Amitabh Bachchan Birthday: मां तेजी बच्चन की आवाज सुन भावुक हुए बिग बी, पिता की कविता और प्रयागराज के बचपन की यादें भी चर्चा में
अमिताभ बच्चन जन्मदिन पर KBC 18 के सेट पर मां तेजी बच्चन की पुरानी रिकॉर्डिंग सुनकर बिग बी भावुक हो गए। पिता हरिवंश राय बच्चन की जन्मदिन कविता और प्रयागराज के बचपन की यादें भी चर्चा में हैं।
बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन 11 अक्टूबर 2026 को अपना 84वां जन्मदिन मना रहे हैं। दशकों से फिल्मों और टेलीविजन के जरिए करोड़ों लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले बिग बी के जन्मदिन पर इस बार एक ऐसा भावुक पल सामने आया, जिसने उनके प्रशंसकों को भी भावुक कर दिया। कौन बनेगा करोड़पति (KBC) के सेट पर अपनी दिवंगत मां तेजी बच्चन की आवाज सुनकर अमिताभ बच्चन पुरानी यादों में खो गए। वहीं, उनके बचपन, प्रयागराज से जुड़ी यादों और पिता हरिवंश राय बच्चन की लिखी कविताओं का किस्सा भी चर्चा में है।
KBC के मंच पर गूंजी मां तेजी बच्चन की आवाज
अमिताभ बच्चन के 84वें जन्मदिन के मौके पर KBC के सेट पर उनके जीवन से जुड़े यादगार पलों का एक खास वीडियो दिखाया गया। इसी दौरान उनकी मां तेजी बच्चन की पुरानी रिकॉर्डिंग सुनाई गई। मां की आवाज सुनते ही अमिताभ उसे पहचान गए और भावुक हो गए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रिकॉर्डिंग में तेजी बच्चन अपने पति और प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन की कविता ‘रात आधी हो गई है’ सुना रही थीं। स्क्रीन पर अमिताभ और उनकी मां की पुरानी तस्वीरें भी दिखाई गईं।
इस पल पर अमिताभ ने कहा कि यह उनकी मां की आवाज है और वह बाबूजी की कविता गा रही हैं। मां की आवाज और पुरानी तस्वीरों ने उन्हें परिवार से जुड़ी यादों में पहुंचा दिया। तेजी बच्चन का निधन साल 2007 में हुआ था, लेकिन उनकी यादें आज भी अमिताभ के जीवन का अहम हिस्सा हैं।
अभिषेक बच्चन के साथ भी दिखा भावुक पल
जन्मदिन के खास कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन के परिवार से जुड़ी भावनाएं भी देखने को मिलीं। बेटे अभिषेक बच्चन के साथ उनके रिश्ते और पिता के रूप में अमिताभ के व्यक्तित्व को लेकर भी चर्चा हुई।
अमिताभ बच्चन की सार्वजनिक छवि हमेशा मजबूत और आत्मविश्वास से भरे व्यक्तित्व की रही है। लेकिन KBC के इस खास मौके पर मां की आवाज सुनकर उनकी भावुक प्रतिक्रिया ने दिखाया कि परिवार से जुड़ी यादें उनके लिए कितनी मायने रखती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस विशेष जन्मदिन समारोह में परिवार और उनके लंबे करियर से जुड़े कई यादगार पलों को जगह दी गई।
प्रयागराज में बीता था अमिताभ बच्चन का बचपन
अमिताभ बच्चन का जन्म 11 अक्टूबर 1942 को प्रयागराज, जिसे पहले इलाहाबाद कहा जाता था, में हुआ था। उनके जीवन के शुरुआती करीब 14 साल इसी शहर में बीते। बाद में मुंबई उनकी कर्मभूमि बनी, लेकिन प्रयागराज से जुड़ी यादें उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही हैं।
बचपन के जन्मदिनों को याद करते हुए अमिताभ ने बताया था कि उस समय घर पर दोस्तों का जमावड़ा होता था, कभी फैंसी ड्रेस पार्टी आयोजित होती थी और मेहमान उपहार लेकर आते थे। उन्हें अपने जन्मदिन पर मिलने वाले उपहारों का इतना इंतजार रहता था कि वह मेहमानों से सीधे पूछ लेते थे कि उनके लिए क्या लाए हैं।
आज जहां उनके जन्मदिन पर बड़े स्तर पर प्रशंसक जश्न मनाते हैं, वहीं बचपन की इन यादों में एक ऐसा बच्चा नजर आता है जो दोस्तों, परिवार और छोटे-छोटे उपहारों से खुश होता था।
हर जन्मदिन पर पिता लिखते थे नई कविता
अमिताभ बच्चन के जन्मदिन से जुड़ी सबसे खास पारिवारिक परंपराओं में उनके पिता हरिवंश राय बच्चन की लिखी कविता शामिल थी। हरिवंश राय बच्चन हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित कवि थे और उनकी रचना मधुशाला को व्यापक पहचान मिली।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हरिवंश राय बच्चन अपने बेटे के हर जन्मदिन पर एक नई कविता लिखते थे। यह कविता अमिताभ के लिए किसी सामान्य उपहार से अलग थी, क्योंकि इसमें पिता का स्नेह और साहित्य से जुड़ा पारिवारिक रिश्ता दोनों शामिल थे।
मां तेजी बच्चन घर में जन्मदिन का माहौल बनाती थीं, जबकि पिता की कविता इस आयोजन का विशेष हिस्सा होती थी। यह परंपरा अमिताभ की यादों में लंबे समय तक बनी रही।
1982 में पिता कविता सुनाते हुए रो पड़े थे
अमिताभ बच्चन के जन्मदिन से जुड़ा एक बेहद भावुक किस्सा साल 1982 का है। उस साल फिल्म कुली की शूटिंग के दौरान हुए गंभीर हादसे में अमिताभ की जान खतरे में पड़ गई थी। उनके स्वास्थ्य को लेकर देशभर में चिंता थी और लंबे इलाज के बाद वह ठीक हुए।
उस साल 11 अक्टूबर को जन्मदिन मनाते समय हरिवंश राय बच्चन ने अपने बेटे के लिए लिखी कविता सुनाई। लेकिन कविता सुनाते-सुनाते उनकी आवाज भावनाओं से भर गई और वह रो पड़े। अमिताभ ने बाद में बताया था कि उन्होंने अपने पिता को पहले कभी इस तरह आंसू बहाते नहीं देखा था।
यह घटना पिता और पुत्र के रिश्ते की गहराई को दिखाती है। जन्मदिन पर कविता लिखने की पुरानी परंपरा उस साल एक ऐसे भावुक क्षण में बदल गई, जब परिवार ने अमिताभ को गंभीर संकट से निकलकर फिर जीवन की ओर लौटते देखा था।
उदयपुर में भी अमिताभ के सदाबहार गानों पर झूमे लोग
अमिताभ बच्चन के जन्मदिन का जश्न सिर्फ उनके परिवार और मुंबई तक सीमित नहीं रहा। उदयपुर में भी उनके सम्मान में एक संगीतमय कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां उनके लोकप्रिय गीतों, फिल्मी संवादों और खास अंदाज को याद किया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘सुंदर पल अमिताभ के संग’ नाम से आयोजित कार्यक्रम में संगीत प्रेमियों ने उनके सदाबहार गीतों पर आनंद लिया। अमिताभ के फिल्मी अंदाज से प्रेरित प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। इस अवसर पर वरिष्ठ कलाकारों के सम्मान और एक नई प्रतियोगिता के पोस्टर विमोचन से जुड़ी गतिविधियां भी हुईं।
84 साल की उम्र में भी दर्शकों से जुड़ाव बरकरार
अमिताभ बच्चन का करियर हिंदी सिनेमा के कई दौरों का गवाह रहा है। फिल्मों में अभिनय के साथ-साथ KBC के होस्ट के रूप में भी उन्होंने दर्शकों से मजबूत रिश्ता बनाया है।
उनके 84वें जन्मदिन पर मां की आवाज से जुड़ा भावुक पल, प्रयागराज में बीते बचपन की यादें और पिता की कविता का किस्सा एक बार फिर उनके निजी जीवन के उस पहलू को सामने लाते हैं, जो स्टारडम से परे है।
अमिताभ बच्चन का यह जन्मदिन सिर्फ उनके लंबे फिल्मी सफर का उत्सव नहीं, बल्कि उन पारिवारिक रिश्तों और यादों को भी सामने लाता है, जिन्होंने उनके जीवन को आकार दिया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अमिताभ बच्चन ने 2026 में अपना कौन सा जन्मदिन मनाया?
अमिताभ बच्चन ने 11 अक्टूबर 2026 को अपना 84वां जन्मदिन मनाया।
KBC के सेट पर अमिताभ बच्चन भावुक क्यों हो गए?
KBC के सेट पर अपनी दिवंगत मां तेजी बच्चन की पुरानी आवाज सुनकर अमिताभ बच्चन भावुक हो गए।
अमिताभ बच्चन का बचपन कहां बीता था?
अमिताभ बच्चन का बचपन प्रयागराज में बीता था, जिसे पहले इलाहाबाद कहा जाता था। उनके शुरुआती करीब 14 साल इसी शहर में गुजरे।
हर जन्मदिन पर अमिताभ बच्चन के पिता क्या करते थे?
हरिवंश राय बच्चन अपने बेटे अमिताभ के हर जन्मदिन पर एक नई कविता लिखते थे।
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