वोट चोरी के विरोध में चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य दूसरे दिन हाउस अरेस्ट
वोट चोरी के विरोध में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष, जनपद कासगंज के कोऑर्डिनेटर एवं जनपद एटा के प्रदेश संगठन ऑब्जर्वर चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य को लगातार दूसरे दिन पुलिस की निगरानी में रखा गया।
वोट चोरी के विरोध में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष, जनपद कासगंज के कोऑर्डिनेटर एवं जनपद एटा के प्रदेश संगठन ऑब्जर्वर चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य को लगातार दूसरे दिन पुलिस की निगरानी में रखा गया। उन्हें उनके कैंप कार्यालय श्री राधा कृष्ण कृपा भवन, आगरा रोड, हाथरस पर हाउस अरेस्ट रखा गया। इस दौरान उन्होंने हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर वोट चोरी के मुद्दे पर विरोध जताया। उन्होंने लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही।
कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में वोट चोरी के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन चलाए जाने का दावा किया गया है। चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के नेतृत्व में वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के मुताबिक, लोकतंत्र में जनता के मताधिकार की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठने वाले सवालों का जवाब देना जरूरी है। जनता के मन में मौजूद शंकाओं का समाधान भी किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र, संविधान और जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता मजबूती से खड़ा है। उनके मुताबिक, वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी आवाज उठा रहे हैं और इस मुद्दे को जनता तक पहुंचा रहे हैं।
चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने पुलिस की रोक-टोक और हाउस अरेस्ट की कार्रवाई पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इसके बजाय कांग्रेस कार्यकर्ताओं का संकल्प और मजबूत होगा। उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों और मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात दोहराई।
12 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने का आह्वान करते हुए चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने हाथरस के कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आमजन से अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी लोग प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल हों और वोट चोरी के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं।
उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष की लड़ाई नहीं है। उनके अनुसार, यह लोकतंत्र की मजबूती और जनता के मताधिकार की रक्षा से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने हाथरस के कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आमजन से इस आह्वान को गंभीरता से लेने तथा 12 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने की बात कही।
चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने का रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उनके मुताबिक, लोकतंत्र में सवाल पूछना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
हाउस अरेस्ट के दौरान चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर विरोध दर्ज कराया। इन तख्तियों पर मुख्य रूप से मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़े नारे लिखे थे। तख्तियों पर लिखा था, “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो, लोकतंत्र का मान रखो!”, “वोट की चोरी नहीं सहेंगे, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो!” और “लोकतंत्र बचाओ, वोट बचाओ, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो!”
इस दौरान कांग्रेसजनों ने भी विरोध जताया और लोकतंत्र तथा मताधिकार की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कांग्रेसजनों ने 12 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने के आह्वान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की बात कही। विरोध के दौरान वोट चोरी के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की अपील भी दोहराई गई।
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी अमृत सिंह पौनिया मौजूद रहे। शिक्षक प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश महासचिव पंडित अविनाश चंद पचौरी, जिला उपाध्यक्ष ऋषि कुमार कौशिक और जिला महामंत्री देवेंद्र शर्मा भी मौजूद रहे। पूर्व शहर अध्यक्ष पू.पू. बोहरे और महिला शहर अध्यक्ष आमना बेगम ने भी विरोध में भाग लिया।
पूर्व शहर उपाध्यक्ष विनोद शर्मा, शशि गुरु, पूर्व न्याय पंचायत अध्यक्ष अर्जुन बघेल और पिछड़ा वर्ग के शहर अध्यक्ष विष्णु कुमार भी इस अवसर पर मौजूद रहे। सोशल मीडिया के पूर्व जिला अध्यक्ष कपिल नरूला, विपुल शर्मा, पूर्व जिला सचिव हरिशंकर वर्मा और पूर्व जिला उपाध्यक्ष गिरिराज सिंह गहलोत भी वहां उपस्थित रहे।
संतोष उपाध्याय, पन्नाल, मनीष कुमार और प्रशांत कुशवाहा सहित अन्य कांग्रेसजन भी मौजूद रहे। हाउस अरेस्ट के दौरान चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने हाथों में तख्तियां लेकर वोट चोरी के विरोध में अपना प्रदर्शन जारी रखा और लोकतंत्र, संविधान तथा जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष करते रहने की बात कही।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य को हाउस अरेस्ट कहां रखा गया?
उन्हें हाथरस के आगरा रोड स्थित कैंप कार्यालय श्री राधा कृष्ण कृपा भवन में पुलिस की निगरानी में हाउस अरेस्ट रखा गया।
चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य किस मुद्दे पर विरोध कर रहे हैं?
वह वोट चोरी के विरोध में लोकतंत्र और जनता के मताधिकार की रक्षा के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।
वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कौन कर रहा है?
कांग्रेस के मुताबिक, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में देशव्यापी आंदोलन चलाया जा रहा है।
चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने लोगों से कब दिल्ली पहुंचने की अपील की?
उन्होंने हाथरस के कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आमजन से 12 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने की अपील की।
विरोध प्रदर्शन में किसके इस्तीफे की मांग की जा रही है?
प्रदर्शन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है।
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