मिशन शक्ति के तहत हाथरस में उत्कृष्ट महिलाओं और बालिकाओं का सम्मान
मिशन शक्ति फेज-6.0 के द्वितीय चरण के तहत हाथरस में महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मिशन शक्ति फेज-6.0 के द्वितीय चरण के तहत हाथरस में महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किया गया। बुधवार को पुलिस लाइन हाथरस के सभागार में हुए इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मान पाने वालों में महिला पुलिस अधिकारी और कर्मचारी, शिक्षिकाएं, चिकित्सक, खिलाड़ी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, महिला सफाई कर्मी, वार्डन और छात्राएं शामिल रहीं। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं का उत्साह बढ़ाना और उन्हें आगे भी बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सदर विधायक और महिला एवं बाल विकास संबंधी संयुक्त समिति की सभापति अंजुला सिंह माहौर ने की। कार्यक्रम में विधायक सिकंदराराऊ वीरेंद्र सिंह राणा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाह, राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह, ब्रज क्षेत्र उपाध्यक्ष शरद माहेश्वरी, अपना दल के जिलाध्यक्ष रवि सारस्वत, जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत किया गया। इस दौरान महिला सुरक्षा, लड़कियों की शिक्षा, आत्मसम्मान और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने से जुड़े मुद्दों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर ने कहा कि मिशन शक्ति के तहत महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए आयोजित यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को हमेशा पूजनीय स्थान दिया गया है। इतिहास में शासन, धर्म, राजनीति और समाज सेवा सहित अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का परिचय दिया है।
अंजुला सिंह माहौर ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं को केंद्र में रखकर कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। महिलाओं की सुरक्षा, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने महिला सुरक्षा के क्षेत्र में तत्परता से काम करने के लिए पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा और उनकी टीम की सराहना की।
विधायक ने कहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश तभी सार्थक होगा, जब हर बेटी को सुरक्षित जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि बेटियां परिवार की खुशहाली और समाज की प्रगति का आधार हैं।
उन्होंने कहा कि अगर बेटियों को उचित अवसर और प्रोत्साहन दिया जाए तो वे देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंच सकती हैं। अंजुला सिंह माहौर ने सभी लोगों से बेटियों को शिक्षित करने और उनके सपनों को साकार करने में सहयोग देने का आह्वान किया।
विधायक सिकंदराराऊ वीरेंद्र सिंह राणा ने नारी शक्ति को नमन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति स्वरूपा माना गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति अभियान महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
वीरेंद्र सिंह राणा ने कहा कि पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए आरक्षण, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई और रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर महिला पीएसी बटालियनों का गठन और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जैसे प्रयास महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है। विधायक ने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने कहा कि मिशन शक्ति 6.0 के तहत कार्यक्रम आयोजित करने का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और बालिकाओं को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि सम्मान मिलने से महिलाएं और बालिकाएं भविष्य में और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित होंगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि समाज के निर्माण और विकास में महिलाओं की भूमिका पुरुषों के समान महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सशक्त, समृद्ध और प्रगतिशील समाज बनाने के लिए महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर, सम्मान और अधिकार मिलना जरूरी है।
सत्य प्रकाश पटेल ने ऐसे समाज के निर्माण पर जोर दिया, जहां महिलाओं की प्रतिभा, क्षमता और योगदान को उचित पहचान मिले। उन्होंने कहा कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने जनप्रतिनिधियों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
एसपी ने कार्यक्रम में शामिल विद्यालयों की छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली बेटियों को उचित मंच और प्रोत्साहन मिलना चाहिए, ताकि वे जनपद का नाम प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर सकें।
चिरंजीव नाथ सिन्हा ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद किया। उन्होंने साफ कहा कि महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम में सेठ हरचरण दास गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सरस्वती वंदना की मनमोहक प्रस्तुति दी। छात्राओं की इस प्रस्तुति को कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने देखा और उनका उत्साह बढ़ाया।
जीआईसी की छात्राओं ने ‘बेटी हूं मैं, बेटी बनूंगी तारा, बनूंगी सहारा’ गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। अतिथियों ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें बधाई दी।
सेठ हरचरण दास गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने ‘सेव गर्ल चाइल्ड’ विषय पर नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया। इस नाटक के जरिए बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान का संदेश दिया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से छात्राओं ने बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा के साथ उनके सम्मान की जरूरत को सामने रखा। अतिथियों ने छात्राओं को प्रोत्साहित किया और उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की।
कार्यक्रम के समापन के बाद मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पुलिस लाइन परिसर में अशोक का पौधा लगाया। पौधरोपण के जरिए पर्यावरण संरक्षण और पौधे लगाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और बालिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों की सहायता के लिए जारी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई।
महिला सुरक्षा और सहायता के लिए 1090 वुमेन पावर लाइन, 181 महिला हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 102 स्वास्थ्य सेवा और 108 एंबुलेंस सेवा के बारे में बताया गया।
इस मौके पर प्रभागीय वनाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, जिला पर्यटन अधिकारी, जिला स्पोर्ट्स अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में महिला पुलिसकर्मी, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और छात्राओं ने भी हिस्सा लिया। मिशन शक्ति 6.0 के इस कार्यक्रम में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और स्वावलंबन को लेकर अलग-अलग वक्ताओं ने अपने विचार रखे और उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं तथा बालिकाओं का सम्मान किया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस में महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान का कार्यक्रम किस अभियान के तहत हुआ?
यह कार्यक्रम मिशन शक्ति फेज-6.0 के द्वितीय चरण के तहत आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में किन लोगों को सम्मानित किया गया?
महिला पुलिसकर्मियों, शिक्षिकाओं, चिकित्सकों, खिलाड़ियों, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं, महिला सफाई कर्मियों, वार्डन और छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
महिलाओं और बालिकाओं का उत्साह बढ़ाना और उन्हें आगे भी बेहतर काम करने के लिए प्रोत्साहित करना इसका मुख्य उद्देश्य था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता किसने की?
कार्यक्रम की अध्यक्षता सदर विधायक और महिला एवं बाल विकास संबंधी संयुक्त समिति की सभापति अंजुला सिंह माहौर ने की।
कार्यक्रम में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
महिला सुरक्षा, लड़कियों की शिक्षा, आत्मसम्मान और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
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