बहुजन पार्टी प्रमुख मानिक लाल नागर का सरकार पर तानाशाही का आरोप
संभल/चन्दौसी में बहुजन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मानिक लाल नागर ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार तानाशाह जैसा रवैया अपना रही है और लोकतंत्र का गला घोंट रही है।
संभल/चन्दौसी में बहुजन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मानिक लाल नागर ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार तानाशाह जैसा रवैया अपना रही है और लोकतंत्र का गला घोंट रही है। रजत मल्होत्रा की रिपोर्ट के मुताबिक, मानिक लाल नागर ने देश की सरकार को निरंकुश बताया।
मानिक लाल नागर ने कहा कि चंदा-चोरी और वोट-चोरी को अंजाम देने वाले भ्रष्टाचारियों को बचाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में माननीय प्रधानमंत्री की खामोशी से देश में अस्थिरता बढ़ रही है। उनके मुताबिक, इस वजह से कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि आज 10 अक्टूबर 2026, 25 जून 1975 की याद दिला रहा है। मानिक लाल नागर ने राजधानी में अशांति और अघोषित इमरजेंसी जैसा माहौल होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि युवाओं पर हो रही ज्यादती 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव का समीकरण बिगाड़ेगी।
बहुजन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री / राष्ट्रपति से मांग की है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल बर्खास्त किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि देश में जिन भारतीयों के वोट काटे गए हैं, उन्हें बीएलओ द्वारा दोबारा जुड़वाया जाए।
मानिक लाल नागर ने राष्ट्रीय व प्रदेश पदाधिकारियों को भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि 12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक प्रदेश के मुख्यालयों पर जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय राष्ट्रपति जी को 7 सूत्रीय ज्ञापन दिया जाए।
उन्होंने बताया कि इस ज्ञापन में मुख्य रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा और बुलगढ़ी कांड की पीड़िता परिवार को न्याय देने की मांग शामिल होगी। इसमें माननीय उच्च न्यायालय लखनऊ के आदेश के अनुसार नोएडा में आवास तथा घोषित आर्थिक राशि दिए जाने का भी जिक्र किया जाएगा।
बहुजन पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने वाले आंदोलन का समर्थन किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मानिक लाल नागर ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार तानाशाह जैसा रवैया अपना रही है और लोकतंत्र का गला घोंट रही है।
मानिक लाल नागर ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से क्या मांग की?
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल बर्खास्त करने और काटे गए वोटों को बीएलओ के जरिए दोबारा जुड़वाने की मांग की।
7 सूत्रीय ज्ञापन कब और कहां दिया जाएगा?
12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक प्रदेश के मुख्यालयों पर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन दिया जाएगा।
ज्ञापन में किन मांगों को शामिल किया जाएगा?
ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, बुलगढ़ी कांड की पीड़िता के परिवार को न्याय और नोएडा में आवास व घोषित आर्थिक राशि देने की मांग शामिल होगी।
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