दिल्ली से लौटे कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने पुलिस पर हाउस अरेस्ट का आरोप लगाया
दिल्ली से लौटने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय ने सासनी कोतवाली पुलिस पर उन्हें हाउस अरेस्ट किए जाने का आरोप लगाया है।
दिल्ली से लौटने के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय ने सासनी कोतवाली पुलिस पर उन्हें हाउस अरेस्ट किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली में तीन दिन रहने के बाद वह बीती रात अपने घर लौटे थे। इसके बाद शुक्रवार सुबह करीब छह बजे सासनी कोतवाली पुलिस उनके आवास पर पहुंची और उन्हें घर से बाहर निकलने से रोक दिया।
विवेक उपाध्याय जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। उनका कहना है कि दिल्ली से वापस आने के बाद घर लौट चुके व्यक्ति को अब घर से बाहर निकलने से रोकने का क्या औचित्य है। उन्होंने इस मामले को लेकर एसपी हाथरस से सवाल किया है और पुलिस की कार्रवाई का आधार स्पष्ट करने की मांग की है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने बताया कि दिल्ली में कांग्रेस सांसद और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद के साथ उन्हें हौज खास थाने में गिरफ्तार किया जा चुका है। विवेक उपाध्याय ने कहा कि जब वह दिल्ली से हाथरस लौट आए हैं और अपने घर पर हैं, तो अब उन्हें घर में रोकने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें बाहर जाने से रोक दिया गया, लेकिन इस कार्रवाई का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। विवेक उपाध्याय ने सवाल उठाया कि दिल्ली में कार्रवाई के बाद हाथरस लौटने पर भी उन्हें घर से बाहर निकलने से रोकना किस आधार पर उचित है।
विवेक उपाध्याय ने अपने निजी, पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि उनके भी जरूरी काम हैं और उन कामों के लिए उन्हें घर से बाहर आना-जाना पड़ता है। ऐसे में पुलिस द्वारा बिना स्पष्ट कारण बताए उनके घर पहुंचना और उन्हें रोकना कहां तक उचित है, यह सवाल उठता है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने यह भी सवाल किया कि क्या विपक्ष का नेता होने के कारण उन्हें अपनी सामान्य दिनचर्या और व्यक्तिगत स्वतंत्रता से समझौता करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना विपक्ष का अधिकार है।
विवेक उपाध्याय के मुताबिक, अगर पुलिस प्रशासन को किसी तरह की आपत्ति है या कोई जरूरी कार्रवाई करनी है, तो उसे कानून के अनुसार कदम उठाना चाहिए। साथ ही, कार्रवाई का स्पष्ट आधार भी बताया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को उसके घर पर रोकने की कार्रवाई का औचित्य भी साफ होना चाहिए।
उन्होंने एसपी हाथरस से पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की। साथ ही, उन्होंने यह स्पष्ट करने को कहा कि दिल्ली से लौटने के बाद उन्हें किस आदेश और किस आधार पर हाउस अरेस्ट किया गया है।
विवेक उपाध्याय ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और शांतिपूर्ण विरोध करना अपराध नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को कानून का पालन करते हुए नागरिकों के अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विवेक उपाध्याय ने पुलिस पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने सासनी कोतवाली पुलिस पर उन्हें घर से बाहर निकलने से रोकने और हाउस अरेस्ट करने का आरोप लगाया।
पुलिस उनके घर कब पहुंची थी?
विवेक उपाध्याय के मुताबिक, शुक्रवार सुबह करीब छह बजे पुलिस उनके घर पहुंची थी।
विवेक उपाध्याय दिल्ली से कब लौटे थे?
उन्होंने बताया कि दिल्ली में तीन दिन रहने के बाद वह बीती रात हाथरस स्थित अपने घर लौटे थे।
उन्होंने एसपी हाथरस से क्या मांग की?
उन्होंने पूरे मामले का संज्ञान लेने और यह बताने की मांग की कि किस आदेश और आधार पर उन्हें घर में रोका गया।
विवेक उपाध्याय ने लोकतंत्र को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और शांतिपूर्ण विरोध करना अपराध नहीं है।
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