ग्वालियर में श्रद्धालुओं की भीड़ में घुसा बेकाबू ट्रक, 12 की मौत
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास रविवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हुआ। चीनौर रोड पर धान से भरा एक बेकाबू ट्रक श्रद्धालुओं की भीड़ में जा घुसा। हादसे में 12 लोगों की मौत हुई है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास रविवार तड़के एक भीषण सड़क हादसा हुआ। चीनौर रोड पर धान से भरा एक बेकाबू ट्रक श्रद्धालुओं की भीड़ में जा घुसा। हादसे में 12 लोगों की मौत हुई है। ताजा मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 28 से 29 लोग घायल बताए गए हैं। घायलों में कुछ की हालत गंभीर है। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और पुलिस-प्रशासन की टीमों ने राहत और बचाव का काम शुरू किया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा रात करीब 1:30 बजे मंदिर के पास हुआ। छिनोर की ओर से आ रहा धान से लदा ट्रक ढलान वाले रास्ते पर बेकाबू हो गया। बताया गया है कि ट्रक ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और सड़क पर मौजूद श्रद्धालुओं की भीड़ में घुस गया।
ट्रक श्रद्धालुओं को चपेट में लेते हुए आगे बढ़ा। सड़क किनारे मौजूद लोग और दुकानें भी इसकी चपेट में आ गईं। इसके बाद ट्रक मंदिर के गेट और बाहरी दीवार से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की दीवार का एक हिस्सा ढह गया। हादसे के समय मंदिर के आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
शीतला माता मंदिर में नवरात्रि के दौरान दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई थी। इसी दौरान यह दुर्घटना हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज रफ्तार से अचानक आए ट्रक ने लोगों को संभलने का मौका नहीं दिया। कुछ लोग सीधे ट्रक की चपेट में आ गए, जबकि कुछ अन्य लोग मंदिर की दीवार और मलबे की चपेट में आकर घायल हुए।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। राहत और बचाव दल ने घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों का अस्पतालों में इलाज जारी है।
हादसे के बाद घटनास्थल पर राहत का काम किया गया। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने घायलों को अस्पताल भेजने के साथ-साथ हादसे से जुड़े दूसरे जरूरी काम भी शुरू किए। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है। प्रशासन की ओर से राहत कार्यों के साथ हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। जांच में हादसे से जुड़े घटनाक्रम और ट्रक के बेकाबू होने की स्थिति की जानकारी जुटाई जाएगी।
इस हादसे के बाद मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते पर भारी वाहनों की आवाजाही, सड़क की ढलान और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिस रास्ते से ट्रक आया, वहां तेज ढलान है। इस रास्ते पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित बताई गई है।
जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि प्रतिबंधित बताई जा रही आवाजाही के बावजूद धान से लदा ट्रक उस रास्ते पर कैसे पहुंचा। इसके अलावा यह जांच की जाएगी कि ढलान वाले रास्ते पर ट्रक अनियंत्रित कैसे हुआ और पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने के बाद वह श्रद्धालुओं तक कैसे पहुंच गया।
हादसे में मंदिर के प्रवेश द्वार और बाहरी दीवार को भी नुकसान पहुंचा है। घटनास्थल पर मौजूद श्रद्धालुओं, सड़क किनारे खड़े लोगों और दुकानों के पास मौजूद लोगों पर ट्रक के पहुंचने से अचानक खतरा पैदा हुआ। फिलहाल घायलों का इलाज चल रहा है और हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ग्वालियर में हादसा कहां हुआ?
हादसा शीतला माता मंदिर के पास चीनौर रोड पर हुआ।
हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
हादसे में 12 लोगों की मौत हुई है।
हादसे में कितने लोग घायल हुए?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 28 से 29 लोग घायल हुए हैं। इनमें कुछ की हालत गंभीर है।
हादसा कैसे हुआ?
धान से भरा एक बेकाबू ट्रक ढलान वाले रास्ते पर पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर श्रद्धालुओं की भीड़ में घुस गया और मंदिर के गेट व बाहरी दीवार से टकरा गया।
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