बेल्जियम के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा से व्यापार संबंध होंगे मजबूत
बेल्जियम के प्रधानमंत्री की पहली भारत यात्रा से व्यापार और रणनीतिक संबंध होंगे मजबूत बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर तीन दिन की भारत यात्रा के दौरान नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर तीन दिन की भारत यात्रा के दौरान नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। फरवरी 2025 में पदभार संभालने के बाद यह उनकी देश की पहली यात्रा है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों देशों के बीच बातचीत व्यापार, निवेश, सुरक्षा और टेक्नोलॉजी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित होगी। डी वेवर राजधानी में रहने के दौरान कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे।
मुंबई में बैठकें और उद्योग पर फोकस
दिल्ली में बैठकों के बाद बेल्जियम के प्रधानमंत्री मुंबई जाएंगे जहां उनकी हीरा उद्योग, बंदरगाह संचालन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों के हितधारकों से मुलाकात तय है। मंत्रालय ने बताया कि इस यात्रा का मकसद भारत-बेल्जियम साझेदारी को मजबूत करना और भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों को गहरा करना है।
तीन सदियों की कूटनीतिक विरासत
भारत और बेल्जियम के बीच 300 साल से ज्यादा पुराना ऐतिहासिक रिश्ता है। सितंबर 1947 में आजाद भारत के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले पहले यूरोपीय देशों में बेल्जियम शामिल था।
बेल्जियम यूरोप में भारत के लिए एक अहम आर्थिक साझेदार बनकर उभरा है, 2025-26 में दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 13.01 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। हीरे का व्यापार दोनों देशों के बीच वाणिज्य का एक बड़ा हिस्सा है।
निवेश और रणनीतिक संवाद
अप्रैल 2000 से दिसंबर 2025 के बीच भारत में बेल्जियम का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करीब 4.2 बिलियन डॉलर रहा। जुलाई में दोनों देशों ने मंत्रिस्तरीय रणनीतिक संवाद शुरू किया, जो द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा के लिए एक नया संस्थागत मंच उपलब्ध कराता है।
रक्षा सहयोग का विस्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने बेल्जियम के समकक्ष थियो फ्रैंकन से बातचीत की, वैश्विक भू-राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल के बीच साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया। सिंह ने कहा कि ऐसे समय में बेल्जियम जैसे दोस्तों और साझेदारों से मिलना विचारों और दृष्टिकोणों के आदान-प्रदान का एक कीमती मौका देता है।
फ्रैंकन ने भारत की टेक्नोलॉजी क्षमताओं की तारीफ की और साझेदारी को मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा, "आप एक हाई-टेक्नोलॉजी देश हैं। आप सबसे ज्यादा आबादी वाले देशों में से एक हैं। हमें वाकई साथ मिलकर काम करने की जरूरत है क्योंकि बेल्जियम बहुत सारी टेक्नोलॉजी के साथ एक पुराना पश्चिमी यूरोपीय देश है। लेकिन हमें भारत जैसे देशों की जरूरत है।"
बेल्जियम के रक्षा मंत्री ने याद किया कि मार्च 2025 में प्रिंसेस एस्ट्रिड के साथ देश का अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक मिशन भारत भेजा गया था, इसे "आपसी, नई दोस्ती और रिश्तों" की दिशा में पहला कदम बताया। उन्होंने कहा कि उस यात्रा के 18 महीने के भीतर सहयोग परियोजना अनुबंधों पर हस्ताक्षर हो गए हैं।
उभरती टेक्नोलॉजी साझेदारी
अक्षय ऊर्जा और स्वच्छ टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ रहा है, एक बेल्जियम कंपनी आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण सुविधा स्थापित कर रही है। यूरोप के प्रमुख समुद्री और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में बेल्जियम बंदरगाह संचालन, शिपिंग और सप्लाई चेन क्षेत्रों में सहयोग के लिए बड़े अवसर देता है।
पिछले साल प्रिंसेस एस्ट्रिड की यात्रा के दौरान इकोनॉमिक मिशन टू इंडिया के तहत करीब 40 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। विकसित हो रही साझेदारी अब पारंपरिक व्यापार और हीरा उद्योग संबंधों से आगे बढ़कर रणनीतिक और सुरक्षा क्षेत्रों तक फैल गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बेल्जियम के प्रधानमंत्री भारत यात्रा में कौन-कौन से शहरों में जाएंगे?
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर पहले नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे, फिर मुंबई जाएंगे जहां हीरा उद्योग, बंदरगाह संचालन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों के हितधारकों से मिलेंगे।
भारत और बेल्जियम के बीच कितना व्यापार होता है?
2025-26 में भारत और बेल्जियम के बीच व्यापार करीब 13.01 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इसमें हीरे का व्यापार एक बड़ा हिस्सा है।
भारत और बेल्जियम के बीच कितना पुराना रिश्ता है?
भारत और बेल्जियम के बीच 300 साल से ज्यादा पुराना ऐतिहासिक रिश्ता है। बेल्जियम सितंबर 1947 में आजाद भारत के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले पहले यूरोपीय देशों में शामिल था।
बेल्जियम ने भारत में कितना निवेश किया है?
अप्रैल 2000 से दिसंबर 2025 के बीच भारत में बेल्जियम का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करीब 4.2 बिलियन डॉलर रहा है।
अक्षय ऊर्जा में भारत-बेल्जियम सहयोग क्या है?
अक्षय ऊर्जा और स्वच्छ टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ रहा है। एक बेल्जियम कंपनी आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में इलेक्ट्रोलाइजर निर्माण सुविधा स्थापित कर रही है।
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