पेट्रोल पंपों से साइबर फ्रॉड की रकम खपाने के आरोप में 5 गिरफ्तार
जनपद संभल में साइबर फ्रॉड की रकम को पेट्रोल पंप के जरिए कैश में बदलकर खपाने वाले गैंग का साइबर थाने की टीम ने खुलासा किया है।
जनपद संभल में साइबर फ्रॉड की रकम को पेट्रोल पंप के जरिए कैश में बदलकर खपाने वाले गैंग का साइबर थाने की टीम ने खुलासा किया है। साइबर फ्रॉड करने वाले अपराधियों के खिलाफ साइबर सेल और साइबर थाने की टीम लगातार कार्रवाई कर रही थी। इसी कार्रवाई के दौरान साइबर फ्रॉड की रकम को एडजस्ट करने वाले गैंग के 5 अभियुक्तों को आज गिरफ्तार किया गया है।
साइबर थाने के निरीक्षक पुष्पेंद्र को सूचना मिली थी कि एक गैंग एक्टिव है। यह गैंग साइबर फ्रॉड में शामिल है और पेट्रोल पंप के ऑपरेटर्स के साथ मिलकर साइबर फ्रॉड से हासिल रकम को खपाने और एडजस्ट करने का काम कर रहा है। सूचना मिलने के बाद टीम ने इस गैंग से जुड़े लोगों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की।
इसी दौरान एक जियो पेट्रोल पंप के मालिक ऋषभ रस्तोगी ने जानकारी दी कि उनके पेट्रोल पंप का अकाउंट होल्ड हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ऑडिट के दौरान अकाउंट में कुछ संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं। इसके बाद साइबर थाने की टीम ने पेट्रोल पंप के ऑपरेटर की गतिविधियों पर निगरानी रखी।
निगरानी और पूछताछ के दौरान पता चला कि पेट्रोल पंप का ऑपरेटर एक साइबर गैंग के संपर्क में है। इसके बाद पुलिस टीम ने सूचना को आगे डेवलप किया और गैंग से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। साइबर थाने की टीम ने कार्रवाई करते हुए 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए लोगों में मनु शर्मा, नरेंद्र कुमार और सुनील कुमार शामिल हैं। तीनों पेट्रोल पंप ऑपरेटर हैं और संभल के रहने वाले हैं। इनके अलावा प्रशांत राघव को गिरफ्तार किया गया है, जो पवांसा का निवासी और लोकल मास्टरमाइंड बताया गया है। पांचवें अभियुक्त आदित्य मोहन को भी गिरफ्तार किया गया है। वह हजरत नगर गढ़ी का निवासी और लोकल मास्टरमाइंड बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक, ये लोग नेटवर्क बनाकर साइबर फ्रॉड के नए अकाउंट्स में पैसा डलवाते थे। इसके बाद आदित्य मोहन और प्रशांत राघव खुद पेट्रोल पंप पर जाते थे। वहां वे साइबर फ्रॉड की रकम को पेट्रोल पंप के अकाउंट में ट्रांसफर या जमा करते थे।
इसके बदले में दोनों पेट्रोल पंप ऑपरेटर से तेल बेचने वाला कैश ले लेते थे। इस तरह साइबर ठगी से मिली रकम को पहले पेट्रोल पंप के अकाउंट में डाला जाता था और फिर उसे कैश में बदलकर खपाया जाता था। पुलिस इसी तरीके से रकम को एडजस्ट करने के मामले की जांच कर रही है।
जियो वाले पेट्रोल पंप के खिलाफ हैदराबाद सहित साउथ इंडिया में 4 शिकायतें भी मिली हैं। इन शिकायतों के सामने आने के बाद पेट्रोल पंप के अकाउंट में मिले संदिग्ध ट्रांजेक्शन और ऑपरेटर की गतिविधियां जांच के दायरे में आईं।
पुलिस के अनुसार, अभियुक्त प्रशांत राघव वर्ष 2020 में थाना बारादरी, बरेली से फर्जी कॉल सेंटर और ऑनलाइन फ्रॉड के मामले में जेल जा चुका है। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से काफी सारे सिम कार्ड और KYC के लिए इस्तेमाल होने वाले दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।
जांच में यह भी जानकारी मिली है कि गैंग के लोग भोले-भाले लोगों को बहला-फुसलाकर उनके अकाउंट खुलवाते थे। इस गैंग से जुड़े दिल्ली और राजस्थान के कुछ और मास्टरमाइंड के बारे में भी जानकारी मिली है। इन लोगों को लेकर टीम पूछताछ कर रही है। मामले में एसपी संभल विकास चंद्र त्रिपाठी का बाइट भी जारी किया गया है। संभल से रजत मल्होत्रा की रिपोर्ट।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संभल में साइबर फ्रॉड की रकम खपाने के आरोप में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
साइबर थाने की टीम ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।
गैंग साइबर फ्रॉड की रकम कैसे खपाता था?
गैंग साइबर फ्रॉड की रकम पेट्रोल पंप के अकाउंट में जमा या ट्रांसफर कराता था और बदले में पेट्रोल पंप ऑपरेटर से कैश लेता था।
गिरफ्तार लोगों में कौन-कौन शामिल हैं?
गिरफ्तार लोगों में पेट्रोल पंप ऑपरेटर मनु शर्मा, नरेंद्र कुमार और सुनील कुमार के अलावा प्रशांत राघव और आदित्य मोहन शामिल हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से क्या बरामद किया?
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई सिम कार्ड और KYC में इस्तेमाल होने वाले दस्तावेज बरामद किए हैं।
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