गाजियाबाद: ब्राइटलैंड स्कूल के छात्र रुद्र की मनाली ट्रिप में मौत, परिवार और छात्रों ने निकाला कैंडल मार्च
रुद्र की मौत के बाद 18 अक्टूबर को कैंडल मार्च निकला। परिवार ने स्कूल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जवाबदेही और कार्रवाई की मांग की।
गाजियाबाद। गोविंदपुरम स्थित ब्राइटलैंड स्कूल के कक्षा 11 के छात्र रुद्र कुमार की मनाली की स्कूल ट्रिप के दौरान मौत के बाद परिवार, अभिभावकों और छात्रों ने न्याय की मांग उठाई है। रविवार, 18 अक्टूबर को शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया। मार्च गौर होम्स सोसायटी से शुरू होकर गोविंदपुरम के विभिन्न हिस्सों से होते हुए स्कूल तक पहुंचा। प्रतिभागियों ने हाथों में मोमबत्तियां और न्याय की मांग वाले पोस्टर ले रखे थे।

जागरण की 14 अक्टूबर की रिपोर्ट और हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, रुद्र की मौत मंगलवार, 13 अक्टूबर को रोहतांग में पहाड़ी से गिरने के बाद हुई थी। वह स्कूल की ओर से मनाली घूमने गए विद्यार्थियों के समूह में शामिल थे। जागरण ने बताया कि बुधवार को उनका शव गाजियाबाद पहुंचा। मौत की घटना और रविवार को हुए मार्च की तारीखें अलग हैं।

परिवार ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही और निगरानी में कमी का आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, ट्रिप पर 103 विद्यार्थियों के साथ करीब पांच-छह शिक्षक गए थे। उनका कहना है कि रुद्र दोपहर करीब 12 बजे गिरे, लेकिन स्कूल ने उन्हें समय पर सूचना नहीं दी और शाम करीब पांच बजे पुलिस के फोन से जानकारी मिली। परिजनों ने यह भी कहा कि उनकी बात सामने आने तक स्कूल की ओर से कोई उनसे मिलने नहीं पहुंचा था। ये परिवार के आरोप हैं, स्थापित निष्कर्ष नहीं।

मार्च में शामिल लोगों ने रुद्र के लिए न्याय और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। हिन्दुस्तान के अनुसार, छात्रों और परिजनों के हाथों में “जस्टिस फॉर रुद्र कुमार” के पोस्टर थे। स्कूल गेट पर मोमबत्तियां जलाकर प्रार्थना की गई। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च के समापन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।

रुद्र के चाचा आदित्य चौधरी ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट में उन्होंने बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली संस्थाओं को बंद करने की मांग भी रखी। रिपोर्ट के अनुसार, परिवार ने सोमवार को जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त से मिलकर लिखित शिकायत देने की बात कही थी। इसे शिकायत दिए जाने या कार्रवाई हो जाने की पुष्टि नहीं माना जा सकता।

रिपोर्टर द्वारा उपलब्ध तस्वीरों में स्कूल के बाहर पोस्टर लिए लोग और सड़क पर साथ चलते प्रतिभागी दिखाई देते हैं। एक पोस्टर पर लिखा है, “हम उस जिंदगी के लिए लौ थामे हैं, जिसे जीने का हक था।” इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध सामग्री में स्कूल प्रबंधन का जवाब शामिल नहीं है।
संदर्भ: अमर उजाला, हिन्दुस्तान, जागरण
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
रुद्र कुमार कौन थे और उनकी मौत कब हुई?
रुद्र कुमार गोविंदपुरम के ब्राइटलैंड स्कूल में कक्षा 11 के छात्र थे। रिपोर्टों के मुताबिक, 13 अक्टूबर को रोहतांग में पहाड़ी से गिरने के बाद उनकी मौत हुई।
रुद्र की मौत के बाद कैंडल मार्च कब और कहां निकाला गया?
रविवार, 18 अक्टूबर को कैंडल मार्च निकाला गया। यह गौर होम्स सोसायटी से शुरू होकर गोविंदपुरम के रास्तों से होते हुए ब्राइटलैंड स्कूल तक पहुंचा।
परिवार ने स्कूल प्रबंधन पर क्या आरोप लगाए?
परिवार ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही और निगरानी में कमी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उन्हें रुद्र के गिरने की समय पर जानकारी नहीं दी गई। ये परिवार के आरोप हैं, स्थापित निष्कर्ष नहीं।
कैंडल मार्च में लोगों ने क्या मांग की?
मार्च में शामिल लोगों ने रुद्र के लिए न्याय और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। स्कूल गेट पर मोमबत्तियां जलाकर प्रार्थना की गई और दो मिनट का मौन रखा गया।
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