एथेनॉल भारत की ऊर्जा सुरक्षा की कुंजी: सनब्रिज चेयरमैन अनुज अग्रवाल
सरकार द्वारा E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर गलतफहमियां दूर करने के बाद सनब्रिज बायोएनर्जी के चेयरमैन अनुज अग्रवाल ने कहा कि एथेनॉल अब भारत की ऊर्जा सुरक्षा और साफ ईंधन की मुहिम का अहम हिस्सा है।
E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर बहस एक बार फिर तेज होने के बीच सनब्रिज बायोएनर्जी के फाउंडर और चेयरमैन अनुज अग्रवाल ने कहा है कि एथेनॉल अब सिर्फ एक ब्लेंडिंग फ्यूल नहीं रह गया है, बल्कि यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सस्टेनेबिलिटी के लक्ष्यों का एक अहम आधार बन चुका है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब सरकार ने हाल ही में E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग से जुड़ी कई गलतफहमियां दूर की हैं, खासकर पानी की खपत, फीडस्टॉक के इस्तेमाल और इंजन के साथ तालमेल को लेकर। इन साफ जवाबों के बाद रिन्यूएबल फ्यूल, ऊर्जा सुरक्षा और साफ-सुथरी मोबिलिटी एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
'सरकार के जवाब से सच और गलतफहमी अलग हुए'
अग्रवाल ने कहा, "सरकार की हाल की सफाई इसलिए अहम है क्योंकि इससे सच और गलतफहमियों को अलग करने में मदद मिलती है। एथेनॉल आज सिर्फ एक ब्लेंडिंग फ्यूल से कहीं ज्यादा है, यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा, ग्रामीण आर्थिक विकास और सस्टेनेबिलिटी की सोच में एक बड़ा योगदान देने वाला है।"
उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक अनाज-आधारित एथेनॉल प्लांट पानी के बेहतर मैनेजमेंट वाली तकनीक पर चलते हैं, जिससे ताजे पानी की खपत काफी कम हो जाती है। साथ ही इससे किसानों को फायदा मिलता है और देश की ऊर्जा को मजबूती मिलती है।
पानी की खपत की चिंता पर जवाब
पानी की खपत को लेकर उठ रही चिंताओं पर अग्रवाल ने एक तुलना दी। उन्होंने कहा, "अगर हम एक बेहद बड़ी काल्पनिक स्थिति भी मान लें, जहां एथेनॉल पूरे साल की देश की पेट्रोल खपत की जगह ले ले, तब भी सीधे इंडस्ट्रियल ताजे पानी की जरूरत भारत के औसत सालाना जल संसाधनों का सिर्फ करीब 0.01% ही होगी। मौजूदा 20% ब्लेंडिंग के स्तर पर तो यह जरूरत इसका भी एक छोटा हिस्सा है।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि जैसे-जैसे भारत अपने रिन्यूएबल फ्यूल के एजेंडे पर आगे बढ़ रहा है, बहस को जिम्मेदार जल प्रबंधन, तकनीकी नवाचार और तथ्यों पर आधारित बातचीत से आगे बढ़ना चाहिए।
बायोएनर्जी और सोलर, दोनों पर काम
सनब्रिज ग्रुप बायोएनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी, दोनों क्षेत्रों में काम करता है। सनब्रिज बायोएनर्जी के जरिए कंपनी देश के एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम में योगदान देती है, वहीं सनब्रिज सोलर बड़े स्तर के रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट तैयार करता है, जो भारत को साफ ऊर्जा की तरफ ले जाने में मदद करते हैं। कंपनी का कहना है कि उसका काम भारत की लंबे समय की साफ ऊर्जा की सोच के साथ मेल खाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अनुज अग्रवाल ने एथेनॉल को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि एथेनॉल अब सिर्फ ब्लेंडिंग फ्यूल नहीं है, बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सस्टेनेबिलिटी का अहम आधार है।
E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर सरकार ने किन चिंताओं पर सफाई दी है?
सरकार ने पानी की खपत, फीडस्टॉक के इस्तेमाल और इंजन के साथ तालमेल को लेकर उठी गलतफहमियां दूर की हैं।
एथेनॉल उत्पादन में पानी की खपत कितनी हो सकती है?
अगर एथेनॉल पूरे साल की पेट्रोल खपत की जगह ले, तब भी सीधे इंडस्ट्रियल ताजे पानी की जरूरत औसत सालाना जल संसाधनों का करीब 0.01% होगी। मौजूदा 20% ब्लेंडिंग पर यह इससे भी कम है।
सनब्रिज ग्रुप किन क्षेत्रों में काम करता है?
सनब्रिज ग्रुप बायोएनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी दोनों क्षेत्रों में काम करता है। सनब्रिज बायोएनर्जी एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम में योगदान देता है और सनब्रिज सोलर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट तैयार करता है।
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