मनोकामना पूरी होने पर दिल्ली कारोबारी ने नैनादेवी को चढ़ाया सोने का सेट
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर स्थित विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नैनादेवी मंदिर में शारदीय नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर स्थित विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नैनादेवी मंदिर में शारदीय नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंचकर माता रानी के दर्शन कर रहे हैं और उनका आशीर्वाद ले रहे हैं। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार माता के चरणों में चढ़ावा भी अर्पित कर रहे हैं।
इसी कड़ी में दिल्ली के कारोबारी प्रवेश गर्ग ने अपनी मनोकामना पूरी होने पर श्री नैनादेवी मंदिर में सोने के आभूषणों का सेट भेंट किया। उन्होंने माता रानी के चरणों में सोने का हार, टीका, झुमके, नथ और माता रानी के नेत्र अर्पित किए। इसके बाद उन्होंने मां नैनादेवी का आशीर्वाद लिया।
स्थानीय पुजारी रिंकू शर्मा ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली निवासी कारोबारी प्रवेश गर्ग की मनोकामना पूरी हुई थी। इसी के चलते उन्होंने माता रानी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए सोने का सेट उनके चरणों में अर्पित किया है।
रिंकू शर्मा ने कहा कि श्रद्धालु अपनी नेक कमाई से माता के दरबार में भेंट चढ़ाते हैं। उनका विश्वास है कि इससे माता रानी की कृपा उन पर और उनके परिवार पर हमेशा बनी रहे। इसी श्रद्धा के साथ प्रवेश गर्ग ने भी माता के दरबार में सोने के आभूषण अर्पित किए।
वहीं, श्री नैनादेवी मंदिर के पूर्व न्यासी राजेश चौधरी ने बताया कि कारोबारी प्रवेश गर्ग ने परिवार सहित माता श्री नैना देवी के दर्शन किए। उन्होंने अपनी श्रद्धा के अनुसार सोने के आभूषण माता के चरणों में अर्पित किए हैं।
राजेश चौधरी ने यह भी कहा कि उन्होंने माता रानी से प्रार्थना की है कि उनकी कृपा और आशीर्वाद श्रद्धालु के परिवार पर हमेशा बना रहे। मंदिर में आने वाले श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार चढ़ावा अर्पित कर माता का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
शारदीय नवरात्र का आज सातवां दिन है। इस दिन मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है। माता रानी का यह स्वरूप काल का नाश करने वाली उग्र और निर्भीक स्वरूप माना जाता है।
मान्यता के अनुसार, सम्पूर्ण सृष्टि में इस रूप से अधिक भयावह कोई दूसरा रूप नहीं है। इसके बावजूद मां कालरात्रि का यह स्वरूप मातृत्व को समर्पित माना जाता है। यही रूप ज्ञान और वैराग्य प्रदान करता है। नवरात्र के इस अवसर पर श्री नैनादेवी मंदिर में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और दर्शन के साथ माता के दरबार में अपनी श्रद्धा के अनुसार भेंट भी चढ़ा रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
दिल्ली के कारोबारी प्रवेश गर्ग ने श्री नैनादेवी मंदिर में क्या चढ़ाया?
उन्होंने सोने का हार, टीका, झुमके, नथ और माता रानी के नेत्र अर्पित किए।
प्रवेश गर्ग ने सोने का सेट क्यों चढ़ाया?
उन्होंने अपनी मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धा के तौर पर सोने का सेट चढ़ाया।
श्री नैनादेवी मंदिर में यह चढ़ावा किसने दिया?
दिल्ली निवासी कारोबारी प्रवेश गर्ग ने परिवार के साथ दर्शन करने के बाद यह चढ़ावा दिया।
शारदीय नवरात्र के सातवें दिन किस स्वरूप की पूजा होती है?
सातवें दिन मां दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है।
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