शामली में भाकियू टिकैत का अनिश्चितकालीन धरना शुरू, गन्ना भुगतान समेत कई मांगें
किसानों की विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने शामली स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
किसानों की विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने शामली स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसानों ने थानाभवन शुगर मिल से गन्ने का भुगतान, बिजली बिलों में गड़बड़ी और फसल बीमा समेत कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया।
धरने में शामिल किसानों ने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान लंबे समय से नहीं हो रहा है। उन्होंने संबंधित विभागों से इन मामलों में कार्रवाई करने और किसानों को राहत देने की मांग की। भाकियू पदाधिकारियों ने साफ किया कि जब तक किसानों की समस्याओं का निस्तारण नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
भाकियू के जिलाध्यक्ष आशीष चौधरी ने कहा कि किसानों को लंबे समय से अलग-अलग समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि थानाभवन शुगर मिल से किसानों के गन्ने का भुगतान कराया जाना उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है।
किसानों का कहना है कि गन्ने का भुगतान समय पर नहीं होने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इससे किसानों के लिए खेती की लागत, घरेलू खर्च और दूसरी जरूरी जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से किसानों ने गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर जल्द कार्रवाई की मांग उठाई है।
धरने के दौरान बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए गए। जिलाध्यक्ष आशीष चौधरी ने आरोप लगाया कि किसानों के बिजली बिलों में बिना किसी उचित जानकारी और नोटिस के बढ़ोतरी की जा रही है। उनके मुताबिक, इससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
भाकियू ने मांग की कि किसानों के बिजली बिलों की जांच कराई जाए। गलत तरीके से बढ़ाए गए बिलों को ठीक किया जाए और किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान करने की व्यवस्था पर रोक लगाई जाए। किसानों ने बिजली बिलों से जुड़े मामलों का जल्द समाधान करने की मांग की।
इसके अलावा फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने की मांग भी धरने में उठाई गई। किसानों ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और अन्य कारणों से फसलों को होने वाले नुकसान से राहत देने के लिए पात्र किसानों की फसलों का बीमा कराया जाना चाहिए।
भाकियू ने कहा कि फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता मिल सके, इसके लिए पात्र किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिया जाना जरूरी है। किसानों ने गन्ना भुगतान, बिजली बिलों और फसल बीमा से जुड़े मामलों में जल्द कार्रवाई की मांग की।
धरने के दौरान किसानों ने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान करना प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। भाकियू पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक किसानों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
इस मामले में भाकियू जिलाध्यक्ष आशीष चौधरी की बाइट भी सामने आई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शामली में भाकियू टिकैत ने धरना क्यों शुरू किया?
किसानों की विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर भाकियू टिकैत ने जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है।
किसानों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
किसानों की प्रमुख मांगों में थानाभवन शुगर मिल से गन्ने का भुगतान, बिजली बिलों की गड़बड़ी ठीक करना और पात्र किसानों को फसल बीमा का लाभ दिलाना शामिल है।
गन्ने का भुगतान समय पर नहीं होने से किसानों को क्या परेशानी है?
समय पर भुगतान नहीं मिलने से किसानों को खेती की लागत, घरेलू खर्च और दूसरी जरूरी जरूरतें पूरी करने में आर्थिक परेशानी होती है।
भाकियू का धरना कब तक जारी रहेगा?
भाकियू ने कहा है कि किसानों की समस्याओं का ठोस समाधान होने तक जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
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