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स्मार्ट मीटर, प्रधान के घर बिजली कटने के आरोप पर ग्रामीणों का धरना

बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश की कपाहड़ा पंचायत में स्मार्ट मीटर लगाने और पंचायत प्रधान विनय कुमार शर्मा के घर का बिजली मीटर काटने के विरोध में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया।

स्मार्ट मीटर, प्रधान के घर बिजली कटने के आरोप पर ग्रामीणों का धरना
Image credit: News Darpan Team

बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश की कपाहड़ा पंचायत में स्मार्ट मीटर लगाने और पंचायत प्रधान विनय कुमार शर्मा के घर का बिजली मीटर काटने के विरोध में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। पंचायत प्रधान विनय कुमार शर्मा सहित पंचायत के समस्त प्रतिनिधि और ग्रामीण बिजली विभाग के कार्यालय के बाहर पहुंचे। यहां उन्होंने तीन घंटे तक सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया और अपना रोष जताया।

इस आंदोलन में सैंकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचने पर अधिशाषी अभियंता वहां मौजूद नहीं मिले। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक अधिशाषी अभियंता से उनकी बात नहीं हो जाती, तब तक वे कार्यालय से नहीं जाएंगे।

पंचायत प्रधान विनय कुमार शर्मा ने कहा कि उनके घर पर बिजली का मीटर काटने वाले कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्यवाही की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। प्रधान ने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और बिजली विभाग की होगी।

विनय कुमार शर्मा ने स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करने के चलते उनके घर का बिजली कनेक्शन काटे जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रशासन और विभाग को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए अपनी निजी जमीन से बिजली के पोल और तारों को हटाने की मांग की थी।

प्रधान ने बीते शनिवार को एसडीएम घुमारवीं, थाना घुमारवीं और विद्युत मंडल के अधिशाषी अभियंता को अलग-अलग ज्ञापन सौंपे थे। इन ज्ञापनों के जरिए उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाने और अपने परिवार के बिजली मीटर को लेकर कार्रवाई का विरोध दर्ज कराया था। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है।

विनय कुमार शर्मा ने बताया कि 10 अगस्त 2026 को ग्रामसभा में स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया था। उन्होंने कहा कि इसी प्रस्ताव के आधार पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की गई है।

प्रधान का आरोप है कि इसके बाद बिजली विभाग ने उनके परिवार के खिलाफ कार्रवाई की। उनके अनुसार, 14 अक्टूबर को उनके स्वर्गीय पिता के नाम पर लगे बिजली मीटर को लेकर विभाग ने 24 घंटे का नोटिस दिया था। प्रधान ने आरोप लगाया कि पंचायत में अन्य उपभोक्ताओं को नोटिस देने के बजाय केवल उनके परिवार को ही नोटिस दिया गया।

विनय कुमार शर्मा ने बताया कि 15 अक्टूबर को वह अपने बेटे के ऑपरेशन के सिलसिले में परिवार सहित जिला अस्पताल हमीरपुर में थे। उस समय घर पर उनकी 70 वर्षीय मां अकेली थीं। प्रधान का आरोप है कि इसी दौरान बिजली विभाग के कुछ कर्मचारी उनके घर पहुंचे और मीटर उखाड़कर ले गए।

प्रधान ने इस मामले की जांच कर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने साथ ही अपनी निजी जमीन से बिजली के पोल और तारों को हटाने की मांग भी दोहराई। प्रदर्शन के दौरान औहर पंचायत प्रधान देशराज भी मौजूद रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कपाहड़ा पंचायत में ग्रामीणों ने प्रदर्शन क्यों किया?

ग्रामीणों ने स्मार्ट मीटर लगाने और पंचायत प्रधान विनय कुमार शर्मा के घर का बिजली मीटर काटने के विरोध में प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कार्यालय के बाहर कितनी देर धरना दिया?

ग्रामीणों ने बिजली विभाग के कार्यालय के बाहर तीन घंटे तक सांकेतिक धरना दिया।

विनय कुमार शर्मा ने बिजली विभाग पर क्या आरोप लगाया?

उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर का विरोध करने पर उनके परिवार का बिजली कनेक्शन काटा गया और मीटर उखाड़कर ले जाया गया।

प्रधान ने प्रशासन और बिजली विभाग को क्या चेतावनी दी?

उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और बिजली विभाग की होगी।

ग्रामसभा में स्मार्ट मीटर को लेकर क्या फैसला हुआ था?

10 अगस्त 2026 को ग्रामसभा में स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया था।

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