हाथरस पुलिस ने काउंसलिंग से 80 परिवारों में कराया सुलह-समझौता
हाथरस पुलिस की पहल से पारिवारिक विवादों के कारण बिखरने की कगार पर पहुंचे 80 परिवारों में फिर से खुशियां लौटने की उम्मीद जगी है।
हाथरस पुलिस की पहल से पारिवारिक विवादों के कारण बिखरने की कगार पर पहुंचे 80 परिवारों में फिर से खुशियां लौटने की उम्मीद जगी है। मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत परिवार परामर्श केंद्र और महिला थाना की टीम ने काउंसलिंग और मध्यस्थता के जरिए पति-पत्नी के बीच दूरियां कम कराईं। इसके बाद 80 परिवारों में सुलह-समझौता कराया गया।
हाथरस पुलिस परिवारों को दोबारा जोड़ने के लिए लगातार कोशिश कर रही है। इसी क्रम में पारिवारिक विवादों से जूझ रहे दंपतियों की समस्याओं को परिवार परामर्श केंद्र और महिला थाना की टीम ने गंभीरता से सुना। टीम ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश की।
काउंसलिंग के दौरान दंपतियों को आपसी समझ, प्रेम, विश्वास और सम्मान का महत्व बताया गया। टीम ने उन्हें समझाया कि पारिवारिक विवादों का हल आपसी बातचीत और समझदारी से निकाला जा सकता है। दंपतियों को विवादों को बढ़ाने के बजाय बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए प्रेरित किया गया।
लगातार समझाइश और प्रभावी मध्यस्थता के बाद 80 परिवारों के पति-पत्नी ने अपने मतभेद दूर किए। इन दंपतियों ने आपसी सहमति से दोबारा साथ रहने और अपने पारिवारिक जीवन को आगे बढ़ाने का फैसला लिया। पुलिस की इस पहल से इन परिवारों में फिर से साथ रहने और रिश्तों को संभालने की उम्मीद बनी है।
इस पहल का मकसद केवल पति-पत्नी के बीच हुए विवादों को खत्म कराना नहीं था। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण के साथ-साथ पारिवारिक रिश्तों को मजबूत बनाना भी इसका उद्देश्य था। परिवार परामर्श केंद्र और महिला थाना की टीम ने इसी उद्देश्य के तहत दंपतियों से बातचीत की और उन्हें एक-दूसरे की बात समझने के लिए प्रेरित किया।
एसपी ने दंपतियों को किया सम्मानित
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक हाथरस चिरंजीव नाथ सिन्हा ने सुलह-समझौते के जरिए अपने पारिवारिक विवादों का समाधान करने वाले दंपतियों को सम्मानित किया। उन्होंने दंपतियों को आपसी प्रेम, विश्वास, सहयोग और सम्मान के साथ जीवन बिताने के लिए प्रेरित किया।
एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने सभी दंपतियों के सुखद, शांतिपूर्ण और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने परिवारों में आपसी समझ बनाए रखने और रिश्तों को सम्मान देने की बात कही। सम्मानित किए गए दंपतियों ने आपसी सहमति से अपने मतभेद दूर कर साथ रहने का फैसला लिया।
मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत हाथरस पुलिस की यह पहल पारिवारिक विवादों के निस्तारण तक सीमित नहीं है। इसके जरिए परिवारों में आपसी विश्वास बहाल करने और टूटते रिश्तों को बचाने की कोशिश की जा रही है। परिवार परामर्श केंद्र और महिला थाना की टीम काउंसलिंग के माध्यम से पारिवारिक समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान कराने में जुटी है।
हाथरस पुलिस का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण के साथ पारिवारिक विवादों का संवेदनशीलता से निस्तारण करना उसकी प्राथमिकता है। पुलिस का उद्देश्य आपसी संवाद और समझदारी के जरिए विवादों को सुलझाना है, ताकि परिवारों में प्रेम, विश्वास और खुशहाली का माहौल बना रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस पुलिस ने कितने परिवारों में सुलह-समझौता कराया?
हाथरस पुलिस ने काउंसलिंग और मध्यस्थता के जरिए 80 परिवारों में सुलह-समझौता कराया।
पुलिस ने परिवारों के विवाद कैसे सुलझाए?
परिवार परामर्श केंद्र और महिला थाना की टीम ने पति-पत्नी की समस्याएं सुनीं, बातचीत कराई और काउंसलिंग के जरिए मतभेद दूर कराने की कोशिश की।
काउंसलिंग में दंपतियों को क्या समझाया गया?
दंपतियों को आपसी समझ, प्रेम, विश्वास और सम्मान का महत्व बताया गया। उन्हें बातचीत और समझदारी से विवाद सुलझाने के लिए प्रेरित किया गया।
सुलह के बाद दंपतियों ने क्या फैसला लिया?
80 परिवारों के दंपतियों ने आपसी सहमति से दोबारा साथ रहने और अपना पारिवारिक जीवन आगे बढ़ाने का फैसला लिया।
एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने दंपतियों को क्या संदेश दिया?
उन्होंने दंपतियों को आपसी प्रेम, विश्वास, सहयोग और सम्मान के साथ जीवन बिताने के लिए प्रेरित किया और उनके सुखद भविष्य की कामना की।
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