दिल्ली के गोखले मार्ग पर 150 बसों के अवैध अड्डे से जाम और संरक्षण के आरोप
दिल्ली के मोरी गेट इलाके में डीसीपी मेट्रो ऑफिस के ठीक बाहर स्थित गोखले मार्ग इन दिनों सड़क कम और बस अड्डा ज्यादा नजर आ रहा है।
दिल्ली के मोरी गेट इलाके में डीसीपी मेट्रो ऑफिस के ठीक बाहर स्थित गोखले मार्ग इन दिनों सड़क कम और बस अड्डा ज्यादा नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां रोजाना 150 से ज्यादा बसें सड़क किनारे खड़ी होती हैं और खुलेआम सवारियां भरी जाती हैं। इससे आम राहगीरों को भारी जाम और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का सवाल है कि जिस सड़क पर उनका हक है, वो बस ऑपरेटरों और ट्रैवल कारोबारियों के कब्जे में कैसे चली गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क के दोनों तरफ ट्रैवल ऑफिस खुल गए हैं और बसें सड़क पर ही खड़ी करके यात्री भरे जाते हैं। इससे न सिर्फ ट्रैफिक की दिक्कत बढ़ती है, बल्कि यात्रियों की सुरकता को लेकर भी सवाल उठते हैं। कुछ लोगों ने ओवरलोडिंग और नियमों के उल्लंघन की जांच की भी मांग की है। हैरानी की बात ये है कि ये सब कुछ पुलिस के बड़े ऑफिस के बाहर हो रहा है, लेकिन किसी की तरफ से कोई सख्ती नजर नहीं आ रही।
स्थानीय सूत्रों ने कथित अवैध वसूली और संरक्षण के भी आरोप लगाए हैं। दावा किया जा रहा है कि बस ऑपरेटरों से पैसे लेकर कुछ लोगों के जरिए संबंधित तंत्र तक पहुंचाया जाता है। पार्किंग व्यवस्था से जुड़े एक व्यक्ति की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों और आरोपित लोगों का पक्ष सामने आना जरूरी है। लेकिन अगर इन आरोपों में थोड़ी भी सच्चाई है तो मामला बेहद गंभीर है।
लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से शिकायत करते आ रहे हैं, लेकिन ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली पुलिस, नगर निगम और दूसरे विभागों की तरफ से कोई असरदार कार्रवाई नहीं हुई। राहगीरों और स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण करें, परमिट, पार्किंग और ट्रैफिक नियमों की जांच हो और जो भी नियम तोड़ते पाए जाएं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का गुस्सा इस बात को लेकर है कि शिकायतों के बावजूद हालात क्यों नहीं बदल रहे। जनता अब जवाब चाहती है, क्या ये सड़क रहेगी या अनधिकृत बस अड्डा बन जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गोखले मार्ग पर क्या समस्या है?
दिल्ली के मोरी गेट इलाके में गोखले मार्ग पर रोजाना 150 से ज्यादा बसें सड़क किनारे खड़ी होती हैं और यात्रियां भरी जाती हैं। इससे भारी ट्रैफिक जाम और आम राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संरक्षण के क्या आरोप लगाए गए हैं?
स्थानीय सूत्रों का दावा है कि बस ऑपरेटरों से अवैध रूप से पैसे लेकर संबंधित तंत्र तक पहुंचाया जा रहा है। पार्किंग व्यवस्था से जुड़े लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं, हालांकि इन आरोपों की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।
यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी क्या चिंताएं हैं?
बसों के अवैध अड्डे से ओवरलोडिंग और नियमों के उल्लंघन की संभावना है। सड़क पर ही बसें खड़ी करके यात्री भरे जाने से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते हैं।
लोग क्या कार्रवाई की मांग कर रहे हैं?
राहगीरों और स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण करें, परमिट, पार्किंग और ट्रैफिक नियमों की जांच हो और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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