हापुड़ में मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह शुरू, 85 छात्रों समेत स्टाफ की स्क्रीनिंग
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में स्वास्थ्य विभाग हापुड़ की ओर से मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का शुभारंभ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, कुचेसर चोपला से किया गया।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में स्वास्थ्य विभाग हापुड़ की ओर से मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का शुभारंभ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, कुचेसर चोपला से किया गया। इस मौके पर विद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम और स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया।
एनसीडी के नोडल डॉ. नवनीत रोहिल्ला ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने का लक्ष्य रखा है। इसी के तहत जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग की टीम ने विद्यालय के 85 विद्यार्थियों, 14 शिक्षकों और बाकी सहयोगी स्टाफ के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कई जरूरी बातों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर बढ़ते तनाव, अवसाद, मोबाइल एवं स्क्रीन की लत और मानसिक स्वास्थ्य पर इनके प्रभाव को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया।
साइको थेरपिस्ट डॉ. अंशु सोम ने विद्यार्थियों के लिए विस्तृत और उपयोगी सत्र लिया। उन्होंने बच्चों को तनाव के शुरुआती संकेत पहचानने के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और जरूरत पड़ने पर समय रहते विशेषज्ञ से मदद लेने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
डॉ. अंशु सोम ने मोबाइल और स्क्रीन की बढ़ती लत से जुड़े मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी जानकारी साझा की। विद्यार्थियों को समझाया गया कि तनाव और भावनाओं से जुड़ी परेशानियों को पहचानना जरूरी है, ताकि समय रहते विशेषज्ञ की मदद ली जा सके।
वहीं, क्लिनिकल साइकोलॉजिसट डॉ. मुग्धा उपाध्याय ने बच्चों में गुस्सा, चिड़चिड़ापन और व्यवहार संबंधी समस्याओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने परिवार और संस्कारों की भूमिका के बारे में भी बताया।
डॉ. मुग्धा उपाध्याय ने अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बच्चों के साथ संवाद, समझ और सकारात्मक व्यवहार के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में बच्चों के व्यवहार से जुड़ी बातों और उनसे संबंधित समस्याओं को समझने पर भी चर्चा की गई।
इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम “जीवन के अनुभवों को सुना जाए-वास्तविक आवाजें, वास्तविक बदलाव” निर्धारित की गई है। इस थीम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का अनुभव कर चुके लोगों की आवाज और उनके अनुभवों को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं एवं नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण स्थान देना है।
कार्यक्रम के दौरान सभी विद्यार्थियों की मानसिक स्वास्थ्य संबंधी स्क्रीनिंग भी की गई। विद्यालय के सभी शिक्षकों ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की। शिक्षकों ने मानसिक स्वास्थ्य, बच्चों के व्यवहार और विद्यार्थियों से संबंधित विभिन्न समस्याओं पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से सवाल पूछे और विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ विद्यालय का समस्त शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टाफ भी उपस्थित रहा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हापुड़ में मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह की शुरुआत कहां से हुई?
मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह की शुरुआत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, कुचेसर चोपला से हुई।
मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में कितने विद्यार्थियों और स्टाफ की स्क्रीनिंग हुई?
कार्यक्रम में 85 विद्यार्थियों, 14 शिक्षकों और बाकी सहयोगी स्टाफ के लिए स्क्रीनिंग और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में किन मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं पर चर्चा हुई?
कार्यक्रम में तनाव, अवसाद, मोबाइल और स्क्रीन की लत, गुस्सा, चिड़चिड़ापन और व्यवहार से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा हुई।
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2025 की थीम क्या है?
WHO की थीम “जीवन के अनुभवों को सुना जाए-वास्तविक आवाजें, वास्तविक बदलाव” है।
सबसे ज़्यादा पढ़ी गई
- 1
श्रावस्ती में सपा बैठक में हंगामा, नेता का माइक छीनने का आरोप
- 2
शामली में 50 से ज्यादा दुकानों के नाम कथित फर्जी बिल, लाखों भुगतान
- 3
शामली महिला का रिश्तेदारों पर 15 लाख के जेवर ले जाने का आरोप
- 4
गन्ने की फसल नुकसान और मारपीट के आरोप, डीएम से जांच की मांग
- 5
हाथरस में आयुष्मान संविदा कर्मियों ने सौंपा ज्ञापन, 22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की …
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली टिप्पणी करें।