हाथरस में 65 फीट के रावण का दहन, जयकारों से गूंजा मैदान
हाथरस में मंगलवार को विजयदशमी का पर्व धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर शहर के एमजी पॉलीटेक्निक मैदान में देर शाम रावण के विशाल पुतले का दहन किया गया।
हाथरस में मंगलवार को विजयदशमी का पर्व धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर शहर के एमजी पॉलीटेक्निक मैदान में देर शाम रावण के विशाल पुतले का दहन किया गया। रावण दहन देखने के लिए शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जैसे ही रावण का पुतला धू-धूकर जलने लगा, पूरा मैदान भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
विजयदशमी के आयोजन के दौरान बुराई पर अच्छाई और सत्य की जीत का संदेश दिया गया। लोगों के बीच यह बात रखी गई कि बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत अच्छाई और सत्य की ही होती है। इस संदेश के साथ हाथरस जिलेभर में विजयदशमी का पर्व मनाया गया।
एमजी पॉलीटेक्निक मैदान में रावण दहन के लिए करीब 15 दिनों की मेहनत के बाद दशानन रावण का विशाल पुतला तैयार किया गया था। यह पुतला 65 फीट ऊंचा और 10 सिरों वाला था। शाम के समय पुतले को पॉलीटेक्निक मैदान में खड़ा किया गया। इसके बाद लोग उसे देखने के लिए मैदान में जुटने लगे।
मैदान और उसके आसपास मेले जैसा माहौल दिखाई दिया। दिनभर दूर-दराज के क्षेत्रों से लोग आयोजन स्थल पर पहुंचते रहे। लोगों ने चाट-पकौड़ी और अन्य व्यंजनों का आनंद लिया। शाम होते-होते मैदान दर्शकों से भर गया। हर कोई रावण दहन का नजारा देखने के लिए उत्सुक नजर आया।
देर शाम भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के स्वरूप मैदान में पहुंचे। इसके बाद रामलीला के कलाकारों ने राम-रावण युद्ध का मंचन किया। मंचन के दौरान युद्ध का दृश्य प्रस्तुत किया गया। रामलीला में दिखाया गया कि भगवान श्रीराम ने विभीषण के बताए रहस्य के अनुसार रावण की नाभि को निशाना बनाया।
इसके बाद भगवान श्रीराम ने अग्निबाण चलाया। अग्निबाण लगते ही रावण का विशाल पुतला आग की लपटों से घिर गया। देखते ही देखते पुतला धू-धूकर जलने लगा। पुतले से उठती आग की लपटों के बीच रंग-बिरंगी आतिशबाजी हुई। पटाखों की गूंज के साथ मैदान में मौजूद लोगों ने भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए।
रावण का पुतला धराशायी होते ही मैदान में मौजूद लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया। रावण दहन के बाद भगवान श्रीराम और माता जानकी के मिलन का दृश्य भी प्रस्तुत किया गया। विजयदशमी के इस आयोजन के जरिए लोगों को सत्य, धर्म और सदाचार के रास्ते पर चलने का संदेश दिया गया।
शहर के मुख्य आयोजन के साथ ही गली-मोहल्लों और विभिन्न क्षेत्रों में भी रावण दहन किया गया। बच्चों ने रावण के छोटे-छोटे पुतले बनाए और उनका दहन किया। बच्चों में विजयदशमी के पर्व को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों ने विजयदशमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया।
आयोजन के दौरान राम बहादुर यादव उर्फ भोला पहलवान, पवन गौतम, राहुल चौधरी और गोपाल शर्मा मौजूद रहे। इनके अलावा अपर पुलिस अधीक्षक रामनंदन कुशवाहा, सीओ हिमांशु माथुर और कोतवाली प्रभारी सत्येंद्र राघव भी मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल और पुलिसकर्मी तैनात रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाथरस में रावण दहन कहां किया गया?
हाथरस के एमजी पॉलीटेक्निक मैदान में देर शाम रावण दहन किया गया।
रावण का पुतला कितना ऊंचा था?
रावण का पुतला 65 फीट ऊंचा और 10 सिरों वाला था।
रावण का पुतला कैसे तैयार किया गया था?
करीब 15 दिनों की मेहनत के बाद रावण का विशाल पुतला तैयार किया गया था।
रावण दहन के दौरान मैदान में क्या हुआ?
रामलीला में राम-रावण युद्ध का मंचन हुआ, इसके बाद अग्निबाण लगते ही पुतला जल उठा और आतिशबाजी के बीच लोगों ने भगवान श्रीराम के जयकारे लगाए।
विजयदशमी के आयोजन में क्या संदेश दिया गया?
आयोजन में बुराई पर अच्छाई और सत्य की जीत का संदेश दिया गया।
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