाश कर उनके परिवारों तक पहुंचाया गया। पुलिसकर्मियों ने बच्चों की पहचान सुनिश्चित करने के बाद उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द किया।
मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। भारी भीड़ के बीच कई बच्चे अपने अपनों से अलग हो गए थे। बच्चों के बिछड़ने से उनके परिवार परेशान थे और उन्हें तलाश कर रहे थे। ऐसे समय में पुलिसकर्मियों ने संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम किया।
पुलिस ने बिछड़े बच्चों की तलाश की और उनकी पहचान से जुड़ी जानकारी सुनिश्चित की। इसके बाद बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से उन परिवारों को बड़ी राहत मिली, जो मेले में अपने बच्चों के बिछड़ने से चिंतित थे।
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशन में मेले की सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व और मेला प्रभारी अवधेश कुमार की देखरेख में मेले के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत तैनात पुलिसकर्मियों ने बिछड़े बच्चों को उनके परिवारों तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास किए। पुलिस ने बच्चों की तलाश करने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया कि उन्हें सही परिजनों के हवाले किया जाए।
हाथरस पुलिस ने कहा कि मेले के दौरान 17 सितंबर 2026 से 6 अक्टूबर 2026 तक चले अभियान में 80 बिछड़े बच्चों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। पुलिसकर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से बच्चों को उनके अपनों से मिलाने में मदद मिली।
पुलिस का यह प्रयास बड़े धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा के साथ मानवीय जिम्मेदारी निभाने का उदाहरण है। ऐसे आयोजनों में भारी भीड़ के कारण बच्चों के अपने परिजनों से बिछड़ने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में पुलिस की सतर्कता प्रभावित परिवारों के लिए मददगार साबित होती है।
हाथरस पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मेले, धार्मिक आयोजनों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों का विशेष ध्यान रखें। पुलिस ने कहा है कि बच्चों को अपना नाम, माता-पिता का नाम और मोबाइल नंबर याद कराएं। बच्चों को अकेला न छोड़ें और भीड़भाड़ वाली जगहों पर उनके साथ रहें।
पुलिस ने यह भी अपील की है कि अगर कोई बच्चा बिछड़ जाए या अकेला दिखाई दे, तो तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी अथवा पुलिस सहायता केंद्र को सूचना दें। हाथरस पुलिस ने कहा कि जनपदवासियों की सुरक्षा, सहायता और सेवा के लिए पुलिस सदैव तत्पर है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस मेले में कितने बिछड़े बच्चों को उनके परिवारों से मिलाया गया?
हाथरस पुलिस ने मेले में बिछड़े 80 बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया।
बच्चों को उनके परिवारों से मिलाने के लिए अभियान कब चलाया गया?
विशेष अभियान 17 सितंबर 2026 से 6 अक्टूबर 2026 तक चलाया गया।
बिछड़े बच्चों को परिवारों को सौंपने से पहले पुलिस ने क्या किया?
पुलिस ने बच्चों की तलाश की और उनकी पहचान पक्की करने के बाद उन्हें सही परिजनों को सौंपा।
मेले में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने लोगों से क्या अपील की?
पुलिस ने लोगों से बच्चों पर खास ध्यान रखने, उन्हें अकेला न छोड़ने और उनका नाम, माता-पिता का नाम व मोबाइल नंबर याद कराने की अपील की।
अगर कोई बच्चा मेले में बिछड़ जाए तो क्या करना चाहिए?
तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी या पुलिस सहायता केंद्र को सूचना देनी चाहिए।
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