नयाग्राम में कुएं में गिरने से हाथी के बच्चे की मौत
नयाग्राम में कुएं में गिरने से हाथी के बच्चे की मौत खड़गपुर: नयाग्राम ब्लॉक के बछुरखोआड़ गांव में एक दर्दनाक घटना हुई, जहां 2-3 साल के हाथी के बच्चे की खुले कुएं में गिरने से मौत हो गई।
खड़गपुर: नयाग्राम ब्लॉक के बछुरखोआड़ गांव में एक दर्दनाक घटना हुई, जहां 2-3 साल के हाथी के बच्चे की खुले कुएं में गिरने से मौत हो गई। झुंड और वन विभाग की कोशिशों के बावजूद बच्चे को बचाया नहीं जा सका।
वन विभाग के मुताबिक, बुधवार तड़के करीब 3 बजे, 25 हाथियों का झुंड तपोवन जंगल के डोरखुली इलाके से गांव में घुसा। बताया जा रहा है कि ये झुंड कटहल की तलाश में एक ईंट भट्ठे के पास पहुंचा। इसी दौरान अंधेरे में हाथी का बच्चा कुएं को देख नहीं पाया और उसमें गिर गया।
सुबह होने पर गांववालों ने देखा कि हाथियों का झुंड कुएं के पास मंडरा रहा था। चश्मदीदों के मुताबिक, हाथियों ने बच्चे को बचाने की कई कोशिशें कीं। उन्होंने अपनी सूंड कुएं में डाली और उसके किनारों से मिट्टी हटाने लगे। झुंड के चले जाने के बाद भी एक मादा हाथी वहीं रुकी रही। वन अधिकारियों का मानना है कि वह शायद बच्चे की मां थी।
चांदबिला रेंज के प्रतापपुर बीट के वनकर्मियों को इस घटना की जानकारी दी गई। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एक जेसीबी मशीन से कुएं के एक तरफ की मिट्टी हटाई गई ताकि बच्चे को बाहर निकाला जा सके। लेकिन, अफसोस की बात है कि बच्चे को बचाया नहीं जा सका। अधिकारियों का कहना है कि झुंड की कोशिशों के दौरान मिट्टी कुएं में गिरने से बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हुई होगी। बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नयाग्राम में हाथी के बच्चे के साथ क्या हुआ?
नयाग्राम ब्लॉक के बछुरखोआड़ गांव में 2-3 साल के हाथी के बच्चे को एक खुले कुएं में गिरने से मौत हो गई। बुधवार तड़के हाथियों के झुंड के गांव में घुसने के दौरान अंधेरे में बच्चा कुएं को देख नहीं पाया और उसमें गिर गया।
क्या हाथियों के झुंड ने बच्चे को बचाने की कोशिश की?
हां, हाथियों के झुंड ने बच्चे को बचाने की कई कोशिशें कीं। उन्होंने अपनी सूंड कुएं में डाली और किनारों से मिट्टी हटाने लगे। झुंड के चले जाने के बाद भी एक मादा हाथी वहीं रुकी रही, जिसे अधिकारियों के मुताबिक बच्चे की मां माना जा रहा है।
वन विभाग ने बचाने के लिए क्या कदम उठाए?
जेसीबी मशीन से कुएं की एक तरफ की मिट्टी हटाई गई ताकि बच्चे को निकाला जा सके। लेकिन झुंड की कोशिशों के दौरान कुएं में गिरी मिट्टी से बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हुई होगी, जिससे बच्चा बच नहीं पाया।
हाथियों का झुंड गांव में क्यों आया?
वन विभाग के मुताबिक, 25 हाथियों का झुंड तपोवन जंगल के डोरखुली इलाके से गांव में घुसा। बताया जा रहा है कि ये झुंड कटहल की तलाश में एक ईंट भट्ठे के पास पहुंचा था।
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