हाथरस में पीईटी परीक्षा, एआई बायोमेट्रिक जांच के बाद प्रवेश
हाथरस में रविवार को प्रारंभिक अर्हता परीक्षा यानी PET का आयोजन सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच किया जा रहा है। जिले में परीक्षा के लिए शहर के 16 केंद्र बनाए गए हैं।
हाथरस में रविवार को प्रारंभिक अर्हता परीक्षा यानी PET का आयोजन सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच किया जा रहा है। जिले में परीक्षा के लिए शहर के 16 केंद्र बनाए गए हैं। इन सभी केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ जुटने लगी। परीक्षार्थी सुबह 7:30 बजे से परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गए थे, जबकि केंद्रों पर प्रवेश प्रक्रिया सुबह 8 बजे से शुरू हुई।
परीक्षा को नकलविहीन और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए प्रशासन ने केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों का AI तकनीक की मदद से बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया। इसके बाद त्रिस्तरीय जांच प्रक्रिया पूरी की गई। इन सभी प्रक्रियाओं के बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के अंदर जाने दिया गया।
प्रवेश के दौरान नियमों का सख्ती से पालन कराया गया। अभ्यर्थियों को पेन, आधार कार्ड, प्रवेश पत्र और रुपये के अलावा कोई अन्य सामग्री परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी। जांच के दौरान महिला अभ्यर्थियों के बालों में बने जूड़ों को भी खुलवाकर चेक किया गया। वहीं, पुरुष अभ्यर्थियों के जूते और मोजे उतरवाकर तलाशी ली गई।
सुरक्षा कर्मियों ने जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अभ्यर्थियों को आगे जाने दिया। केंद्रों पर प्रवेश से पहले की जा रही इस जांच का मकसद परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी और नकल की संभावना को रोकना बताया गया है। प्रशासन की ओर से परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और संबंधित अधिकारियों की निगरानी रखी गई।
हाथरस जिले में PET की परीक्षा दो पालियों में हो रही है। हर पाली में 6,576 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के पहुंचने को देखते हुए प्रशासन की ओर से अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर पुलिसकर्मियों के साथ संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई है।
अधिकारियों की ओर से परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण भी किया जा रहा है। विभिन्न स्तरों के अधिकारी केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। प्रवेश प्रक्रिया, सुरक्षा जांच और अभ्यर्थियों के सत्यापन पर भी नजर रखी जा रही है। प्रशासन का ध्यान परीक्षा को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने पर है।
परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए रेलवे की ओर से परीक्षा स्पेशल ट्रेन भी चलाई गई। हालांकि, यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब 45 मिनट की देरी से सुबह 8:05 बजे हाथरस पहुंची। ट्रेन के संचालन की जानकारी कम अभ्यर्थियों को थी। इसी वजह से इस ट्रेन से हाथरस आने वाले परीक्षार्थियों की संख्या कम रही।
PET में शामिल होने के लिए दूसरे जिलों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी हाथरस पहुंचे हैं। दूर-दराज के जिलों से आए परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्रों की दूरी और यात्रा से जुड़ी परेशानियां बताईं। रायबरेली और फतेहपुर से परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों ने कहा कि केंद्र दूर बनाए जाने से उन्हें लंबी यात्रा करनी पड़ी।
फतेहपुर से परीक्षा देने हाथरस पहुंचीं प्रिया तिवारी ने बताया कि उनका परीक्षा केंद्र 500 किलोमीटर से भी अधिक दूरी पर है। उन्होंने कहा कि इतनी लंबी दूरी तय करने की चिंता और यात्रा की परेशानी के कारण परीक्षा से पहले ही मानसिक दबाव बढ़ जाता है। प्रिया तिवारी ने सरकार से मांग की कि अभ्यर्थियों के परीक्षा केंद्र उनके घर के नजदीक या आसपास के जिलों में बनाए जाएं।
उन्होंने कहा कि अगर परीक्षा केंद्र नजदीक होंगे, तो अभ्यर्थियों को अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। दूर का केंद्र मिलने पर परीक्षा देने से पहले ही यात्रा की चिंता शुरू हो जाती है। लंबी दूरी तय करने में समय और पैसे दोनों खर्च होते हैं। प्रिया तिवारी ने परीक्षा केंद्रों को अभ्यर्थियों के घर के नजदीक रखने की मांग की।
रायबरेली से अपनी पत्नी को परीक्षा दिलाने हाथरस पहुंचे अमरीश कुमार शुक्ला ने भी यात्रा और खर्च को लेकर परेशानी बताई। उन्होंने कहा कि यहां तक आने में करीब 2,500 रुपये खर्च हो गए। अमरीश कुमार शुक्ला के मुताबिक, यात्रा में समय और पैसे खर्च होने के साथ ही उन्हें अलग से परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इस तरह हाथरस में एक ओर प्रशासन PET परीक्षा को सुरक्षित, पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से कराने में जुटा है। केंद्रों पर AI तकनीक से बायोमेट्रिक सत्यापन, त्रिस्तरीय जांच और सख्त तलाशी के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जा रहा है। दूसरी ओर, दूर-दराज के जिलों से आए परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्रों की दूरी कम करने की मांग उठाई है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा केंद्र घर के नजदीक या आसपास के जिलों में होने चाहिए। इससे यात्रा का खर्च और समय कम होगा। उनके मुताबिक, केंद्र नजदीक होने से परीक्षा देने के लिए आने वाले अभ्यर्थियों को अतिरिक्त मानसिक दबाव और यात्रा की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस में PET परीक्षा के लिए कितने केंद्र बनाए गए हैं?
हाथरस जिले में PET परीक्षा के लिए शहर में 16 केंद्र बनाए गए हैं।
PET परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले क्या जांच हुई?
प्रवेश से पहले AI तकनीक से बायोमेट्रिक सत्यापन और तीन स्तरों की जांच की गई। इसके बाद ही अभ्यर्थियों को अंदर जाने दिया गया।
अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के अंदर क्या ले जा सकते थे?
अभ्यर्थी पेन, आधार कार्ड, प्रवेश पत्र और रुपये ले जा सकते थे। इनके अलावा किसी दूसरी सामग्री की अनुमति नहीं थी।
हाथरस में PET परीक्षा कितनी पालियों में हो रही है?
PET परीक्षा दो पालियों में हो रही है। हर पाली में 6,576 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।
परीक्षा स्पेशल ट्रेन हाथरस कब पहुंची?
परीक्षा स्पेशल ट्रेन करीब 45 मिनट की देरी से सुबह 8:05 बजे हाथरस पहुंची।
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