धुरी से 70 श्रद्धालु 180 किमी पेट के बल चलकर नैनादेवी पहुंचे
बिलासपुर स्थित शक्तिपीठ श्री नैनादेवी जी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का एक अनोखा उदाहरण देखने को मिला।
बिलासपुर स्थित शक्तिपीठ श्री नैनादेवी जी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का एक अनोखा उदाहरण देखने को मिला। पंजाब के धुरी से करीब 70 श्रद्धालुओं का एक दल लगभग 180 किलोमीटर की कठिन दंडवत यात्रा पूरी कर माता रानी के दरबार पहुंचा। श्रद्धालुओं ने यह सफर पेट के बल चलते हुए तीन दिनों में पूरा किया।
इस पूरी यात्रा के दौरान भक्तों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लगातार पेट के बल चलने से उनके पैरों में छाले पड़ गए। कई श्रद्धालुओं के पैरों में पट्टियां बंधी हुई थीं। इसके बावजूद उनके उत्साह और आस्था में कोई कमी नहीं आई। वे पूरे विश्वास के साथ अपनी यात्रा पूरी करते रहे।
धुरी से नैनादेवी तक करीब 180 किलोमीटर का सफर दंडवत करते हुए तय करना श्रद्धालुओं के लिए आसान नहीं था। श्रद्धालुओं ने बताया कि रास्ते में सड़कें टूटी-फूटी थीं। गर्मी के कारण भी उन्हें काफी दिक्कत हुई। इन परेशानियों के बीच लगातार यात्रा करने से पैरों में छाले पड़ गए और कई भक्तों को पट्टियां बांधनी पड़ीं।
श्रद्धालुओं का कहना था कि माता रानी के प्रति उनका विश्वास ही उन्हें आगे बढ़ाता रहा। उन्होंने बताया कि मां श्री नैना देवी ने ही उन्हें इतनी कठिन यात्रा करने की शक्ति दी। उनके मुताबिक, माता रानी के आशीर्वाद के बिना इस तरह की यात्रा पूरी करना संभव नहीं है।
श्रद्धालुओं ने कहा कि रास्ते की परेशानियों, टूटी-फूटी सड़कों और गर्मी के बावजूद उनका भरोसा बना रहा। पैरों में छाले होने और पट्टियां बंधी होने के बाद भी उन्होंने यात्रा बीच में नहीं छोड़ी। तीन दिनों के बाद वे मां के चरणों में पहुंचे और अपनी दंडवत यात्रा पूरी की।
श्री नैनादेवी जी के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था देशभर में प्रसिद्ध है। इसी आस्था के चलते कई भक्त कठिन से कठिन धार्मिक यात्राएं कर माता रानी के दरबार में हाजिरी लगाते हैं। धुरी से पहुंचे इन श्रद्धालुओं ने भी अपनी भक्ति और समर्पण का अनूठा उदाहरण पेश किया।
श्रद्धालुओं ने माता रानी से प्रार्थना की कि उन्हें आगे भी इसी तरह शक्ति और आशीर्वाद मिलता रहे। उन्होंने कहा कि मां की कृपा बनी रहे, ताकि वे लगातार माता के दरबार में अपनी हाजिरी लगा सकें।
इस अनूठी दंडवत यात्रा को देखकर मंदिर पहुंचे अन्य श्रद्धालु भी भावुक नजर आए। उन्होंने इन भक्तों की अटूट आस्था और समर्पण को देखा। पैरों में छाले और पट्टियां होने के बावजूद यात्रा पूरी करने वाले श्रद्धालुओं की भक्ति ने वहां मौजूद लोगों को प्रभावित किया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
धुरी से नैनादेवी तक कितने श्रद्धालु दंडवत यात्रा पर पहुंचे?
पंजाब के धुरी से करीब 70 श्रद्धालु दंडवत यात्रा कर नैनादेवी पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने 180 किलोमीटर की यात्रा कैसे पूरी की?
उन्होंने करीब 180 किलोमीटर का सफर पेट के बल चलते हुए तीन दिनों में पूरा किया।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किन परेशानियों का सामना करना पड़ा?
रास्ते में टूटी-फूटी सड़कें और गर्मी की वजह से उन्हें दिक्कत हुई। लगातार चलने से पैरों में छाले पड़ गए और कई भक्तों को पट्टियां बांधनी पड़ीं।
श्रद्धालुओं ने यात्रा बीच में क्यों नहीं छोड़ी?
श्रद्धालुओं ने कहा कि माता रानी में उनका विश्वास और आशीर्वाद ही उन्हें आगे बढ़ाता रहा।
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