हमीरपुर में डीएम ने तिल की क्रॉप कटिंग का लिया जायजा
हमीरपुर के सदर तहसील क्षेत्र स्थित कुछेछा गांव में जिलाधिकारी अशोक कुमार ने तिल की फसल की क्रॉप कटिंग का निरीक्षण किया। नियमानुसार नाप-जोख कराने के बाद तिल की फसल की कटाई कराई गई।
हमीरपुर के सदर तहसील क्षेत्र स्थित कुछेछा गांव में जिलाधिकारी अशोक कुमार ने तिल की फसल की क्रॉप कटिंग का निरीक्षण किया। नियमानुसार नाप-जोख कराने के बाद तिल की फसल की कटाई कराई गई। इसके बाद तिल की फलियों की तौल की गई, जिसमें 5 किलो 100 ग्राम वजन मिला।
सांख्यिकी विभाग की टीम की मौजूदगी में फसल की उपज का आकलन किया गया। जिलाधिकारी ने कहा, “सटीक उत्पादन आकलन है क्रॉप कटिंग का उद्देश्य।” उन्होंने कहा कि औसत उत्पादन कम होने पर किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलेगा।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पारदर्शिता और शुद्धता के साथ आंकड़ा संकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्रॉप कटिंग से जुटाए गए आंकड़े भविष्य की किसान कल्याण योजनाओं में सहायक होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हमीरपुर में तिल की फसल की क्रॉप कटिंग का निरीक्षण किसने किया?
जिलाधिकारी अशोक कुमार ने कुछेछा गांव में तिल की फसल की क्रॉप कटिंग का निरीक्षण किया।
क्रॉप कटिंग के बाद तिल की फलियों का वजन कितना मिला?
तिल की फलियों का वजन 5 किलो 100 ग्राम मिला।
क्रॉप कटिंग का मुख्य उद्देश्य क्या है?
क्रॉप कटिंग का मुख्य उद्देश्य फसल के उत्पादन का सटीक आकलन करना है।
औसत उत्पादन कम होने पर किसानों को क्या लाभ मिलेगा?
औसत उत्पादन कम होने पर किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलेगा।
क्रॉप कटिंग से जुटाए गए आंकड़े किस काम आएंगे?
ये आंकड़े भविष्य की किसान कल्याण योजनाओं में सहायक होंगे।
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