गाजियाबाद में सेक्सटॉर्शन गैंग के चार सदस्य गिरफ्तार, 6.58 करोड़ ठगी का आरोप
गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच प्रभारी अनिल राजपूत ने अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड और सेक्सटॉर्शन गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
गाजियाबाद में क्राइम ब्रांच प्रभारी अनिल राजपूत ने अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड और सेक्सटॉर्शन गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए 6.58 करोड़ रुपये की ठगी का पर्दाफाश किया है। गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच ने साइबर फ्रॉड और अंतरराष्ट्रीय सेक्सटॉर्शन से जुड़े इस मामले में गैंग के चार सदस्यों को पकड़ा है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी बैंक अकाउंट खरीदकर भारत के अलग-अलग राज्यों में फ्रॉड करते थे और लोगों से रुपये ठगते थे। अब तक इनके जरिए कुल 6 करोड़ 58 लाख रुपये की ठगी की जा चुकी है। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट गाजियाबाद के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने मामले की गहन जांच की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. फैसल, मो. अमान त्यागी, मो. हम्माद और मो. फैजान के रूप में हुई है। मो. फैसल की उम्र 21 वर्ष, मो. अमान त्यागी की उम्र 25 वर्ष, मो. हम्माद की उम्र लगभग 20 वर्ष और मो. फैजान की उम्र 22 वर्ष बताई गई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 4 अकाउंट किट कार्ड, 5 सिम कार्ड और 2600 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन में एआई वीडियो सेक्सटॉर्शन से जुड़े सबूत भी मिले हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कनाडा के एक एनआरआई से फेसबुक मैसेंजर के जरिए संपर्क किया था। इसके बाद उन्होंने ‘नवप्रीत कौर’ नाम की महिला का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया। इसी अकाउंट के जरिए वीडियो कॉलिंग की गई और वीडियो रिकॉर्ड किया गया।
पुलिस के मुताबिक, रिकॉर्ड किए गए वीडियो को एआई तकनीक की मदद से सेक्सटॉर्शन वीडियो में बदला गया। इसके बाद कनाडा के एनआरआई से लगातार 50 हजार डॉलर की मांग की जाती रही। आरोपियों ने पैसे नहीं देने पर एआई वीडियो को वायरल करने की धमकी दी।
इस मामले में रुपये हासिल करने के लिए जो बैंक अकाउंट नंबर साझा किया गया था, वह गाजियाबाद की एक बैंक शाखा में संचालित था। इसी जानकारी के आधार पर कनाडा के एनआरआई ने गाजियाबाद पुलिस से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच क्राइम ब्रांच को दी गई और जांच आगे बढ़ाई गई।
पूछताछ में मो. फैसल, जो मेवात का निवासी है, ने पुलिस को बताया कि वह और उसके साथी मारूफ, अमान त्यागी तथा मो. हम्माद, जो मुजफ्फरनगर का निवासी है, बैंक अकाउंट खरीदते हैं। इसके बाद सभी लोग व्हाट्सऐप पर एक ग्रुप बनाते हैं और खरीदे गए खातों की डिटेल उस ग्रुप में डालते हैं।
पुलिस के अनुसार, गैंग के सदस्य देश-विदेश में रह रहे लोगों की एआई वीडियो बनाकर सेक्सटॉर्शन करते हैं। इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल कर साइबर फ्रॉड के जरिए रुपये मांगे जाते हैं। रुपये नहीं देने पर वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जाती है।
पूछताछ में यह भी पता चला कि जिन खातों में रुपये आते हैं, उन्हें तुरंत निकाल लिया जाता है। इसके बाद रकम गैंग के सदस्यों में बांट दी जाती है। खाताधारक को बैंक अकाउंट देने के समय 15,000 रुपये दिए जाते हैं। जिन खातों को लेकर ज्यादा शिकायतें आती हैं, उनका इस्तेमाल बंद कर दिया जाता है।
आरोपी खातों से जुड़ी जानकारी व्हाट्सऐप चैट में सुरक्षित रखते थे। पुलिस के मुताबिक, एआई वीडियो सेक्सटॉर्शन के जरिए मोटी रकम इन बैंक खातों में डलवाई जाती थी। इसके बाद शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर डेल्टा एल्बो ऐप के जरिए ट्रेडिंग भी की जाती थी।
पुलिस ने बताया कि यह गैंग वर्ष 2023 से सक्रिय है। एनसीआरबी पोर्टल पर दिल्ली-एनसीआर सहित देश के अलग-अलग राज्यों से इस गैंग से जुड़ी कुल 40 शिकायतें दर्ज हुई हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा।
गिरफ्तार आरोपियों में मो. फैसल पुत्र असगर शामिल है। वह मॉडल हाईस्कूल के पास पुन्हाना, थाना पुन्हाना, जनपद मेवात (हरियाणा) का निवासी है। उसकी उम्र 21 वर्ष है और उसकी शिक्षा बी.कॉम (जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी दिल्ली) है।
दूसरा आरोपी मो. अमान त्यागी पुत्र नवीन त्यागी है। वह म0न0 60/2 ग्राम सरवट, थाना सिविल लाइन, जनपद मुजफ्फरनगर का निवासी है। उसकी उम्र 25 वर्ष है और उसने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की है।
तीसरा आरोपी मो. हम्माद त्यागी पुत्र तंजीर त्यागी है। वह गली नं. 02, ग्राम सरवट, थाना सिविल लाइन, जनपद मुजफ्फरनगर का निवासी है। उसकी उम्र लगभग 20 वर्ष है और उसकी शिक्षा इंटरमीडिएट है।
चौथा आरोपी मो. फैजान मलिक पुत्र इमरान है। वह मौ सूभाष नगर ग्राम सरवट, थाना सिविल लाइन, जनपद मुजफ्फरनगर का निवासी है। उसकी उम्र 22 वर्ष है और उसकी शिक्षा इंटरमीडिएट है।
पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। इस कार्रवाई में क्राइम ब्रांच गाजियाबाद के साथ साइबर क्राइम थाना टीम भी शामिल रही। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई साइबर फ्रॉड और सेक्सटॉर्शन जैसे अपराधों के खिलाफ गाजियाबाद पुलिस की निरंतर मुहिम का हिस्सा है।
गाजियाबाद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी तरह के ऑनलाइन ब्लैकमेल या फ्रॉड की शिकायत तुरंत नजदीकी थाने या साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर दर्ज कराएं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गाजियाबाद में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
क्राइम ब्रांच ने अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड और सेक्सटॉर्शन गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया।
गैंग पर कितने रुपये की ठगी का आरोप है?
पुलिस के मुताबिक, गैंग ने अब तक 6 करोड़ 58 लाख रुपये की ठगी की है।
गैंग लोगों को कैसे ब्लैकमेल करता था?
आरोपी फर्जी Facebook अकाउंट बनाकर वीडियो कॉल रिकॉर्ड करते थे और उसे एआई सेक्सटॉर्शन वीडियो में बदलकर पैसे मांगते थे। पैसे नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी देते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या बरामद किया?
पुलिस ने 5 मोबाइल फोन, 4 अकाउंट किट कार्ड, 5 सिम कार्ड और 2600 रुपये नकद बरामद किए।
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