श्रावस्ती में दलित कमलेश की मौत: हफ्तेभर बाद भी 7 आरोपी गिरफ्तार नहीं
श्रावस्ती के गिलौला थाना क्षेत्र के सिसवारा मदारपुरवा में दलित कमलेश की मौत के मामले में पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
श्रावस्ती के गिलौला थाना क्षेत्र के सिसवारा मदारपुरवा में दलित कमलेश की मौत के मामले में पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना के करीब एक सप्ताह बाद भी हत्या समेत गंभीर धाराओं में नामजद किए गए 7 आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
परिजनों की ओर से सात लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामला दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसी वजह से पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
तस्वीरें श्रावस्ती के गिलौला थाना क्षेत्र के सिसवारा मदारपुरवा की हैं। यहीं करीब एक सप्ताह पहले 50 वर्षीय दलित कमलेश की मौत के बाद मामला गरमा गया था। कमलेश की मौत के मामले में परिजनों ने सात लोगों के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि कार्रवाई में देरी होने के चलते नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। परिवार का कहना है कि आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए। इसके साथ ही परिवार ने पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग भी की है।
मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया है। वहीं, राजस्व विभाग के लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को निलंबित किया गया है।
एक तरफ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है और राजस्व विभाग के दो कर्मचारियों को निलंबित किया गया है, लेकिन दूसरी तरफ हत्या के मामले में नामजद सातों आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सात नामजद आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों हैं? क्या आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी? क्या मामले में हुई कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच की जाएगी? इन सवालों के जवाब का इंतजार पीड़ित परिवार को है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कमलेश की मौत का मामला कहां का है?
यह मामला श्रावस्ती के गिलौला थाना क्षेत्र के सिसवारा मदारपुरवा का है।
कमलेश की मौत के मामले में कितने आरोपी नामजद हैं?
परिजनों ने हत्या समेत गंभीर धाराओं में सात लोगों को नामजद किया है।
घटना के करीब एक सप्ताह बाद आरोपियों की क्या स्थिति है?
घटना के करीब एक सप्ताह बाद भी सातों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
मामले में पुलिस और राजस्व विभाग के किन कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई?
थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को निलंबित किया गया है।
पीड़ित परिवार ने क्या मांग की है?
परिवार ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पुलिस की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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