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अलाई बलाई फेस्टिवल 22 अक्टूबर को, ‘नशामुक्त भारत’ पर रहेगा फोकस

हैदराबाद में अलाई बलाई फेस्टिवल का 20वां आयोजन 22 अक्टूबर को होगा। कार्यक्रम में नशामुक्त भारत, विकसित भारत और सांस्कृतिक एकता पर जोर रहेगा।

अलाई बलाई फेस्टिवल 22 अक्टूबर को, ‘नशामुक्त भारत’ पर रहेगा फोकस
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अलाई बलाई फेस्टिवल का 20वां आयोजन 22 अक्टूबर को नामपल्ली के एग्जिबिशन ग्राउंड्स में होगा। इस बार इसका मुख्यテーマ ‘नशामुक्त भारत’ रहेगा।

राजनीतिक और सामाजिक बंटवारे से ऊपर उठकर सांस्कृतिक एकता और आपसी मेल-जोल को बढ़ावा देने के लिए आयोजित यह फेस्टिवल समाज के अलग-अलग वर्गों के लोगों को एक साथ लाएगा।

नशे के इस्तेमाल और विकास पर फोकस

अलाई बलाई फाउंडेशन की चेयरमैन बंदारू विजयलक्ष्मी ने कहा कि इस साल के फेस्टिवल में ‘नशामुक्त भारत’ और ‘विकसित भारत’ पर फोकस रहेगा।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में नशे के इस्तेमाल से जुड़ी समस्या पर ध्यान देने की जरूरत को सामने रखा जाएगा। खास तौर पर युवाओं के बीच नशे की समस्या पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही देश के विकास में आम लोगों की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

फाउंडेशन के मुताबिक, इस कार्यक्रम में अनुमानित 30,000 से 40,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है।

नशामुक्त भारत पर फोकस होने से इस साल के आयोजन का जुड़ाव एक अहम सार्वजनिक मुद्दे से होगा। इसके बावजूद फेस्टिवल में सामाजिक भागीदारी और सांस्कृतिक एकता पर दिया जाने वाला व्यापक जोर बना रहेगा।

फेस्टिवल की सांस्कृतिक और राजनीतिक पहुंच

इस सालाना कार्यक्रम की शुरुआत तेलंगाना आंदोलन के दिनों में हरियाणा के पूर्व राज्यपाल बंदारू दत्तात्रेय ने की थी।

तब से यह आयोजन अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं, कलाकारों, लेखकों, इतिहासकारों और अलग-अलग समुदायों के लोगों को एक साथ लाता रहा है। यहां तेलंगाना की संस्कृति और परंपराओं का जश्न मनाया जाता है।

दत्तात्रेय ने कहा कि दो दशकों से आयोजित किया जा रहा यह फेस्टिवल एक-दूसरे को गर्मजोशी और अपनापन के साथ गले लगाने की भावना को सामने रखता है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्यक्रम राजनीति से आगे बढ़कर तेलंगाना की सांस्कृतिक परंपराओं को दिखाता है। इसमें स्थानीय कलाकार, लोक नर्तक और ग्रामीण कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देते हैं।

इस तरह फेस्टिवल का घोषित मकसद नशे के इस्तेमाल के खिलाफ अभियान को देश के विकास में लोगों की भागीदारी और तेलंगाना की सांस्कृतिक परंपराओं के सार्वजनिक उत्सव के साथ जोड़ना है।

स्रोत: The Hindu

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अलाई बलाई फेस्टिवल कब और कहां आयोजित होगा?

अलाई बलाई फेस्टिवल का 20वां आयोजन 22 अक्टूबर को नामपल्ली के एग्जिबिशन ग्राउंड्स में होगा।

इस साल फेस्टिवल का मुख्य फोकस क्या रहेगा?

इस साल फेस्टिवल का मुख्य फोकस ‘नशामुक्त भारत’ और ‘विकसित भारत’ पर रहेगा।

कार्यक्रम में किन मुद्दों पर जोर दिया जाएगा?

कार्यक्रम में नशे के इस्तेमाल की समस्या, खास तौर पर युवाओं में नशे की समस्या, और देश के विकास में आम लोगों की भागीदारी पर जोर दिया जाएगा।

फेस्टिवल में कितने लोगों के शामिल होने की संभावना है?

फाउंडेशन के मुताबिक, फेस्टिवल में करीब 30,000 से 40,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है।

अलाई बलाई फेस्टिवल की खासियत क्या है?

यह फेस्टिवल अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं, कलाकारों, लेखकों, इतिहासकारों और समुदायों के लोगों को साथ लाता है और तेलंगाना की संस्कृति व परंपराओं का जश्न मनाता है।

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