पूर्व डीएसपी की पुस्तक एक सिपाही की डायरी का लोकार्पण
बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश में बिलासपुर लेखक संघ के प्रधान, साहित्यकार, समाजसेवी और पूर्व डीएसपी डॉ. रवीन्द्र कुमार ठाकुर की पुस्तक ‘एक सिपाही की डायरी’ का लोकार्पण किया गया।
बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश में बिलासपुर लेखक संघ के प्रधान, साहित्यकार, समाजसेवी और पूर्व डीएसपी डॉ. रवीन्द्र कुमार ठाकुर की पुस्तक ‘एक सिपाही की डायरी’ का लोकार्पण किया गया। पुस्तक का लोकार्पण पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्रधानाचार्य और पुलिस उप-महानिरीक्षक डॉ. खुशहाल शर्मा जी ने पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय के सभागार में किया।
इस मौके पर पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय के पुलिस अधीक्षक श्री भूपेंद्र कंवर, लीव रिजर्व पुलिस अधीक्षक श्री शमशेर सिंह और डी.एस.पी. श्री यशवंत सिंह मौजूद रहे। इनके साथ त्रिलोक चंद, जिला न्यायवादी श्री सुदीप सिंह और उप-न्यायवादी श्री अनिल शर्मा भी उपस्थित रहे। इंडोर एवं आउटडोर का स्टाफ, प्रशिक्षु और स्थानीय साहित्यकार भी इस अवसर पर मौजूद रहे।
पुस्तक के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्रधानाचार्य पुलिस उप-महानिरीक्षक डॉ. खुशहाल शर्मा ने बताया कि ‘एक सिपाही की डायरी’ हर वर्ग के पाठकों के साथ-साथ पुलिस विभाग के सभी पदाधिकारियों के लिए भी मार्गदर्शिका का काम करेगी।
उन्होंने बताया कि लेखक ने पुलिस विभाग में अपने उत्कृष्ट सेवाकाल के अनुभवों को इस पुस्तक में बड़े ही शानदार ढंग से पेश किया है। पुस्तक में अलग-अलग तरह की चुनौतियों और परिस्थितियों में काम करने के तरीके के बारे में बताया गया है। इसमें यह भी दिखाया गया है कि दबाव और तनाव की स्थिति में कानून की सीमाओं के भीतर रहते हुए किस तरह कुशलता से काम किया जा सकता है।
डॉ. खुशहाल शर्मा के मुताबिक, ऐसी कार्यशैली से अधिकारी खुद भी कठिन परिस्थितियों से कुशलता से बाहर निकल सकते हैं और आम जनता के साथ अधिकारियों को भी संतुष्ट किया जा सकता है। पुस्तक में पुलिस सेवा से जुड़े अनुभवों और काम के दौरान सामने आने वाली परिस्थितियों को प्रमुखता से रखा गया है।
पुस्तक के लेखक डॉ. रवीन्द्र कुमार ठाकुर ने बताया कि यह किताब पुलिस विभाग के साथ-साथ प्रत्येक विभाग और सामान्य वर्ग के पाठकों के लिए भी मार्गदर्शिका का काम करेगी। उन्होंने कहा कि पुस्तक में विकट परिस्थितियों से अपने आप को सुरक्षित निकालने के उदाहरण भी प्रस्तुत किए गए हैं।
डॉ. रवीन्द्र कुमार ठाकुर ने आशा व्यक्त की कि सत्या घटनाओं पर आधारित अनुपम प्रेरक प्रसंगों से ओतप्रोत यह पुस्तक सभी वर्गों के पाठकों को पसंद आएगी। उन्होंने कहा कि पुस्तक में शामिल अनुभव और प्रसंग पाठकों को कठिन परिस्थितियों में सही तरीके से काम करने की प्रेरणा देंगे.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
‘एक सिपाही की डायरी’ पुस्तक के लेखक कौन हैं?
इस पुस्तक के लेखक बिलासपुर लेखक संघ के प्रधान, साहित्यकार, समाजसेवी और पूर्व डीएसपी डॉ. रवीन्द्र कुमार ठाकुर हैं।
‘एक सिपाही की डायरी’ का लोकार्पण किसने किया?
पुस्तक का लोकार्पण पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्रधानाचार्य और पुलिस उप-महानिरीक्षक डॉ. खुशहाल शर्मा ने किया।
पुस्तक में किन बातों के बारे में बताया गया है?
पुस्तक में पुलिस सेवा के अनुभव, अलग-अलग चुनौतियों में काम करने के तरीके और दबाव व तनाव में कानून के दायरे में रहकर काम करने की जानकारी दी गई है।
यह पुस्तक किन लोगों के लिए उपयोगी है?
यह पुस्तक पुलिस विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ दूसरे विभागों और सामान्य पाठकों के लिए भी मार्गदर्शिका का काम करेगी।
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